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Jhansi News: नौ हत्याकांड, कई एसएसपी बदले...आज तक नहीं उठ सका पर्दा
Tue, 28 Jul 2026 02:55 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:55 AM IST
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झांसी। झांसी में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए नौ चर्चित हत्याकांड आज भी पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। इस दौरान जिले में कई पुलिस कप्तान बदले, जांच की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों और विशेष टीमों को सौंपी गई लेकिन इन मामलों से पर्दा नहीं उठ सका। कई मामलों में स्वॉट टीम और अनुभवी पुलिसकर्मियों को लगाया गया, फिर भी हत्यारे कानून की गिरफ्त से दूर हैं। नतीजतन, पीड़ित परिवार वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
सबसे चर्चित मामलों में मऊरानीपुर के सपरार बांध में तीन युवतियों के शव मिलने का मामला शामिल है। अक्टूबर 2022 में कटरा गांव निवासी सगी बहनें ऋतु और रेनू पुरवार तथा उनकी रिश्तेदार रिंकी बागेश्वर धाम जाने के लिए निकली थीं लेकिन अगले दिन उनके शव बांध में मिले। पोस्टमार्टम में चोटों के निशान मिलने के बाद हत्या की आशंका मजबूत हुई मगर पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
अप्रैल 2023 में रक्सा क्षेत्र में काली माता मंदिर के पास नाले से निर्वस्त्र युवती का शव मिला था। पुलिस ने पहचान और हत्यारों तक पहुंचने के लिए कई स्तर पर प्रयास किए लेकिन तीन साल बाद भी न युवती की पहचान हो सकी और न ही हत्यारों का सुराग मिला।
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प्रेमनगर क्षेत्र में फरवरी 2024 में बोरी में बंद मिली मीना अहिरवार की हत्या का रहस्य भी बरकरार है। पुलिस ने परिजनों और कई संदिग्धों से पूछताछ की लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
सीपरी बाजार के कारोबारी कमलेश यादव की 14 जनवरी 2022 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह जिले के सबसे चर्चित हत्याकांडों में शामिल है। तत्कालीन एसएसपी ने खुलासे के लिए पूरी ताकत झोंकी लेकिन वर्षों बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। परिजन लगातार जांच पर सवाल उठाते रहे हैं।
नवाबाद के जीवनशाह कब्रिस्तान में दिसंबर 2021 में मिले अज्ञात युवक के शव की आज तक पहचान नहीं हो सकी। हत्यारों ने उसका चेहरा बिगाड़ दिया था, जिससे शिनाख्त भी नहीं हो पाई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
गुरसराय में राहुल सोनी हत्याकांड भी अब तक अनसुलझा है। अक्टूबर 2021 में सराफा कारोबारी के बेटे राहुल सोनी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। परिजन आज भी पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।
इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज परिसर में मिले आकाश गौतम के शव की गुत्थी भी नहीं सुलझी है। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बावजूद पुलिस अब तक मौत की वजह स्पष्ट नहीं कर सकी।
इन मामलों ने पुलिस की विवेचना पर भी सवाल खड़े किए हैं। कई मामलों में शुरुआती जांच के बाद विवेचना की रफ्तार धीमी पड़ गई, जबकि कुछ मामलों में तकनीकी और फोरेंसिक जांच के बावजूद कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी।
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जिन मामलों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है, उनकी जांच बंद नहीं की गई है। पुलिस टीमें समय-समय पर साक्ष्यों की समीक्षा कर रही हैं और नए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। - बीबीजीटीएस मूर्ति, एसएसपी
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सबसे चर्चित मामलों में मऊरानीपुर के सपरार बांध में तीन युवतियों के शव मिलने का मामला शामिल है। अक्टूबर 2022 में कटरा गांव निवासी सगी बहनें ऋतु और रेनू पुरवार तथा उनकी रिश्तेदार रिंकी बागेश्वर धाम जाने के लिए निकली थीं लेकिन अगले दिन उनके शव बांध में मिले। पोस्टमार्टम में चोटों के निशान मिलने के बाद हत्या की आशंका मजबूत हुई मगर पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
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अप्रैल 2023 में रक्सा क्षेत्र में काली माता मंदिर के पास नाले से निर्वस्त्र युवती का शव मिला था। पुलिस ने पहचान और हत्यारों तक पहुंचने के लिए कई स्तर पर प्रयास किए लेकिन तीन साल बाद भी न युवती की पहचान हो सकी और न ही हत्यारों का सुराग मिला।
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प्रेमनगर क्षेत्र में फरवरी 2024 में बोरी में बंद मिली मीना अहिरवार की हत्या का रहस्य भी बरकरार है। पुलिस ने परिजनों और कई संदिग्धों से पूछताछ की लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
सीपरी बाजार के कारोबारी कमलेश यादव की 14 जनवरी 2022 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह जिले के सबसे चर्चित हत्याकांडों में शामिल है। तत्कालीन एसएसपी ने खुलासे के लिए पूरी ताकत झोंकी लेकिन वर्षों बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। परिजन लगातार जांच पर सवाल उठाते रहे हैं।
नवाबाद के जीवनशाह कब्रिस्तान में दिसंबर 2021 में मिले अज्ञात युवक के शव की आज तक पहचान नहीं हो सकी। हत्यारों ने उसका चेहरा बिगाड़ दिया था, जिससे शिनाख्त भी नहीं हो पाई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
गुरसराय में राहुल सोनी हत्याकांड भी अब तक अनसुलझा है। अक्टूबर 2021 में सराफा कारोबारी के बेटे राहुल सोनी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। परिजन आज भी पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।
इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज परिसर में मिले आकाश गौतम के शव की गुत्थी भी नहीं सुलझी है। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बावजूद पुलिस अब तक मौत की वजह स्पष्ट नहीं कर सकी।
इन मामलों ने पुलिस की विवेचना पर भी सवाल खड़े किए हैं। कई मामलों में शुरुआती जांच के बाद विवेचना की रफ्तार धीमी पड़ गई, जबकि कुछ मामलों में तकनीकी और फोरेंसिक जांच के बावजूद कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी।
जिन मामलों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है, उनकी जांच बंद नहीं की गई है। पुलिस टीमें समय-समय पर साक्ष्यों की समीक्षा कर रही हैं और नए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। - बीबीजीटीएस मूर्ति, एसएसपी