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Jhansi: नींद नहीं हो रही पूरी, जकड़ रहा चिड़चिड़ापन, रात में पड़ रही भीषण गर्मी और बिजली कटौती का असर
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 20 May 2026 01:08 PM IST
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सार
डॉक्टरों की मानें तो नींद पूरी न होने से मेनिया, पैनिक डिसऑर्डर और इनसोमनिय के मरीज बढ़े हैं। इससे कोई जरा सी बात पर उत्तेजित हो रहा है तो कोई बेचैनी होने, चिड़चिड़ापन आदि की शिकायत कर रहा है।
जिला अस्पताल, झांसी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
भीषण गर्मी और उस पर रात को होने वाली बिजली कटौती लोगों की नींद में न सिर्फ खलल डाल रही है बल्कि उन्हें बीमारियों का शिकार भी बना रही है। डॉक्टरों की मानें तो नींद पूरी न होने से मेनिया, पैनिक डिसऑर्डर और इनसोमनिया (अनिद्रा) के मरीज बढ़े हैं। इससे कोई जरा सी बात पर उत्तेजित हो रहा है तो कोई बेचैनी होने, चिड़चिड़ापन आदि की शिकायत कर रहा है।
जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया ओपीडी में इन समस्याओं का हर चौथा रोगी आ रहा है। काउंसलिंग से स्पष्ट है कि वह पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं। कोई रात में बिजली न आने से नींद पूरी न होने की बात कह रहा है तो कोई गर्मी के चलते बेचैनी व तनाव की बात बता रहा है। डॉक्टर के अनुसार मेनिया एक तरह का उन्माद होता है। इसमें नींद पूरी नहीं होने से व्यक्ति उत्तेजित होने लगता है। वह असामान्य और ज्यादा बातें करता है। या तो बहुत भूख लगेगी या बिल्कुल नहीं। मूड स्विंग होने पर ऊटपटांग बात करेगा या तेज रफ्तार वाहन चलाएगा।
नींद पूरी नहीं होने से कुछ लोगों में पैनिक डिसऑर्डर की समस्या हो रही है। इसमें रोगी को बार-बार घबराहट होती है। धड़कन तेज होने के साथ सांस फूलती है। इनसोमनिया (अनिद्रा) का शिकार मरीज अधिक सोचने लगता है। उसमें चिड़चिड़ापन बना रहता है जिससे थोड़ी-थोड़ी बात पर विवाद करने पर आमादा हो जाता है।
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जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया ओपीडी में इन समस्याओं का हर चौथा रोगी आ रहा है। काउंसलिंग से स्पष्ट है कि वह पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं। कोई रात में बिजली न आने से नींद पूरी न होने की बात कह रहा है तो कोई गर्मी के चलते बेचैनी व तनाव की बात बता रहा है। डॉक्टर के अनुसार मेनिया एक तरह का उन्माद होता है। इसमें नींद पूरी नहीं होने से व्यक्ति उत्तेजित होने लगता है। वह असामान्य और ज्यादा बातें करता है। या तो बहुत भूख लगेगी या बिल्कुल नहीं। मूड स्विंग होने पर ऊटपटांग बात करेगा या तेज रफ्तार वाहन चलाएगा।
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नींद पूरी नहीं होने से कुछ लोगों में पैनिक डिसऑर्डर की समस्या हो रही है। इसमें रोगी को बार-बार घबराहट होती है। धड़कन तेज होने के साथ सांस फूलती है। इनसोमनिया (अनिद्रा) का शिकार मरीज अधिक सोचने लगता है। उसमें चिड़चिड़ापन बना रहता है जिससे थोड़ी-थोड़ी बात पर विवाद करने पर आमादा हो जाता है।