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Jhansi: सबूतों की डिजिटल निगरानी करेगी पुलिस, सदर बाजार में होगा पहला ई-मालखाना, एक क्लिक में आ जाएगा ब्योरा
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:43 AM IST
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सार
सदर बाजार थाना बुंदेलखंड का पहला ई-मालखाने वाला थाना बनने जा रहा है। ई-मालखाना में तब्दील होने के बाद महज एक क्लिक में ही माल मुकदमाती के ब्योरे मिल सकेंगे।
थाना सदर बाजार, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सबूतों के तौर पर बरामद होने वाले माल मुकदमाती अब थानों के मालखाने में गुम नहीं होंगे बल्कि इनकी निगरानी अब स्मार्ट तरीके से होगी। इसके लिए मालखाने को इलेक्ट्रॉनिक बनाया जाएगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। सदर बाजार थाना बुंदेलखंड का पहला ई-मालखाने वाला थाना बनने जा रहा है। ई-मालखाना में तब्दील होने के बाद महज एक क्लिक में ही माल मुकदमाती के ब्योरे मिल सकेंगे।
पुलिस थानों के मालखानों हजारों माल मुकदमाती से भरे हुए हैं। कई दफा समय पर यह कोर्ट में पेश नहीं हो पाते। हजारों की तादाद में माल मुकदमाती होने की वजह से हेड मोहर्रिर इनका चार्ज लेने तक से कतराते हैं। इन परेशानियों को खत्म करने के लिए माल खाने को भी इलेक्ट्रॉनिक लॉकर रूम के तौर पर बदला जा रहा है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इसके जरिये मालखाने में रखी गई सभी वस्तुओं पर बार कोड लगाया जाएगा। इसका पूरा विवरण दर्ज होगा। किसी माल मुकदमाती के बारे में जानने के लिए सिर्फ उस बार कोड को अधिकृत टैबलेट से स्कैन करना होगा। स्कैन करते ही उसके बारे में पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। इससे यह भी मालूम चल सकेगा कि वह कौन सी संपत्ति है, किस केस से जुड़ी है और किस रैक में सुरक्षित रखी गई है। ई-मालखाना से यह प्रक्रिया बेहद सरल और तेज हो जाएगी। माल मुकदमाती के पता चलने पर इसको समय पर कोर्ट में पेश किया जा सकेगा। इससे हेड मोहर्रिर के चार्ज न लेने जैसी समस्याएं भी खत्म हो जाएंगी। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के मुताबिक इसकी कवायद की जा रही है।
थानों के मालखाने में 45 साल पुराने माल मुकदमाती
जनपद के हर थाने के मालखाने माल मुकदमाती से भरे हैं। कोतवाली, नवाबाद, सीपरी बाजार समेत अन्य कई थानों में 45-50 साल पुराने माल मुकदमाती रखे हुए हैं। नवाबाद थाने में वर्ष 1978 के माल मुकदमाती अभी तक रखे हुए हैं। बदमाशों से पकड़े गए तमंचे, कारतूस, अंग्रेजों के जमाने की राइफल, पिस्टल, मैगजीन, कीमती बंदूक, फ्रिज, मिक्सी, बक्सा, कई तिजोरी समेत कीमती वस्तुएं रखी हुई हैं। कई कोर्ट से मामले निपट जाने के बाद भी रखे हैं जबकि कई के मामले अभी तक लंबित हैं।
सदर थाने को मिल चुका आईएसओ प्रमाण पत्र
सदर बाजार थाने को इसी माह आईएसओ प्रमाण पत्र भी दिया गया है। यह बुंदेलखंड का पहला ऐसा थाना है, जिसे आईएसओ प्रमाण पत्र दिया गया है। साफ-सफाई समेत अन्य कई मानक पूरा करने की वजह से इस थाने को यह प्रमाण पत्र दिया गया है।
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पुलिस थानों के मालखानों हजारों माल मुकदमाती से भरे हुए हैं। कई दफा समय पर यह कोर्ट में पेश नहीं हो पाते। हजारों की तादाद में माल मुकदमाती होने की वजह से हेड मोहर्रिर इनका चार्ज लेने तक से कतराते हैं। इन परेशानियों को खत्म करने के लिए माल खाने को भी इलेक्ट्रॉनिक लॉकर रूम के तौर पर बदला जा रहा है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इसके जरिये मालखाने में रखी गई सभी वस्तुओं पर बार कोड लगाया जाएगा। इसका पूरा विवरण दर्ज होगा। किसी माल मुकदमाती के बारे में जानने के लिए सिर्फ उस बार कोड को अधिकृत टैबलेट से स्कैन करना होगा। स्कैन करते ही उसके बारे में पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। इससे यह भी मालूम चल सकेगा कि वह कौन सी संपत्ति है, किस केस से जुड़ी है और किस रैक में सुरक्षित रखी गई है। ई-मालखाना से यह प्रक्रिया बेहद सरल और तेज हो जाएगी। माल मुकदमाती के पता चलने पर इसको समय पर कोर्ट में पेश किया जा सकेगा। इससे हेड मोहर्रिर के चार्ज न लेने जैसी समस्याएं भी खत्म हो जाएंगी। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के मुताबिक इसकी कवायद की जा रही है।
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थानों के मालखाने में 45 साल पुराने माल मुकदमाती
जनपद के हर थाने के मालखाने माल मुकदमाती से भरे हैं। कोतवाली, नवाबाद, सीपरी बाजार समेत अन्य कई थानों में 45-50 साल पुराने माल मुकदमाती रखे हुए हैं। नवाबाद थाने में वर्ष 1978 के माल मुकदमाती अभी तक रखे हुए हैं। बदमाशों से पकड़े गए तमंचे, कारतूस, अंग्रेजों के जमाने की राइफल, पिस्टल, मैगजीन, कीमती बंदूक, फ्रिज, मिक्सी, बक्सा, कई तिजोरी समेत कीमती वस्तुएं रखी हुई हैं। कई कोर्ट से मामले निपट जाने के बाद भी रखे हैं जबकि कई के मामले अभी तक लंबित हैं।
सदर थाने को मिल चुका आईएसओ प्रमाण पत्र
सदर बाजार थाने को इसी माह आईएसओ प्रमाण पत्र भी दिया गया है। यह बुंदेलखंड का पहला ऐसा थाना है, जिसे आईएसओ प्रमाण पत्र दिया गया है। साफ-सफाई समेत अन्य कई मानक पूरा करने की वजह से इस थाने को यह प्रमाण पत्र दिया गया है।
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