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Jhansi: जन्म-मृत्यु पोर्टल में सेंधमारी, सात प्रमाणपत्र निकले फर्जी, सीएमओ ने सीएचसी से तलब किए रिकॉर्ड
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 02:10 AM IST
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सार
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सीएचसी चिरगांव के नाम से तीन, सीएचसी झांसी के नाम से एक और सीएचसी शमसाबाद से बना एक जन्म प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया।
सीएमओ, कार्यालय, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पोर्टल जालसाजों के निशाने पर है। पोर्टल में सेंधमारी कर फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करने का खेल चल रहा है। इस सेंधमारी के जरिये तैयार फर्जी जन्म प्रमाण पत्र पहले भी पकड़े जा चुके है। अब चिरगांव में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। आधार कार्ड बनवाने के लिए जमा किए गए सात जन्म प्रमाण पत्र फर्जी निकले। अभिभावक सत्यापन कराने चिरगांव स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, वहां इनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया कि ये सभी आसपास के जनसेवा केंद्र (सीएससी) से बनवाए गए। अभिभावकों ने भी यह बात स्वीकार की है। शक के दायरे में आए केंद्रों की जांच शुरू कराई गई है। अपर जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने सीएचसी अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है।
करइयनपुरा, करगुवां, धमना खुर्द, तालौड़ और शमसाबाद के अभिभावकों ने चिरगांव सीएचसी में शिकायत की थी कि उनके बच्चों के आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। जनसेवा केंद्र संचालक जन्म प्रमाण-पत्र को फर्जी बता रहे हैं। इसके बाद सीएचसी चिरगांव में इन प्रमाण-पत्रों की जांच कराने में यह फर्जी निकले। विभागीय रिकॉर्ड से मिलान करने पर इनका कोई प्रमाण नहीं मिला, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। सभी संदिग्ध जन्म प्रमाण-पत्र जब्त कर लिए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सीएचसी चिरगांव के नाम से तीन, सीएचसी झांसी के नाम से एक और सीएचसी शमसाबाद से बना एक जन्म प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया। वहीं, नोडल अधिकारी (जन्म-मृत्यु) एवं एसीएमओ डॉ. केएनएन त्रिपाठी ने बताया कि फर्जी प्रमाण-पत्रों के कई मामले संज्ञान में आए हैं। संबंधित पते पर जाकर अभिभावकों से जानकारी जुटाने और प्रमाण-पत्र बनाने वाले केंद्रों की पहचान करने को कहा गया है। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
आईडी हैक करके बनाए गए थे 2415 प्रमाण-पत्र
कुछ माह पहले बड़ागांव के ग्राम पंचायत सचिव की आईडी हैक करके जालसाजों ने 2415 जन्म प्रमाण पत्र बना दिए थे। यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। सितंबर में कोरवा, वनगुवां और दिगारा गांव के पते से 2415 जन्म प्रमाण-पत्र जारी कर दिए थे हालांकि मामले की जानकारी सामने आने के बाद सभी प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए गए। लगातार सामने आ रहे फर्जीवाड़े ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले की भी जांच कराई गई थी लेकिन, करीब पांच माह बीत जाने के बाद भी इसकी जांच पूरी नहीं हो सकी।
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आईडी हैक करके बनाए गए थे 2415 प्रमाण-पत्र
कुछ माह पहले बड़ागांव के ग्राम पंचायत सचिव की आईडी हैक करके जालसाजों ने 2415 जन्म प्रमाण पत्र बना दिए थे। यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। सितंबर में कोरवा, वनगुवां और दिगारा गांव के पते से 2415 जन्म प्रमाण-पत्र जारी कर दिए थे हालांकि मामले की जानकारी सामने आने के बाद सभी प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए गए। लगातार सामने आ रहे फर्जीवाड़े ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले की भी जांच कराई गई थी लेकिन, करीब पांच माह बीत जाने के बाद भी इसकी जांच पूरी नहीं हो सकी।