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Jhansi: फिर सक्रिय हुआ मानसून, एक हफ्ते तक होगी बारिश, आगे भी कभी तेज तो कभी हल्की वर्षा के आसार
Sat, 18 Jul 2026 12:23 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:23 PM IST
सार
शुक्रवार रात में झांसी में अच्छी बारिश हुई। देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम विभाग ने एक हफ्ते तक बारिश के आसार जताए हैं।
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शुक्रवार शाम झांसी में होती बारिश।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बंगाल की खाड़ी में हवाओं के निम्न दाब का क्षेत्र बनने के बाद अब फिर से मानसून सक्रिय हो गया है। शुक्रवार रात में झांसी में अच्छी बारिश हुई। देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम विभाग ने एक हफ्ते तक बारिश के आसार जताए हैं। ऐसे में लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है।
पिछले कुछ दिनों से राजस्थान की ओर से आने वाले शुष्क हवा के चलते वातावरण में नमी कम होने से मानसून पर ब्रेक लग गया था। ऐसे में तापमान में इजाफा होने लगा था। लोगों का उमस से हाल बेहाल था लेकिन शुक्रवार शाम पांच बजे के आसपास आसमान में घने काले बादल छाने शुरू हो गए। रात करीब आठ बजते-बजते झमाझम बारिश होने लगी। रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश देर रात तक जारी रही। बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई। मौसम केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में हवाओं के निम्न दाब का क्षेत्र बनने मानसून सक्रिय हुआ है। इस कारण बारिश हुई है। आगामी सात दिन तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की उम्मीद है।
अब तक सामान्य से 51 फीसदी कम वर्षा
एक जून से 17 जुलाई तक जनपद की औसत वर्षा 206.4 मिलीमीटर है। अब तक जिले में करीब 102 मिलीमीटर ही बारिश हो सकती है, जो कि सामान्य से 51 फीसदी कम है। हालांकि, आगामी दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद से इस आंकड़े में सुधार होने की संभावना है।
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पठौरिया समेत कई इलाकों में हुआ जलभराव
बारिश के चलते पठौरिया, इंद्रपुरी कॉलोनी समेत महानगर के कुछ इलाकों में जलभराव भी हो गया। ऐसे में नाला सफाई की भी पोल खुल गई। जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई।
झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिले, खरीफ फसलों को मिली संजीवनी
ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार देर रात हुई झमाझम बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली। कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण मूंगफली, तिल, मूंग, उड़द और सोयाबीन की फसलें नमी के अभाव में प्रभावित होने लगी थीं। खेतों में अंकुरित पौधे सूखने के कगार पर पहुंच गए थे और किसान चिंतित थे। किसानों का कहना है कि यह बारिश मूंगफली और तिल की फसल के लिए लाभदायक साबित होगी। संवाद
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पिछले कुछ दिनों से राजस्थान की ओर से आने वाले शुष्क हवा के चलते वातावरण में नमी कम होने से मानसून पर ब्रेक लग गया था। ऐसे में तापमान में इजाफा होने लगा था। लोगों का उमस से हाल बेहाल था लेकिन शुक्रवार शाम पांच बजे के आसपास आसमान में घने काले बादल छाने शुरू हो गए। रात करीब आठ बजते-बजते झमाझम बारिश होने लगी। रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश देर रात तक जारी रही। बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई। मौसम केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में हवाओं के निम्न दाब का क्षेत्र बनने मानसून सक्रिय हुआ है। इस कारण बारिश हुई है। आगामी सात दिन तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की उम्मीद है।
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अब तक सामान्य से 51 फीसदी कम वर्षा
एक जून से 17 जुलाई तक जनपद की औसत वर्षा 206.4 मिलीमीटर है। अब तक जिले में करीब 102 मिलीमीटर ही बारिश हो सकती है, जो कि सामान्य से 51 फीसदी कम है। हालांकि, आगामी दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद से इस आंकड़े में सुधार होने की संभावना है।
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पठौरिया समेत कई इलाकों में हुआ जलभराव
बारिश के चलते पठौरिया, इंद्रपुरी कॉलोनी समेत महानगर के कुछ इलाकों में जलभराव भी हो गया। ऐसे में नाला सफाई की भी पोल खुल गई। जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई।
झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिले, खरीफ फसलों को मिली संजीवनी
ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार देर रात हुई झमाझम बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली। कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण मूंगफली, तिल, मूंग, उड़द और सोयाबीन की फसलें नमी के अभाव में प्रभावित होने लगी थीं। खेतों में अंकुरित पौधे सूखने के कगार पर पहुंच गए थे और किसान चिंतित थे। किसानों का कहना है कि यह बारिश मूंगफली और तिल की फसल के लिए लाभदायक साबित होगी। संवाद