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Jhansi News: अब नाम, पता में त्रुटि में हो जाएगा सुधार, फिर बनेगा आयुष्मान कार्ड
Tue, 28 Jul 2026 02:57 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:57 AM IST
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झांसी। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब पात्रों के नाम, पते व अन्य विवरण में हुई त्रुटि को सुधारा जा सकेगा। इसके लिए शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। अपर निदेशक ने मंडल के तीनों मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को पत्र भेजकर त्रुटियों में सुधार करते हुए शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाते हैं, जिसके जरिए लाभार्थी सालाना पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज करवा सकता है। वर्तमान में झांसी सहित मंडल के ललितपुर और जालौन जनपद में 2.44 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनने बाकी हैं।
जांच में सामने आया कि इनमें कई लाभार्थी विस्थापित हो चुके हैं, कुछ की मृत्यु हो चुकी है और कई महिलाएं विवाह के बाद दूसरे जनपद या प्रदेश में रहने लगी हैं। इसके अलावा, कई नामों में दोहराव है, तो कई ऐसे लाभार्थी हैं जिनके नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और पते का डेटा गलत फीड होने के कारण उनके गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे थे।
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अब तक डेटा में किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधारने का विकल्प उपलब्ध नहीं था, लेकिन अब बेनिफिशियरी डेटा मैनेजमेंट पोर्टल के जरिए विभिन्न श्रेणियों के अवशेष लाभार्थियों और सदस्यों के विवरण में संशोधन संभव हो सकेगा। इससे लाभार्थियों के पिता या पति के नाम, जन्मतिथि, जन्म वर्ष और पते आदि में आसानी से संशोधन किया जा सकेगा, जिससे उनके गोल्डन कार्ड बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. आरके सोनी ने बताया कि इस संबंध में मंडल के तीनों सीएमओ को पत्र जारी कर दिया गया है। योजना में शामिल लाभार्थियों के डेटा में सुधार कर इसे संबंधित पहचान दस्तावेज के अनुसार अपडेट करते हुए जल्द से जल्द आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, इस कार्य की हर सप्ताह की प्रगति रिपोर्ट भी उपलब्ध करानी होगी।
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आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाते हैं, जिसके जरिए लाभार्थी सालाना पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज करवा सकता है। वर्तमान में झांसी सहित मंडल के ललितपुर और जालौन जनपद में 2.44 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनने बाकी हैं।
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जांच में सामने आया कि इनमें कई लाभार्थी विस्थापित हो चुके हैं, कुछ की मृत्यु हो चुकी है और कई महिलाएं विवाह के बाद दूसरे जनपद या प्रदेश में रहने लगी हैं। इसके अलावा, कई नामों में दोहराव है, तो कई ऐसे लाभार्थी हैं जिनके नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और पते का डेटा गलत फीड होने के कारण उनके गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे थे।
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अब तक डेटा में किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधारने का विकल्प उपलब्ध नहीं था, लेकिन अब बेनिफिशियरी डेटा मैनेजमेंट पोर्टल के जरिए विभिन्न श्रेणियों के अवशेष लाभार्थियों और सदस्यों के विवरण में संशोधन संभव हो सकेगा। इससे लाभार्थियों के पिता या पति के नाम, जन्मतिथि, जन्म वर्ष और पते आदि में आसानी से संशोधन किया जा सकेगा, जिससे उनके गोल्डन कार्ड बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. आरके सोनी ने बताया कि इस संबंध में मंडल के तीनों सीएमओ को पत्र जारी कर दिया गया है। योजना में शामिल लाभार्थियों के डेटा में सुधार कर इसे संबंधित पहचान दस्तावेज के अनुसार अपडेट करते हुए जल्द से जल्द आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, इस कार्य की हर सप्ताह की प्रगति रिपोर्ट भी उपलब्ध करानी होगी।