फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: The ‘call center bride’—part of a gang that targeted over a thousand people

झांसी: कॉल सेंटर वाली ‘दुल्हनिया’ ने दिल नहीं...जेबें लूटीं, एआई से बनाई जाती थीं खूबसूरत युवतियों की तस्वीरें

Thu, 09 Jul 2026 09:54 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Thu, 09 Jul 2026 09:54 PM IST
सार

पिछले 2 साल से किराए के मकान में शादी संस्था डॉट काॅम नाम की आड़ में यह खेल चल रहा था। आरोपियों के पास 30 हजार से अधिक लोगों का डेटा मिला है। इनमें यूपी, एमपी समेत कई राज्यों के लोग शामिल हैं।

विज्ञापन
Jhansi: The ‘call center bride’—part of a gang that targeted over a thousand people
पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद

विस्तार

एआई से बनी खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरों के सहारे जालसाजों ने शादी कराने का झांसा देकर अधेड़ उम्र के लोगों से लाखों रुपये ठग लिए। गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस को मालूम चला कि राय कालोनी में पिछले 2 साल से किराए के मकान में शादी संस्था डॉट काॅम नाम की आड़ में यह खेल चल रहा था। अब तक एक हजार से अधिक लोगों को निशाना बनाया जा चुका। उनके यहां मिले बैंक खातों में 41 लाख रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ निवासी मास्टर माइंड हलधर साहू समेत 9 युवतियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एआई से बनी तस्वीरों वाले एलबम भी बरामद हुए। बृहस्पतिवार को लिखा पढ़ी के बाद सभी आरोपी के कोर्ट के सामने पेश किए गए, यहां से उनको जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


एसीपी अरीबा नोमान ने बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि सोशल मीडिया, मेट्रिमोनियल वेबसाइटों एवं अखबारों में छपने वाले विज्ञापनों के सहारे जालसाज मोबाइल नंबर जुटाते थे। इनमें अधिकांश 40-48 वर्ष के होते थे। । टेलीकॉलर युवतियां मैरिज काउंसलर, रिलेशनशिप एडवाइजर बनकर अविवाहित लोगों की हैसियत का पता लगाती थीं। खास तौर से नौकरी पेशा लोगों को जानकारी जुटाई जाती थी। इसके बाद फर्जी प्रोफाइल, एआई से बनी तस्वीर और मनगढ़ंत पारिवारिक विवरण भेजकर बातों में फंसाया जाता। टेलीकॉलर की सहकर्मी युवती शादी के इच्छुक व्यक्ति से बात कर जल्द शादी करने का दिलासा देतीं। उसको 5 हजार से 20 हजार तक के गोल्ड, सिल्वर, प्लेटिनम पैकेज बेच देतीं थीं।
विज्ञापन


 

Jhansi: The ‘call center bride’—part of a gang that targeted over a thousand people
आरोपियों से बरामद सामान। - फोटो : संवाद
इसके बाद 2-5 हजार रुपये कॉल सेंटर की युवतियां मैरिज काउंसलर या रिलेशनशिप मैनेजर के नाम पर जमा करातीं। फिर कॉल सेंटर की दूसरी युवती से बात कराई जाती जो खुद को शादी का इच्छुक बताती थी। कुछ देर बात करने के बाद मैरिज ब्यूरो की तरफ से अगले 24 घंटे तक फोन पर बात न करने की हिदायत दी जाती थी। 24 घंटे बाद दोबारा फोन करने पर उस व्यक्ति से पैसे वसूले जाते। शादी के इच्छुक से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल निर्माण शुल्क, मैचिंग शुल्क, संपर्क शुल्क और पारिवारिक सहमति शुल्क जैसे अलग-अलग बहानों से भी वसूली होती थी। पैसा देने से आनाकानी करने पर उसे युवतियों से बात करने की कॉल रिकॉंडिंग एवं स्क्रीनशॉट भेजकर ब्लैकमेल किया जाता था।


कॉलिंग के आधार पर युवतियों का तय होता था कमीशन
पुलिस के अनुसार मैरिज ब्यूरो में काम करने वाली सभी युवतियों 6 हजार के मासिक वेतन पर रखी गई थीं लेकिन, उनको दिन भर में 20-25 से अधिक लोगों से कॉल करने का लक्ष्य दिया गया था। इनको ट्रेनिंग देने के लिए बाकायदा दो महिलाओं को रखा गया था। कॉल और फंसे शिकार से वसूली गई रकम के आधार पर युवती को कमीशन भी दिया जाता था। पुलिस ने यहां से जिन 9 युवतियों को पकड़ा वह सभी झांसी महानगर के विभिन्न मोहल्लों की रहने वालीं हैं। सभी ने इंटर से बीए की पढ़ाई की है लेकिन, आय का साधन न होने की वजह से यह टेली कॉलिंग करती थीं।

कानपुर कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
फर्जी मैरिज ब्यूरो बनाकर ठगी करने वाला गिरोह कई जगहों पर फैला हुआ है। अप्रैल माह में झांसी के सरयू विहार कॉलोनी में भी इस तरह के गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था वहीं, कुछ दिनों पहले कानपुर में भी इसी तरह के एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। खास बात यह कि वहां पकड़ा गया मास्टर माइंड भी छत्तीसगढ़ का है। ऐसे में पुलिस इनके आपस में कनेक्शन खंगालने में जुटी है। यहां पकड़े गए जांजगीरा चापा (छत्तीसगढ़) निवासी 12वीं पास हलधर साहू एवं साहिल साहू ने पुलिस को बताया कि वह पहले इस तरह के दूसरे गिरोह में काम करता था। वहां से सीखने के बाद अपने दोस्तों के साथ यहां काम शुरू कर दिया। दो माह पहले सरयू विहार कॉलोनी से पुलिस ने 17 युवितयों को पकड़ा था।

हॉट स्पॉट के तौर पर मिलने के बाद सक्रिय हुई साइबर पुलिस
गिरोह केे लोग देश भर में निशाना बनाते थे। मास्टर माइंड हलधर साहू ने भी बताया कि हजारों लोगों को ठग चुके। उनके पास 30 हजार से अधिक लोगों का डेटा मिला है। इनमें यूपी, एमपी समेत कई राज्यों के लोग शामिल हैं। ठगी की शिकायत साइबर पोर्टल पर भी आने लगी। इस तरह से ठगी की 26 शिकायतें पुलिस तक पहुंची। ऑनलाइन निगरानी करने पर यह स्थान हॉट स्पॉट के तौर पर मिला। सर्विलांस सेल के साथ मिलकर साइबर थाने ने निगरानी शुरू की। यहां कई नंबर एक साथ कई घंटे तक एक्टिव रहते थे। सुराग लगाने पर पुलिस को पुष्टि हो गई। बुधवार को नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव, साइबर थाना प्रभारी अरविंद यादव की अगुवाई में टीम ने पहुंचकर छापा मारा।


रजिस्टर में मिले 41 लाख रुपये के लेनदेन
पुलिस को यहां से 41 लाख रुपये के लेनदेन वाले रजिस्टर मिले। इसके अलावा 26 मोबाइल फोन, मैक बुक, 62 कापी, 22 रजिस्टर, 25 फाइल, यूपीआई क्यूआर कोड, 6 चेकबुक, 16 डेबिड कार्ड, 11 मोहर एवं स्टांप पैड भी बरामद हुए। प्रत्येक युवती को रजिस्टर में रिकॉर्ड रखना होता था, पुलिस अफसरों के मुताबिक झांसी, ललितपुर, कानपुर, हमीरपुर समेत दूसरे राज्यों के लोगों के नाम एवं मोबाइल नंबर दर्ज मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed