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Jhansi: जंगली जानवर ने बकरियों को बनाया अपना निवाला, चीता होने के डर से सहमे ग्रामीण
Thu, 14 Aug 2025 01:33 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 14 Aug 2025 01:33 PM IST
सार
एक हफ्ते पहले भी 8 बकरियों को अपना शिकार बनाया था। ग्रामीण को पंजों के निशान मिले हैं। गांव में दहशत का माहौल है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
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पंजो के निशान
- फोटो : संवाद
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विस्तार
रक्सा में जंगली जानवर ने 6 बकरियों को अपना निवाला बना लिया है। एक हफ्ते पहले भी 8 बकरियों को अपना शिकार बनाया था। ग्रामीण को पंजों के निशान मिले हैं। डर है इन सब हमले के पीछे चीता तो नहीं है।
मवई गांव निवासी गोपी राजपूत पुत्र रामलीला बताया कि वह अपने चार बेटे बृजेश राजपूत, ओम प्रकाश दीप सिंह और भगवान सिंह के साथ गांव से कुछ दूरी पर खेत पर बने मकान में रहता है। मकान के पीछे ही उसके बकरियों का बाड़ा है। जहां पर हर रोज बकरियां बांधी जाती हैं। देर रात भी दीपसिंह ने बकरियों को बांधकर अपने कमरे में सो गया। सुबह जाकर देखा तो हक्का-बक्का रह गया। 6 बकरियां मरी हुई पड़ी थी। जिनके पेट को फाड़ कर मारा गया था। साथ ही उनके हाथ पैरों में भी चोट के निशान थे। रात के समय करीब 3 बजे कुत्तों के जोर से भौंकने की आवाज भी आ रही थी। लेकिन इस पर उन लोगों ने ध्यान नहीं दिया।
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मवई गांव निवासी गोपी राजपूत पुत्र रामलीला बताया कि वह अपने चार बेटे बृजेश राजपूत, ओम प्रकाश दीप सिंह और भगवान सिंह के साथ गांव से कुछ दूरी पर खेत पर बने मकान में रहता है। मकान के पीछे ही उसके बकरियों का बाड़ा है। जहां पर हर रोज बकरियां बांधी जाती हैं। देर रात भी दीपसिंह ने बकरियों को बांधकर अपने कमरे में सो गया। सुबह जाकर देखा तो हक्का-बक्का रह गया। 6 बकरियां मरी हुई पड़ी थी। जिनके पेट को फाड़ कर मारा गया था। साथ ही उनके हाथ पैरों में भी चोट के निशान थे। रात के समय करीब 3 बजे कुत्तों के जोर से भौंकने की आवाज भी आ रही थी। लेकिन इस पर उन लोगों ने ध्यान नहीं दिया।
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स्थानीय ग्रामीण
- फोटो : संवाद
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। 9 दिन पहले भी पड़ोस के ही गांव सिजवाहा में भी आठ बकरियां को जानवर खाया गया था।