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Jhansi: जीजा-सरहज ने एक साथ जहर निगलकर दी जान, प्रेम संबंध के बाद उठाया आत्मघाती कदम

अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Sat, 02 May 2026 02:52 AM IST
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सार

परिजनों का कहना है कि मस्तराम और कल्पना के बीच किसी बात पर विवाद हो गया। उसके बाद दोनों ने साथ में जहर निगल लिया। नाजुक हाल में इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। सुबह दोनों की मौत हो गई। 

Jhansi: Brother-in-law and sister-in-law committed suicide by swallowing poison together
जहर गटकने से जीजा और सरहज की मौत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

शिवपुरी (मध्य प्रदेश) में जीजा ने प्रेमिका सरहज के साथ जहर निगल लिया। दोनों को अचेत हाल में मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह दोनों ने दम तोड़ दिया। परिवार में दो मौत होने से रोना-पिटना मचा है।
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शिवपुरी के दुर्गापुर गांव का मस्तराम (32) अभी पढ़ाई कर रहा था। परिजनों ने बताया कि करीब छह साल पहले उसकी शादी मायापुर थाना क्षेत्र निवासी गेंदाबाई से हुई थी। गेंदाबाई के भाई भागीरथ की बीमारी से मौत हो चुकी है। उसकी पत्नी कल्पना (29) बेटे के साथ अकेली रहती थी। ससुराल आने-जाने के दौरान मस्तराम अपनी सरहज कल्पना के करीब आ गया। अक्सर कल्पना से मिलने ससुराल पहुंचने लगा। बृहस्पतिवार को उसे फोन करके ससुराल बुलाया। कल्पना अकेली थी।
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दोनों के बीच हुआ था विवाद
परिजनों का कहना है कि मस्तराम और कल्पना के बीच किसी बात पर विवाद हो गया। उसके बाद दोनों ने साथ में जहर निगल लिया। कुछ देर बाद जब उसके ससुर रामकिशन पहुंचे, तब दोनों अचेत हाल में जमीन पर पड़े थे। यह देखकर उन्होंने शोर मचाया। दोनों को परिजन तुरंत लेकर झांसी मेडिकल अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जहर निगलने की पुष्टि की। नाजुक हाल में इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। सुबह दोनों की मौत हो गई। थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि पोस्टमार्टम कराने पर जहर निगलने से मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट शिवपुरी पुलिस को भेज दी जाएगी। आगे की कार्रवाई वहां से होगी।

मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
मस्तराम एवं कल्पना की मौत से उनके बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कल्पना का नौ साल का बेटा है। पिता की मौत के बाद मां कल्पना ही उसका इकलौता सहारा थी। उसकी मौत से वह बेसहारा हो गया। मां के शव से लिपटकर वह बिलखता रहा। वहीं, मस्तराम के भी दो छोटे बच्चे हैं। इसमें तीन साल की बेटी एवं पांच साल का बेटा है। मस्तराम भी परिवार का इकलौता पुत्र था।
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