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लाल डायरी का राज: सट्टे ने खोले कई ‘कोडेड’ चेहरे, एन-70 से 'मामा' और 'जीजा' तक इन गुप्त नामों में चलता था खेल
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 30 Apr 2026 02:14 PM IST
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सार
झांसी में पकड़े गए ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले बड़े गिरोह को लेकर कई खुलासे हुए हैं। गिरोह के पास मिली लाल डायरी में राज दफन हैं। डायरी ने सट्टे ने कई ‘कोडेड’ चेहरे खोले हैं। एन-70 से 'मामा' और 'जीजा' तक इन गुप्त नामों में खेल चलता था। मोबाइल ही पुलिस का सबसे बड़ा मुखबिर बना।
jhansi betting racket
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
एक लाल डायरी… छह रजिस्टर… और उनमें दर्ज करोड़ों के लेनदेन। जब पुलिस ने सटोरिया शुभम उपाध्याय के ठिकाने से ये दस्तावेज खंगाले, तो खुद अफसर भी हैरान रह गए। आंकड़े 100 करोड़ रुपये से ऊपर के थे और हर पन्ने में छिपा था एक नया राज।
सबसे दिलचस्प था ‘कोड वर्ड’ का खेल। असली नाम गायब थे, उनकी जगह लिखे थे- एन-70, वी-407, ‘मामा’, ‘जीजा’, ‘पप्पू’, ‘न्यू लाला’ जैसे रहस्यमयी पहचान। इन्हीं कोड नामों के जरिये रोजाना लाखों का हिसाब-किताब चलता था। पुलिस को शक है कि इन कोड के पीछे कई बड़े और सफेदपोश चेहरे छिपे हो सकते हैं।
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सबसे दिलचस्प था ‘कोड वर्ड’ का खेल। असली नाम गायब थे, उनकी जगह लिखे थे- एन-70, वी-407, ‘मामा’, ‘जीजा’, ‘पप्पू’, ‘न्यू लाला’ जैसे रहस्यमयी पहचान। इन्हीं कोड नामों के जरिये रोजाना लाखों का हिसाब-किताब चलता था। पुलिस को शक है कि इन कोड के पीछे कई बड़े और सफेदपोश चेहरे छिपे हो सकते हैं।
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पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कहानी और उलझती जा रही है। अफसरों का कहना है कि शुभम के संपर्क सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं थे। उसकी पहुंच सियासत, कारोबार और यहां तक कि खाकी वर्दी तक बताई जा रही है।
लाल रजिस्टर के पन्ने नंबर 28 ने तो और भी चौंकाया। इसमें सूरज, हर्ष, गोलू, कालू, रोहित, नीतेश, दिनेश, संजय, सनी, गोपाल, रवि, प्रेम, अजय-विजय जैसे नाम दर्ज मिले हैं। अब पुलिस इन नामों के पीछे छिपे असली चेहरों की तलाश में जुट गई है।
मोबाइल बना ‘खामोश गवाह’
शुभम और उसके साथियों के मोबाइल अब पुलिस के सबसे भरोसेमंद मुखबिर बन चुके हैं। कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और लंबी बातचीत के डेटा ने कई नए दरवाजे खोल दिए हैं। खासकर पिछले एक महीने में जिन नंबरों से सबसे ज्यादा बातचीत हुई, वे अब जांच के केंद्र में हैं और इनमें कुछ राजनीतिक कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं।
शुभम और उसके साथियों के मोबाइल अब पुलिस के सबसे भरोसेमंद मुखबिर बन चुके हैं। कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और लंबी बातचीत के डेटा ने कई नए दरवाजे खोल दिए हैं। खासकर पिछले एक महीने में जिन नंबरों से सबसे ज्यादा बातचीत हुई, वे अब जांच के केंद्र में हैं और इनमें कुछ राजनीतिक कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं।
‘बड़ी मछली’ कौन?
कुछ दिन पहले विधायक रवि शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिये सवाल उठाया था- बड़ी मछली कब पकड़ी जाएगी? अब जब सट्टेबाजी गिरोह का खुलासा हुआ है, तो यही सवाल सोशल मीडिया पर गूंज रहा है। भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम सामने आने के बाद चर्चाएं और तेज हो गई हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों में बहस छिड़ी है- क्या यही वो ‘बड़ी मछली’ है, या अभी और बड़े नाम सामने आना बाकी हैं?
कुछ दिन पहले विधायक रवि शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिये सवाल उठाया था- बड़ी मछली कब पकड़ी जाएगी? अब जब सट्टेबाजी गिरोह का खुलासा हुआ है, तो यही सवाल सोशल मीडिया पर गूंज रहा है। भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम सामने आने के बाद चर्चाएं और तेज हो गई हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों में बहस छिड़ी है- क्या यही वो ‘बड़ी मछली’ है, या अभी और बड़े नाम सामने आना बाकी हैं?
ऑपरेशन 720 : अब तक पकड़े जा चुके 80 से अधिक सटोरिये
सट्टेबाजों की धरपकड़ के लिए शुरू हुए ऑपरेशन 720 के तहत अब तक 80 से अधिक सटोरिये पकड़े जा चुके हैं। इनमें विवेक यादव समेत नीरज निरंजन, दिलीप सिंह, हरेंद्र परिहार उर्फ लल्ला, राहुल राय, पीयूष, संदीप, भारत सिंह यादव, अजय कुशवाहा, बृजेंद्र राजपूत शामिल हैं।
सट्टेबाजों की धरपकड़ के लिए शुरू हुए ऑपरेशन 720 के तहत अब तक 80 से अधिक सटोरिये पकड़े जा चुके हैं। इनमें विवेक यादव समेत नीरज निरंजन, दिलीप सिंह, हरेंद्र परिहार उर्फ लल्ला, राहुल राय, पीयूष, संदीप, भारत सिंह यादव, अजय कुशवाहा, बृजेंद्र राजपूत शामिल हैं।
इसके साथ ही निशांत यादव उर्फ रोलेक्स, धर्मेंद्र साहू, हर्ष साहू, सत्येंद्र यादव, अरुण यादव, अंकित यादव, नीलेश यादव एवं कुलदीप दिवाकर का नाम सामने आ चुका है। पुलिस इनको भी तलाशने में जुटी है।
रडार पर कई पार्षद भी, दो पार्षद पति को तलाश रही पुलिस
शुभम उपाध्याय के पकड़े जाने के बाद अली गोल से पार्षद राजकुमारी यादव का पति पप्पू यादव एवं छनियापुर से पार्षद अर्चना राय का पति पंकज राय का नाम सामने आया है। ये दोनों अपने घरों से भाग निकले।
शुभम उपाध्याय के पकड़े जाने के बाद अली गोल से पार्षद राजकुमारी यादव का पति पप्पू यादव एवं छनियापुर से पार्षद अर्चना राय का पति पंकज राय का नाम सामने आया है। ये दोनों अपने घरों से भाग निकले।
पुलिस अफसरों का दावा है कि जल्द ही इनको भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस को नगर निगम के कई अन्य पार्षदों के भी नाम मालूम चले हैं। इनमें अधिकांश पार्षद प्रेमनगर एवं कोतवाली इलाके के हैं। पुलिस इनको तलाश रही है।
आईपीएल आरंभ होने के साथ ही पुलिस ने सभी थानों से 970 से अधिक सट्टेबाजों की सूची बनाई है, इनमें पांच पार्षद के नाम सामने आए थे। गिरोह के भंडाफोड़ होने के बाद इनकी संख्या बढ़ गई। प्रेमनगर इलाके में सत्ताधारी दल से जुड़े दो पार्षद का नाम सामने आया।
कुछ दिन पहले पकड़े गए भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष हरेंद्र परिहार एवं विजय परिहार से इन दोनों पार्षदों की दर्जनों बार व्हाट्सएप पर कॉल हिस्ट्री मिली है। आईपीएल शुरू होने के बाद से दोनों पार्षद सटोरियों से दिन में कई बार व्हाट्सएप पर बात करते थे। पुलिस इसके आधार पर इनकी निगहबानी कर रही है। इसी तरह कोतवाली इलाके में पहली बार जीत हासिल करने वाले पार्षद को भी पुलिस तलाश रही है।
