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Jhansi News: कागजों में प्रतिबंध, बाजार में खुलेआम इस्तेमाल हो रही प्रतिबंधित पॉलिथीन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:31 AM IST
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झांसी। प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बावजूद महानगर के बाजारों में खुलेआम इसका उपयोग और बिक्री जारी है। फल-सब्जी के ठेलों से लेकर किराना बाजार तक में प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही सामान दिया जा रहा है। वहीं, नगर निगम साढ़े पांच महीने में सिर्फ 30 किलो पॉलिथीन जब्त कर पाया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक और प्रतिबंधित श्रेणी की पॉलिथीन के उपयोग और बिक्री पर सरकार ने रोक लगा रखी है।
रविवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में हमारी टीम ने पड़ताल की तो खुलेआम प्रतिबंधित पॉलिथीन का इस्तेमाल होते मिला। यहां नरिया बाजार में फल और सब्जी की बिक्री प्रतिबंधित पॉलिथीन में की जा रही थी। इसी तरह, मालिनों का चौराहा के पास से लेकर बड़ा बाजार तक यही स्थिति देखने को मिली। वहीं, बीकेडी, इलाइट चौराहा, आशिक चौराहा, चित्रा चौराहा में भी फल-सब्जी लोग प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही ले जाते दिखे। इसके अलावा मिशन कंपाउंड, सीपरी बाजार आदि स्थानों पर किराना व्यापारी भी प्रतिबंधित पॉलिथीन में ग्राहकों को सामान देखे दिखे।
हर साल 5500 से 6000 टन प्लास्टिक कचरा निकलता: डॉ. स्मृति
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्मृति त्रिपाठी ने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीशकरण, उपभोक्तावाद और एकल उद्योग प्लास्टिक (पॉलिथीन) के बढ़ते प्रयोग से झांसी महानगर में प्लास्टिक कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार झांसी जैसे बड़े टियर-3 शहरों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 0.45 किलोग्राम नगर ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है, इसमें लगभग पांच से सात प्रतिशत प्लास्टिक होता है। उपलब्ध जनसंख्या आंकड़ों और कचरे की संरचना के आधार पर किए गए अनुमानों से संकेत मिलता है कि झांसी महानगर में प्रतिवर्ष लगभग 5500 से 6000 टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है। इसमें अधिकतर मात्रा पॉलिथीन की होती है।
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इस तरह हानिकारक है प्रतिबंधित पॉलिथीन
- पॉलिथीन से जमीन की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती।
- खुले में पॉलिथीन जलाने से विषैली गैसें निकलती हैं।
- वायु प्रदूषण बढ़ने से श्वसन रोग, एलर्जी आदि का खतरा बढ़ता है।
- पॉलिथीन और पैकेजिंग सामग्री नालियों को अवरुद्ध कर सकती हैं।
जनवरी से अब तक 30 किलो प्रतिबंधित पॉलिथीन जब्त की गई है। साथ ही इसकी बिक्री करने पर ढाई लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत सोमवार से 31 जुलाई तक लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनीत कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।
रविवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में हमारी टीम ने पड़ताल की तो खुलेआम प्रतिबंधित पॉलिथीन का इस्तेमाल होते मिला। यहां नरिया बाजार में फल और सब्जी की बिक्री प्रतिबंधित पॉलिथीन में की जा रही थी। इसी तरह, मालिनों का चौराहा के पास से लेकर बड़ा बाजार तक यही स्थिति देखने को मिली। वहीं, बीकेडी, इलाइट चौराहा, आशिक चौराहा, चित्रा चौराहा में भी फल-सब्जी लोग प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही ले जाते दिखे। इसके अलावा मिशन कंपाउंड, सीपरी बाजार आदि स्थानों पर किराना व्यापारी भी प्रतिबंधित पॉलिथीन में ग्राहकों को सामान देखे दिखे।
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हर साल 5500 से 6000 टन प्लास्टिक कचरा निकलता: डॉ. स्मृति
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्मृति त्रिपाठी ने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीशकरण, उपभोक्तावाद और एकल उद्योग प्लास्टिक (पॉलिथीन) के बढ़ते प्रयोग से झांसी महानगर में प्लास्टिक कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार झांसी जैसे बड़े टियर-3 शहरों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 0.45 किलोग्राम नगर ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है, इसमें लगभग पांच से सात प्रतिशत प्लास्टिक होता है। उपलब्ध जनसंख्या आंकड़ों और कचरे की संरचना के आधार पर किए गए अनुमानों से संकेत मिलता है कि झांसी महानगर में प्रतिवर्ष लगभग 5500 से 6000 टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है। इसमें अधिकतर मात्रा पॉलिथीन की होती है।
इस तरह हानिकारक है प्रतिबंधित पॉलिथीन
- पॉलिथीन से जमीन की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती।
- खुले में पॉलिथीन जलाने से विषैली गैसें निकलती हैं।
- वायु प्रदूषण बढ़ने से श्वसन रोग, एलर्जी आदि का खतरा बढ़ता है।
- पॉलिथीन और पैकेजिंग सामग्री नालियों को अवरुद्ध कर सकती हैं।
जनवरी से अब तक 30 किलो प्रतिबंधित पॉलिथीन जब्त की गई है। साथ ही इसकी बिक्री करने पर ढाई लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत सोमवार से 31 जुलाई तक लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनीत कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।