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Jhansi: मंडल की आशा कार्यकर्ताओं का मंडलायुक्त दफ्तर पर हल्ला बोल, इन मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 10 Jan 2026 10:23 AM IST
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सार
आशा कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन परिसर से नारेबाजी करते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचीं, जहां जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और नौकरशाही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंडलभर की आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि उन्हें काम के हिसाब से नहीं बल्कि अब राज्य कर्मियों का दर्जा दिया जाए। उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए माफी की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
उप्र. आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर आशा कार्यकर्ता लंबित मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को आशा कार्यकर्ताओं ने मंडलायुक्त कार्यालय पर हल्ला बोल प्रदर्शन किया। ललितपुर की आशा कार्यकर्ता कर्मचारी महासंघ की जिलाध्यक्ष आशा यादव के नेतृत्व में सैकड़ों आशा कार्यकर्ता ट्रेन से झांसी स्टेशन पहुंचीं। विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रेलवे स्टेशन पर बंगरा व राजापुर ब्लॉक की कई आशा कार्यकर्ता भी पहुंचीं।
आशा कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन परिसर से नारेबाजी करते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचीं, जहां जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और नौकरशाही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। 23 दिसंबर को शासन ने मांगों पर विचार करने और त्वरित समाधान का भरोसा दिया। बावजूद इसके अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। कहा कि उप-मुख्यमंत्री की टिप्पणी से आशा कार्यकर्ता अपमानित महसूस कर रही हैं।
यह हैं प्रमुख मांगें
भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुसार सरकारी कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत किया जाए
आशा कार्यकर्ताओं को ईपीएफ, ईएसआई का सदस्य बनाया जाए।
सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
10 लाख स्वास्थ्य बीमा व 50 लाख का जीवन बीमा हो।
बेहतर कार्य दशा उपलब्ध कराते हुए कार्य की सीमा तय हो।
आशा कार्यकर्ताओं को 21 हजार, आशा संगिनी को 28 हजार रुपये मानदेय मिले।
आशा संगिनी कर्मियों को भ्रमण भत्ता दिया जाए। स्कूटी उपलब्ध कराई जाए।
प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ता...
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उप्र. आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर आशा कार्यकर्ता लंबित मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को आशा कार्यकर्ताओं ने मंडलायुक्त कार्यालय पर हल्ला बोल प्रदर्शन किया। ललितपुर की आशा कार्यकर्ता कर्मचारी महासंघ की जिलाध्यक्ष आशा यादव के नेतृत्व में सैकड़ों आशा कार्यकर्ता ट्रेन से झांसी स्टेशन पहुंचीं। विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रेलवे स्टेशन पर बंगरा व राजापुर ब्लॉक की कई आशा कार्यकर्ता भी पहुंचीं।
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आशा कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन परिसर से नारेबाजी करते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचीं, जहां जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और नौकरशाही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। 23 दिसंबर को शासन ने मांगों पर विचार करने और त्वरित समाधान का भरोसा दिया। बावजूद इसके अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। कहा कि उप-मुख्यमंत्री की टिप्पणी से आशा कार्यकर्ता अपमानित महसूस कर रही हैं।
यह हैं प्रमुख मांगें
भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुसार सरकारी कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत किया जाए
आशा कार्यकर्ताओं को ईपीएफ, ईएसआई का सदस्य बनाया जाए।
सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
10 लाख स्वास्थ्य बीमा व 50 लाख का जीवन बीमा हो।
बेहतर कार्य दशा उपलब्ध कराते हुए कार्य की सीमा तय हो।
आशा कार्यकर्ताओं को 21 हजार, आशा संगिनी को 28 हजार रुपये मानदेय मिले।
आशा संगिनी कर्मियों को भ्रमण भत्ता दिया जाए। स्कूटी उपलब्ध कराई जाए।
प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ता...
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