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Jhansi: आय के मामले में झांसी ने और बनाई बढ़त, प्रदेश के शीर्ष-10 जिलों में 8वें स्थान पर
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 30 Apr 2026 12:22 PM IST
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सार
झांसी अब प्रदेश के सबसे अमीर जिलों में से एक बनकर उभर रहा है। बीते चार वर्षों में यहां के नागरिकों की आय में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
प्रति व्यक्ति वार्षिक आय में झांसी अव्वल।
- फोटो : Istock
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विस्तार
बुंदेलखंड के प्रति व्यक्ति वार्षिक आय में झांसी अव्वल है, जबकि बांदा जिला फिसड्डी साबित हुआ है। झांसी अब प्रदेश के सबसे अमीर जिलों में से एक बनकर उभर रहा है। बीते चार वर्षों में यहां के नागरिकों की आय में जबरदस्त इजाफा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के मुकाबले 2024-25 में 46 हजार रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। खास बात यह है कि झांसी ने कई बड़े और प्रभावशाली जिलों को पीछे छोड़ा है, जिनमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से जुड़े जिले भी शामिल हैं।
अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का प्रति व्यक्ति आय का आंकड़ा जारी किया है। झांसी में प्रति व्यक्ति आय अब 1,47,338 रुपये प्रति वर्ष हो गई है, जो पिछले साल 2023-24 के 1,32,008 रुपये से ज्यादा है। 2023-24 में झांसी प्रदेश में 10वें स्थान पर था। इस साल दो पायदान छलांग लगाकर झांसी आठवें स्थान पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा झांसी के विकास और आर्थिक प्रगति को दर्शाता है। औद्योगिक गतिविधियों, बेहतर ढांचा और अन्य आर्थिक कारकों के कारण झांसी की प्रति व्यक्ति आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, बुंदेलखंड में हमीरपुर 11वें स्थान पर है। यहां की प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 1,32,093 रुपये है। जबकि 12वें स्थान के साथ महोबा की प्रति व्यक्ति आय 1,29,500 रुपये है। बुंदेलखंड के सात जिलों में झांसी के बाद इन दोनों जिलों के लोगों की आय में ठीकठाक वृद्धि हुई है।
खनन होने के बावजूद बांदा पीछे जबकि महोबा अव्वल
बुंदेलखंड के बांदा में खनन वृहद स्तर पर होता है। बावजूद इसके प्रति व्यक्ति आय में बुंदेलखंड में सातवें और प्रदेश में 49वें स्थान पर है। इससे यहां की आर्थिक हालात पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जबकि महोबा में भी खनन होता है। महोबा बुंदेलखंड में तीसरे और प्रदेश में 12वें स्थान पर है।
जिले की आय बढ़ने के ये हैं कारण
डिफेंस कॉरिडोर के लिए 1034 हेक्टेयर जमीन ली जा चुकी है, जिनका किसानों को मुआवजा मिला।
बीडा यानी बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया जारी है। इसका मुआवजा किसानों को लगातार दिया जा रहा है।
बाहरी कंपनियां सोलर पार्क के लिए किसानों से लीज पर जमीन ले रही हैं।
साॅफ्ट टॉय और कपड़ों का ओडीओपी में चयन।
बुंदेलखंड के दोनों मंडलों की प्रति व्यक्ति आय की स्थिति
क्रम-जिला-प्रति व्यक्ति आय रुपये-प्रदेश रैंकिंग
1-झांसी-1,47,338-8वें
2-हमीरपुर-1,32093-11वें
3-महोबा-1,29,500-12 वें
4-जालौन-1,08,080-23वें
5-ललितपुर-1,04,945-28वें
6-चित्रकूट-85,031-42वें
7-बांदा-80,489-49वें
प्रदेश का आंकड़ा
रैकिंग-जिला-प्रतिव्यक्ति आय
1-गौतमबुद्धनगर- 12,82,251
2-लखनऊ-2,57142
