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Jhansi News: दरोगा के इंतजार में 22 घंटे चीरघर के बाहर बैठी रही मां, तब मिला बेटे का शव

Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 01:46 AM IST
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Mother Sat Outside Mortuary for 22 Hours Awaiting Sub-Inspector; Only Then Did She Receive Her Son's Body
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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। कफन में लिपटे बेटे के शव को अपने साथ ले जाने की आस में एक बुजुर्ग मां करीब 22 घंटे तक मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी यानी चीरघर के बाहर बैठी रही। आंखों में आंसू, चेहरे पर बेबसी और दिल में बेटे को अंतिम विदाई देने की पीड़ा लिए वह कभी दरवाजे की ओर देखती तो कभी पुलिस के आने की राह। लेकिन, चिरगांव थाने से पंचनामा भरने के लिए समय पर दरोगा नहीं पहुंचा और पोस्टमार्टम टलता रहा। रविवार दोपहर पुलिस पहुंची, तब कहीं जाकर शव का पोस्टमार्टम हो सका।
चिरगांव थाना क्षेत्र के दबरा बुजुर्ग गांव निवासी 22 वर्षीय रोहित प्रजापति पुत्र प्रकाश ने शनिवार सुबह जहरीला पदार्थ निगल लिया था। परिजनों के मुताबिक पत्नी शिवानी के मायके चले जाने के बाद वह मानसिक तनाव में था। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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परिजनों ने बताया कि मौत के तुरंत बाद मेडिकल चौकी पुलिस को सूचना दे दी गई थी, ताकि पंचनामा भरने की कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा सके। मेडिकल चौकी से मेमो चिरगांव थाने भेज दिया गया, लेकिन पूरे दिन कोई दरोगा पंचनामा भरने नहीं पहुंचा। इस कारण शनिवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका।

मोर्चरी के बाहर पूरी रात परिवार के लोग बेटे का शव मिलने का इंतजार करते रहे। सबसे ज्यादा व्यथित उसकी बुजुर्ग मां थी, जो बेटे के शव के पास बैठकर बार-बार यही पूछती रही कि आखिर पुलिस कब आएगी। रात बीत गई, सुबह हो गई, लेकिन इंतजार खत्म नहीं हुआ।
रविवार सुबह से ही परिजन लगातार चिरगांव थाने में फोन कर दरोगा को भेजने की गुहार लगाते रहे। आखिरकार रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक दरोगा और सिपाही मेडिकल कॉलेज पहुंचे और पंचनामा भरने की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जा सका।
कानूनी जानकारों के अनुसार, असामान्य परिस्थितियों में मौत होने पर पुलिस को बिना अनावश्यक देरी के पंचनामा भरने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है, ताकि पोस्टमार्टम समय पर कराया जा सके। इस संबंध में मोंठ क्षेत्राधिकारी अजय श्रोत्रिय का कहना है कि यदि पंचनामा भरने में लापरवाही या अनावश्यक विलंब हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी।

क्या है पंचनामा
पंचनामा पुलिस द्वारा तैयार किया जाने वाला कानूनी दस्तावेज होता है, जिसमें किसी घटना, दुर्घटना या बरामदगी की स्थिति का विवरण लिखा जाता है। असामान्य या संदिग्ध हालात में मौत के मामले में पुलिस मौके या अस्पताल में शव की स्थिति, पहचान, चोटों आदि का विवरण दर्ज करती है। इसे आमतौर पर मौके पर मौजूद गवाहों (पंचों) की मौजूदगी में तैयार किया जाता है, इसलिए इसे पंचनामा कहा जाता है।

ये ब्योरा दर्ज करती है पुलिस
मृतक का नाम और पहचान, मौत की परिस्थितियां, शव पर दिखाई देने वाले चोट के निशान, घटनास्थल या अस्पताल का विवरण, गवाहों के नाम व हस्ताक्षर और पुलिस अधिकारी की टिप्पणी
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