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Jhansi: दो अस्पतालों में न डॉक्टर मिले, न नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्य विभाग के छापे में सामने आईं गंभीर खामियां

अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Tue, 16 Jun 2026 02:52 PM IST
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सार

डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री ने 25 बेड के लिए पंजीकृत परिवार मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पर छापा मारा। जांच के दाैरान यहां न डॉक्टर मिले और न ही पैरामेडिकल स्टाफ। अस्पताल में आईसीयू वार्ड भी नहीं मिला। मेडिकल स्टोर में भी अव्यवस्थाएं पाई गईं।

Jhansi: Neither doctors nor nursing staff were found at two hospitals
सीएमओ, कार्यालय, झांसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मेडिकल कॉलेज के पास संचालित दो पंजीकृत नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग के छापे में गंभीर खामियां सामने आईं। दोनों अस्पतालों में मरीज भर्ती मिले, लेकिन मौके पर न डॉक्टर मौजूद थे और न ही नर्सिंग स्टाफ। कई जरूरी व्यवस्थाएं भी नदारद मिलीं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मानकों के अभाव के बावजूद इन अस्पतालों का पंजीकरण कैसे हुआ।


सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री ने सोमवार को शाम करीब 4 बजे मेडिकल कॉलेज गेट नंबर-दो के सामने करगुवांजी रोड स्थित 25 बेड के लिए पंजीकृत परिवार मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पर छापे मारे। जांच के दाैरान यहां न डॉक्टर मिले और न ही पैरामेडिकल स्टाफ। अस्पताल में आईसीयू वार्ड भी नहीं मिला। मेडिकल स्टोर में भी अव्यवस्थाएं पाई गईं।
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इसके बाद टीम ने 10 बेड के लिए पंजीकृत श्री राधा रानी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की जांच की। यहां भी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अनुपस्थित मिले। ऑक्सीजन सिलेंडर खुले में रखे थे। प्राइवेट कमरों में जमीन पर गद्दे बिछे मिले। स्टरलाइजेशन की व्यवस्था नहीं थी और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड भी नहीं मिला। डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री ने बताया कि दोनों अस्पतालों की जांच रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी। संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक न मिलने पर पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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पंजीकरण के बाद निरीक्षण व्यवस्था पर भी उठे सवाल
दोनों अस्पताल पंजीकृत हैं, लेकिन छापे में बुनियादी मानकों तक का अभाव मिला। इससे स्वास्थ्य विभाग की निरीक्षण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि अस्पतालों में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड और स्टरलाइजेशन जैसी अनिवार्य सुविधाएं नहीं थीं तो पंजीकरण के समय और उसके बाद हुए निरीक्षणों में यह स्थिति सामने क्यों नहीं आई? कार्रवाई के बाद विभाग में इसको लेकर चर्चाओं का दौर रहा।

डीएम के निर्देश के एक माह बाद खुलीं खामियां
12 मई को जिलाधिकारी गौरांग राठी ने जिले में बिना मानक अस्पतालों के संचालन संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया था कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट अधिनियम-2011 के तहत पिछले वर्ष जिले में 130 अस्पतालों का पंजीकरण किया गया, लेकिन लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई अस्पताल निर्धारित मानकों के बिना संचालित हो रहे हैं। इसके बाद शिकायतों के निस्तारण और जांच के लिए क्षेत्रवार तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया गया था। सोमवार को दो पंजीकृत नर्सिंगहोम में मिली खामियों को इसी अभियान की कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।
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