3-गाजियाबाद-2,56,090
4-सोनभद्र-1,69,563
5-एटा-1,67,476
6-मेरठ-1,65,976
7-कानपुर नगर-1,47,443
8-झांसी-1,47,338
9-आगरा-1,44,605
10-हापुड़-1,35,881
इनका यह है कहना
प्रति व्यक्ति आय के ताजा आंकड़ों में झांसी ने रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की है। बुंदेलखंड में झांसी अव्वल है। वहीं, प्रदेश में भी आठवें स्थान पर है। इससे जाहिर है कि जिला आर्थिक रूप से तेजी से मजबूत होकर आगे बढ़ रहा है। - डॉ. अर्चना सिंह, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी
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अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का प्रति व्यक्ति आय का आंकड़ा जारी किया है। झांसी में प्रति व्यक्ति आय अब 1,47,338 रुपये प्रति वर्ष हो गई है, जो पिछले साल 2023-24 के 1,32,008 रुपये से ज्यादा है। 2023-24 में झांसी प्रदेश में 10वें स्थान पर था। इस साल दो पायदान छलांग लगाकर झांसी आठवें स्थान पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा झांसी के विकास और आर्थिक प्रगति को दर्शाता है। औद्योगिक गतिविधियों, बेहतर ढांचा और अन्य आर्थिक कारकों के कारण झांसी की प्रति व्यक्ति आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, बुंदेलखंड में हमीरपुर 11वें स्थान पर है। यहां की प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 1,32,093 रुपये है। जबकि 12वें स्थान के साथ महोबा की प्रति व्यक्ति आय 1,29,500 रुपये है। बुंदेलखंड के सात जिलों में झांसी के बाद इन दोनों जिलों के लोगों की आय में ठीकठाक वृद्धि हुई है।
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खनन होने के बावजूद बांदा पीछे जबकि महोबा अव्वल
बुंदेलखंड के बांदा में खनन वृहद स्तर पर होता है। बावजूद इसके प्रति व्यक्ति आय में बुंदेलखंड में सातवें और प्रदेश में 49वें स्थान पर है। इससे यहां की आर्थिक हालात पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जबकि महोबा में भी खनन होता है। महोबा बुंदेलखंड में तीसरे और प्रदेश में 12वें स्थान पर है।
जिले की आय बढ़ने के ये हैं कारण
डिफेंस कॉरिडोर के लिए 1034 हेक्टेयर जमीन ली जा चुकी है, जिनका किसानों को मुआवजा मिला।
बीडा यानी बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया जारी है। इसका मुआवजा किसानों को लगातार दिया जा रहा है।
बाहरी कंपनियां सोलर पार्क के लिए किसानों से लीज पर जमीन ले रही हैं।
साॅफ्ट टॉय और कपड़ों का ओडीओपी में चयन।
बुंदेलखंड के दोनों मंडलों की प्रति व्यक्ति आय की स्थिति
क्रम-जिला-प्रति व्यक्ति आय रुपये-प्रदेश रैंकिंग
1-झांसी-1,47,338-8वें
2-हमीरपुर-1,32093-11वें
3-महोबा-1,29,500-12 वें
4-जालौन-1,08,080-23वें
5-ललितपुर-1,04,945-28वें
6-चित्रकूट-85,031-42वें
7-बांदा-80,489-49वें
प्रदेश का आंकड़ा
रैकिंग-जिला-प्रतिव्यक्ति आय
1-गौतमबुद्धनगर- 12,82,251
2-लखनऊ-2,57142
3-गाजियाबाद-2,56,090
4-सोनभद्र-1,69,563
5-एटा-1,67,476
6-मेरठ-1,65,976
7-कानपुर नगर-1,47,443
8-झांसी-1,47,338
9-आगरा-1,44,605
10-हापुड़-1,35,881
इनका यह है कहना
प्रति व्यक्ति आय के ताजा आंकड़ों में झांसी ने रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की है। बुंदेलखंड में झांसी अव्वल है। वहीं, प्रदेश में भी आठवें स्थान पर है। इससे जाहिर है कि जिला आर्थिक रूप से तेजी से मजबूत होकर आगे बढ़ रहा है। - डॉ. अर्चना सिंह, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी
