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Jhansi News: पिता के सामने पांच साल के इकलौते बेटे को एंबुलेंस ने रौंदा, मौत
Mon, 10 Aug 2026 02:22 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 10 Aug 2026 02:22 AM IST
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झांसी। चिरगांव थाना क्षेत्र में रविवार सुबह झांसी-कानपुर हाईवे पार करते समय तेज रफ्तार एंबुलेंस ने पांच साल के मासूम को पिता की आंखों के सामने रौंद डाला। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चा करीब दस फीट उछलकर सड़क पर जा गिरा। हादसे के बाद चालक एंबुलेंस लेकर मौके से भाग गया। परिजन लहूलुहान हालत में
बच्चे को मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस एंबुलेंस और उसके चालक की तलाश में जुटी है।
करगुआं गांव निवासी राघवेंद्र राजपूत खेती-किसानी करते हैं। परिवार में पत्नी अंजू समेत आठ साल की बेटी नित्या और पांच साल का बेटा रणवीर थे। रणवीर चिरगांव के बचपन स्कूल में नर्सरी में पढ़ता था। रविवार को स्कूल बंद होने के कारण दोनों बच्चे सुबह गांव में घर से करीब 500 मीटर दूर ट्यूशन पढ़ने गए थे। बिलखते हुए राघवेंद्र ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे ट्यूशन की छुट्टी होने के बाद वह दोनों बच्चों को लेकर घर लौट रहे थे। झांसी-कानपुर हाईवे पार करते समय रणवीर उनसे कुछ कदम आगे निकल गया। इसी दौरान तेज रफ्तार एंबुलेंस ने उसे पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही रणवीर उछलकर सड़क पर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एंबुलेंस की रफ्तार काफी तेज थी। हादसे के बाद भी चालक ने ब्रेक नहीं लगाया। वाहन लेकर मौके से भाग गया। थाना प्रभारी बलिराज शाही के मुताबिक वाहन चालक की तलाश कराई जा रही है।
टोल पर भी नहीं रोकी एंबुलेंस
हादसे के बाद चालक एंबुलेंस की रफ्तार बढ़ाकर भाग निकला। घटना स्थल के पास मौजूद लोगों ने बताया कि
कुछ दूरी पर टोल प्लाजा होने के बावजूद एंबुलेंस की रफ्तार कम नहीं हुई। पुलिस हाईवे और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
इकलौते बेटे की मौत की खबर से बेसधु हुई मां
रणवीर परिवार का इकलौता बेटा था। हादसे के कुछ देर बाद जब घर पर उसकी मौत की खबर पहुंची, उस समय मां अंजू खाना बनाने में जुटी हुई थी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां अंजू बेसुध हो गईं। कुछ देर बाद होश आने के बाद भी वह सिर्फ रणवीर को ही पुकार रही थी। परिजनों का कहना है परिवार में सबसे छोटा होने के कारण रणवीर सभी का लाडला था। पिता की आंखों के सामने बेटे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।
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बच्चे को मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस एंबुलेंस और उसके चालक की तलाश में जुटी है।
करगुआं गांव निवासी राघवेंद्र राजपूत खेती-किसानी करते हैं। परिवार में पत्नी अंजू समेत आठ साल की बेटी नित्या और पांच साल का बेटा रणवीर थे। रणवीर चिरगांव के बचपन स्कूल में नर्सरी में पढ़ता था। रविवार को स्कूल बंद होने के कारण दोनों बच्चे सुबह गांव में घर से करीब 500 मीटर दूर ट्यूशन पढ़ने गए थे। बिलखते हुए राघवेंद्र ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे ट्यूशन की छुट्टी होने के बाद वह दोनों बच्चों को लेकर घर लौट रहे थे। झांसी-कानपुर हाईवे पार करते समय रणवीर उनसे कुछ कदम आगे निकल गया। इसी दौरान तेज रफ्तार एंबुलेंस ने उसे पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही रणवीर उछलकर सड़क पर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एंबुलेंस की रफ्तार काफी तेज थी। हादसे के बाद भी चालक ने ब्रेक नहीं लगाया। वाहन लेकर मौके से भाग गया। थाना प्रभारी बलिराज शाही के मुताबिक वाहन चालक की तलाश कराई जा रही है।
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टोल पर भी नहीं रोकी एंबुलेंस
हादसे के बाद चालक एंबुलेंस की रफ्तार बढ़ाकर भाग निकला। घटना स्थल के पास मौजूद लोगों ने बताया कि
कुछ दूरी पर टोल प्लाजा होने के बावजूद एंबुलेंस की रफ्तार कम नहीं हुई। पुलिस हाईवे और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
इकलौते बेटे की मौत की खबर से बेसधु हुई मां
रणवीर परिवार का इकलौता बेटा था। हादसे के कुछ देर बाद जब घर पर उसकी मौत की खबर पहुंची, उस समय मां अंजू खाना बनाने में जुटी हुई थी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां अंजू बेसुध हो गईं। कुछ देर बाद होश आने के बाद भी वह सिर्फ रणवीर को ही पुकार रही थी। परिजनों का कहना है परिवार में सबसे छोटा होने के कारण रणवीर सभी का लाडला था। पिता की आंखों के सामने बेटे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।
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