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Jhansi: दो महकमों की खींचतान में सूखे नल, दो साल से बूंद-बूंद को तरस रहे तीन गांव, नहीं सुलझ पर रहा विवाद
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:14 AM IST
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सार
लोक निर्माण विभाग के सड़क बनाने के दौरान पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी मरम्मत को लेकर जल निगम और पीडब्ल्यूडी में विवाद है जिसका खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। शासन तक मामले पहुंचने के बाद इसका यह विवाद नहीं सुलझ पा रहा।
पेयजल समस्या।
- फोटो : Freepik
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विस्तार
जल निगम एवं लोक निर्माण विभाग के बीच चल रही खींचतान का खामियाजा निनौरा, रमपुरा एवं अड़जार गांव के तीन हजार से अधिक लोग भुगत रहे हैं। दोनों महकमों में छिड़ी रार के चलते इन गांव में पाइप लाइन बिछी होने के बावजूद दो साल से जलापूर्ति ठप है। लोक निर्माण विभाग के सड़क बनाने के दौरान पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी मरम्मत कराने को लेकर दोनों महकमों में विवाद है। दोनों विभागों ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए पल्ला झाड़ लिया है। अब उनके लिए यह नाक का सवाल बन गया है। इस वजह से शासन तक मामला पहुंचने के बाद भी यह विवाद अब तक नहीं सुलझ सका।
जल निगम ने जल जीवन मिशन के तहत बंगरा ब्लाॅक में मगरपुर, निनौरा, रमपुरा, अड़जार, खिसनी बुजुर्ग, खिसनी खुर्द समेत अन्य गांव के लिए पेयजल लाइन बिछाई थी। यहां रानीपुर-निवाड़ी के बीच लोक निर्माण विभाग ने सीसी सड़क बना दी। इस दौरान नीचे बिछी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे गांव में पीने का पानी पहुंचना बंद हो गया। इससे दोनों महकमे आमने-सामने आ गए। पीडब्ल्यूडी ने जल निगम पर मानक के मुताबिक गहराई में पाइप लाइन न डालने की बात कही। उनका कहना था कि जल निगम ने सड़क के किनारे की निर्धारित भूमि को छोड़कर काम नहीं कराया। ऐसे में नुकसान की जिम्मेदारी जल निगम की है।
वहीं, जल निगम अभियंताओं का कहना है कि पाइप लाइन बिछाने की लोक निर्माण विभाग ने ही एनओसी दी थी। एनओसी के मुताबिक काम कराया गया। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने पर लोक निर्माण विभाग जिम्मेदार है। उसकी ओर से मरम्मत कराई जाए। धीरे-धीरे इस मामले ने तूल पकड़ लिया। अफसरों ने इसे नाक का सवाल भी बना लिया। यह मामला शासन तक भी जा पहुंचा। यहां से भी कोई समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में निनौरा, रमपुरा एवं अड़जार में अभी तक पानी नहीं पहुंच सका। हालांकि कुछ हिस्से की मरम्मत हो जाने से मगरपुर, खिसनी बुजुर्ग, खिसनी खुर्द में कुछ हद तक आपूर्ति आरंभ हो गई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता रणविजय सिंह का कहना है कि पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने से ही इन गांव में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
परेशान लोगों ने लगाई गुहार
जल जीवन मिशन के तहत इन गांवों में लाखों रुपये खर्च करके पाइप लाइन बिछाने के साथ ही पानी की टंकी का भी निर्माण कराया गया। इसके बावजूद स्थानीय लोगों को अभी तक पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों को हैंडपंप, बोरिंग के सहारे ही पानी मिल पाता है। गर्मियों में यहां पानी की समस्या पैदा हो जाती है। पेयजल आपूर्ति आरंभ न होने से परेशान लोग अक्सर जल निगम के चक्कर काट रहे हैं लेकिन, उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सोमवार को भी इन गांव के लोगों ने जल निगम पहुंचकर जल्द आपूर्ति आरंभ कराने की मांग की।
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जल निगम ने जल जीवन मिशन के तहत बंगरा ब्लाॅक में मगरपुर, निनौरा, रमपुरा, अड़जार, खिसनी बुजुर्ग, खिसनी खुर्द समेत अन्य गांव के लिए पेयजल लाइन बिछाई थी। यहां रानीपुर-निवाड़ी के बीच लोक निर्माण विभाग ने सीसी सड़क बना दी। इस दौरान नीचे बिछी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे गांव में पीने का पानी पहुंचना बंद हो गया। इससे दोनों महकमे आमने-सामने आ गए। पीडब्ल्यूडी ने जल निगम पर मानक के मुताबिक गहराई में पाइप लाइन न डालने की बात कही। उनका कहना था कि जल निगम ने सड़क के किनारे की निर्धारित भूमि को छोड़कर काम नहीं कराया। ऐसे में नुकसान की जिम्मेदारी जल निगम की है।
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वहीं, जल निगम अभियंताओं का कहना है कि पाइप लाइन बिछाने की लोक निर्माण विभाग ने ही एनओसी दी थी। एनओसी के मुताबिक काम कराया गया। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने पर लोक निर्माण विभाग जिम्मेदार है। उसकी ओर से मरम्मत कराई जाए। धीरे-धीरे इस मामले ने तूल पकड़ लिया। अफसरों ने इसे नाक का सवाल भी बना लिया। यह मामला शासन तक भी जा पहुंचा। यहां से भी कोई समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में निनौरा, रमपुरा एवं अड़जार में अभी तक पानी नहीं पहुंच सका। हालांकि कुछ हिस्से की मरम्मत हो जाने से मगरपुर, खिसनी बुजुर्ग, खिसनी खुर्द में कुछ हद तक आपूर्ति आरंभ हो गई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता रणविजय सिंह का कहना है कि पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने से ही इन गांव में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
परेशान लोगों ने लगाई गुहार
जल जीवन मिशन के तहत इन गांवों में लाखों रुपये खर्च करके पाइप लाइन बिछाने के साथ ही पानी की टंकी का भी निर्माण कराया गया। इसके बावजूद स्थानीय लोगों को अभी तक पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों को हैंडपंप, बोरिंग के सहारे ही पानी मिल पाता है। गर्मियों में यहां पानी की समस्या पैदा हो जाती है। पेयजल आपूर्ति आरंभ न होने से परेशान लोग अक्सर जल निगम के चक्कर काट रहे हैं लेकिन, उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सोमवार को भी इन गांव के लोगों ने जल निगम पहुंचकर जल्द आपूर्ति आरंभ कराने की मांग की।
