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Kannauj News: 1426 वक्फ संपत्तियों की होगी डिजिटल घेराबंदी, 1100 कब्रिस्तान और 300 मस्जिदें रडार पर
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कन्नौज। इत्रनगरी में वक्फ संपत्तियों को लेकर प्रशासन ने शनिवार को बड़ा कदम उठाया है। जिले में दर्ज 1,426 वक्फ संपत्तियों के अभिलेखों को अब पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा। आंकड़ों के मुताबिक इनमें से अधिकांश मस्जिदें और कब्रिस्तान सरकारी भूमि पर स्थित हैं। इनकी सुरक्षा, सीमांकन और पारदर्शिता के लिए व्यापक सर्वेक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है।
जिले में दर्ज कुल 1,426 वक्फ संपत्तियों में से 1,422 संपत्तियां सुन्नी समुदाय और चार संपत्तियां शिया समुदाय से जुड़ी हैं। 1100 कब्रिस्तान व 300 से अधिक मस्जिदें बनी हैं। जिला प्रशासन द्वारा वक्फ संपत्तियों के अभिलेखों को डिजिटल करने और अतिक्रमण से बचाने के लिए सर्वेक्षण का कार्य कराया जा रहा है। वक्फ अधिनियम के तहत सभी संपत्तियों का पंजीकरण, सीमांकन और सुरक्षा की जा रही है। कब्रिस्तानों में घेराबंदी, साफ-सफाई और पहुंच मार्ग को दुरुस्त करने के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सरकारी भूमि पर बनी मस्जिदों और कब्रिस्तानों को लेकर किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए स्थानीय लोगों और वक्फ मुतवल्लियों से समन्वय किया जा रहा है। जहां जरूरी होगा वहां सीमांकन और राजस्व अभिलेखों का मिलान भी कराया जाएगा। वक्फ संपत्तियों का उद्देश्य समुदाय के सामाजिक और धार्मिक कार्यों में उपयोग करना है। इसलिए इनका संरक्षण करना प्रशासन की प्राथमिकता है। भविष्य में अवैध कब्जे पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बरती जाए और समय-समय पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए, ताकि संरक्षण के काम में तेजी लाई जा सके।
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होंगे बदलाव
फोकस : प्रशासन का मुख्य फोकस वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाना और व्यवस्था में सुधार लाना है।
डिजिटल रिकॉर्ड: सभी संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन दर्ज होगा।
घेराबंदी व कायाकल्प: कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल, साफ-सफाई और रास्तों को दुरुस्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
राजस्व अभिलेखों से मिलान: जहां भी संशय होगा, वहां जमीन का सीमांकन कर राजस्व विभाग के रिकॉर्ड से मिलान कराया जाएगा।
वर्जन
सरकारी भूमि पर स्थित मस्जिदों व कब्रिस्तानों को लेकर कोई विवाद न हो, इसके लिए स्थानीय लोगों और वक्फ मुतवल्लियों से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। अवैध कब्जे पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
-जितेंद्र कुमार, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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जिले में दर्ज कुल 1,426 वक्फ संपत्तियों में से 1,422 संपत्तियां सुन्नी समुदाय और चार संपत्तियां शिया समुदाय से जुड़ी हैं। 1100 कब्रिस्तान व 300 से अधिक मस्जिदें बनी हैं। जिला प्रशासन द्वारा वक्फ संपत्तियों के अभिलेखों को डिजिटल करने और अतिक्रमण से बचाने के लिए सर्वेक्षण का कार्य कराया जा रहा है। वक्फ अधिनियम के तहत सभी संपत्तियों का पंजीकरण, सीमांकन और सुरक्षा की जा रही है। कब्रिस्तानों में घेराबंदी, साफ-सफाई और पहुंच मार्ग को दुरुस्त करने के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सरकारी भूमि पर बनी मस्जिदों और कब्रिस्तानों को लेकर किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए स्थानीय लोगों और वक्फ मुतवल्लियों से समन्वय किया जा रहा है। जहां जरूरी होगा वहां सीमांकन और राजस्व अभिलेखों का मिलान भी कराया जाएगा। वक्फ संपत्तियों का उद्देश्य समुदाय के सामाजिक और धार्मिक कार्यों में उपयोग करना है। इसलिए इनका संरक्षण करना प्रशासन की प्राथमिकता है। भविष्य में अवैध कब्जे पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बरती जाए और समय-समय पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए, ताकि संरक्षण के काम में तेजी लाई जा सके।
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होंगे बदलाव
फोकस : प्रशासन का मुख्य फोकस वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाना और व्यवस्था में सुधार लाना है।
डिजिटल रिकॉर्ड: सभी संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन दर्ज होगा।
घेराबंदी व कायाकल्प: कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल, साफ-सफाई और रास्तों को दुरुस्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
राजस्व अभिलेखों से मिलान: जहां भी संशय होगा, वहां जमीन का सीमांकन कर राजस्व विभाग के रिकॉर्ड से मिलान कराया जाएगा।
वर्जन
सरकारी भूमि पर स्थित मस्जिदों व कब्रिस्तानों को लेकर कोई विवाद न हो, इसके लिए स्थानीय लोगों और वक्फ मुतवल्लियों से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। अवैध कब्जे पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
-जितेंद्र कुमार, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी