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Jhansi: पांच हजार पौधे लगाए, पांच सौ भी नहीं बचे, सिमरधा डैम के पास पौधरोपण की हकीकत आई सामने

अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Fri, 05 Jun 2026 12:28 PM IST
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सार

सिमरधा डैम के पास वन विभाग ने चार साल पहले पांच हेक्टेयर भूमि पर करीब पांच हजार पौधे लगाए थे। जिसके 90 फीसदी से ज्यादा पौधे देखरेख के अभाव में सूख गए हैं। 
 

Jhansi: Five thousand saplings were planted, but not even five hundred survived
देख रेख न होने पाने से सूखे पौधे। - फोटो : संवाद
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विस्तार

कागजों में पांच हजार पौधे और जमीन पर गिनती के पेड़। ग्वालियर रोड स्थित सिमरधा डैम के पास वन विभाग के पौधरोपण अभियान की जमीनी हकीकत कुछ ऐसी ही नजर आई। हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से लगाए गए अधिकांश पौधे देखरेख के अभाव में सूख गए हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के दावे भी सवालों के घेरे में आ गए हैं।


अमर उजाला टीम ने बुधवार को पहूज नदी के किनारे सिमरधा डैम क्षेत्र में रोपे गए पौधों की पड़ताल की। चार साल पहले वन विभाग ने यहां पांच हेक्टेयर भूमि पर करीब पांच हजार पौधे लगाए थे। इनमें बबूल, बहेड़ा, सहजन, नीम, जामुन, अर्जुन, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसी प्रजातियां शामिल थीं। उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना था।
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मौके पर तस्वीर इसके विपरीत मिली। लगाए गए पौधों में से 500 भी जीवित नहीं बचे हैं। अधिकांश पौधे पानी, सुरक्षा और नियमित देखभाल के अभाव में सूख चुके हैं। जो पेड़ बचे हैं, उनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। कई स्थानों पर केवल सूखी टहनियां और खाली भूमि दिखाई देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पौधरोपण के बाद निगरानी और संरक्षण की व्यवस्था न होने से हर साल बड़ी संख्या में पौधे नष्ट हो जाते हैं। इसका असर पर्यावरण और स्थानीय मौसम पर भी पड़ता है। पेड़ों की कमी से भूमि की नमी घटती है और तापमान बढ़ता है।
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तीन साल में लगाए गए लगभग तीन करोड़ पौधे
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में विभिन्न विभागों ने जिले में लगभग तीन करोड़ पौधे रोपे हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि केवल 10 फीसदी पौधे ही नष्ट हुए हैं, लेकिन सिमरधा डैम का उदाहरण इन दावों पर सवाल खड़े करता है। यहां 90 फीसदी से अधिक पौधे सूख चुके हैं।

पौधों को गोद लेने और निगरानी की जरूरत
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का मानना है कि केवल पौधे लगाने से हरियाली नहीं बढ़ेगी। पौधों को गोद लेने, उनकी नियमित निगरानी और संरक्षण की व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए वन विभाग के साथ सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।

वर्षवार पौधरोपण
वर्ष जनपद मे रोपे गए पौधे
2023 - 1,01,16,173
2024 - 98,70,005
2025 - 99,51,686
कुल - 2,99,37,864

इनका यह है कहना
सिमरधा डैम क्षेत्र में रोपे गए पौधों की जांच कराई जाएगी। जो पौधे सूख गए हैं, उनके स्थान पर नए पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग हर वर्ष लक्ष्य के अनुसार पौधरोपण करता है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण देखभाल में दिक्कत आती है। इस बार पौधों को गोद देने की पहल भी शुरू की जाएगी। - नीरज आर्य, डीएफओ
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