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Jhansi: महज 400 रुपये के लिए मौसेरे भाई ने की थी किशोर की हत्या, घर के पास स्थित कुएं से बरामद हुआ था शव
Wed, 29 Jul 2026 02:21 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Updated Wed, 29 Jul 2026 02:21 AM IST
सार
अंकित का शव उसके घर से महज 100 मीटर दूर स्थित पक्के कुएं से बरामद हुआ था। हैरानी की बात यह रही कि करीब 24 घंटे तक किसी को इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि शव उसी कुएं में पड़ा है।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : विभाग।
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विस्तार
बबीना थाना क्षेत्र के खजराहा बुजुर्ग गांव में 15 वर्षीय अंकित अहिरवार की हत्या के मामले का पुलिस ने आठ दिन बाद खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में उसके मौसेरे भाई आशिक (20) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि मजदूरी के 400 रुपये के विवाद में उसने अंकित की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सना पत्थर भी बरामद कर लिया है।
खजराहा बुजुर्ग निवासी कोमल अहिरवार का सबसे छोटा बेटा अंकित 11वीं का छात्र था। पढ़ाई के साथ वह मजदूरी भी करता था। 19 जुलाई की शाम वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास तलाश करने के बाद बबीना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन गांव के एक पक्के कुएं से उसका शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में सिर पर भारी पत्थर से वार कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अंकित अपने मौसेरे भाई आशिक के साथ बदौरा में मजदूरी करने जाता था। पुलिस ने जब आशिक के मोबाइल की जांच की तो उसके फोन से अंकित की कॉल हिस्ट्री डिलीट मिली। हालांकि, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) में 19 जुलाई को दोनों के बीच कई बार बातचीत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस का शक गहरा गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आशिक ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
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आरोपी ने पुलिस को बताया कि दोनों ने साथ काम किया था। काम के बदले अंकित को 1200 रुपये मिले थे, जिनमें से 400 रुपये उसे मिलने थे। अंकित लगातार पैसे मिलने से इन्कार कर रहा था। 19 जुलाई को दोनों की कुएं के पास मुलाकात हुई। रुपये मांगने पर विवाद बढ़ गया और गुस्से में उसने पास पड़ा पत्थर उठाकर अंकित के सिर पर कई वार कर दिए। अंकित के लहूलुहान होकर गिरने के बाद उसने शव को कुएं में फेंक दिया और मौके से भाग निकला। क्षेत्राधिकारी सदर प्रिया सिंह ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर बरामद कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
गुमराह करने के लिए गढ़ी झूठी कहानी
हत्या के बाद आशिक सामान्य तरीके से घर लौट आया। जब देर शाम तक अंकित घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उससे पूछताछ की। आशिक की मां और अंकित की मां सगी बहनें हैं तथा दोनों के घर आसपास ही हैं। परिजनों को गुमराह करने के लिए आशिक ने झूठी कहानी गढ़ते हुए कहा कि क्रिकेट खेलने के दौरान अंकित का कुछ लड़कों से विवाद हो गया था, जिसके बाद वह वहां से चला गया। खोजबीन के दौरान भी वह परिजनों के साथ नहीं निकला।
घर से 100 मीटर दूर कुएं में पड़ा रहा शव
अंकित का शव उसके घर से महज 100 मीटर दूर स्थित पक्के कुएं से बरामद हुआ था। हैरानी की बात यह रही कि करीब 24 घंटे तक किसी को इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि शव उसी कुएं में पड़ा है। कुएं के पास अंकित की चप्पल भी मिली थी लेकिन किसी ने भीतर झांककर देखने की जरूरत नहीं समझी। इससे शव मिलने में देर हो गई।
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खजराहा बुजुर्ग निवासी कोमल अहिरवार का सबसे छोटा बेटा अंकित 11वीं का छात्र था। पढ़ाई के साथ वह मजदूरी भी करता था। 19 जुलाई की शाम वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास तलाश करने के बाद बबीना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन गांव के एक पक्के कुएं से उसका शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में सिर पर भारी पत्थर से वार कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अंकित अपने मौसेरे भाई आशिक के साथ बदौरा में मजदूरी करने जाता था। पुलिस ने जब आशिक के मोबाइल की जांच की तो उसके फोन से अंकित की कॉल हिस्ट्री डिलीट मिली। हालांकि, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) में 19 जुलाई को दोनों के बीच कई बार बातचीत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस का शक गहरा गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आशिक ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
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आरोपी ने पुलिस को बताया कि दोनों ने साथ काम किया था। काम के बदले अंकित को 1200 रुपये मिले थे, जिनमें से 400 रुपये उसे मिलने थे। अंकित लगातार पैसे मिलने से इन्कार कर रहा था। 19 जुलाई को दोनों की कुएं के पास मुलाकात हुई। रुपये मांगने पर विवाद बढ़ गया और गुस्से में उसने पास पड़ा पत्थर उठाकर अंकित के सिर पर कई वार कर दिए। अंकित के लहूलुहान होकर गिरने के बाद उसने शव को कुएं में फेंक दिया और मौके से भाग निकला। क्षेत्राधिकारी सदर प्रिया सिंह ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर बरामद कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
गुमराह करने के लिए गढ़ी झूठी कहानी
हत्या के बाद आशिक सामान्य तरीके से घर लौट आया। जब देर शाम तक अंकित घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उससे पूछताछ की। आशिक की मां और अंकित की मां सगी बहनें हैं तथा दोनों के घर आसपास ही हैं। परिजनों को गुमराह करने के लिए आशिक ने झूठी कहानी गढ़ते हुए कहा कि क्रिकेट खेलने के दौरान अंकित का कुछ लड़कों से विवाद हो गया था, जिसके बाद वह वहां से चला गया। खोजबीन के दौरान भी वह परिजनों के साथ नहीं निकला।
घर से 100 मीटर दूर कुएं में पड़ा रहा शव
अंकित का शव उसके घर से महज 100 मीटर दूर स्थित पक्के कुएं से बरामद हुआ था। हैरानी की बात यह रही कि करीब 24 घंटे तक किसी को इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि शव उसी कुएं में पड़ा है। कुएं के पास अंकित की चप्पल भी मिली थी लेकिन किसी ने भीतर झांककर देखने की जरूरत नहीं समझी। इससे शव मिलने में देर हो गई।