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Kannauj News: खेलते समय दीवार से पैर फिसलने में छात्र के पेट में घुसी लाठी
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तालग्राम। दोस्तों के साथ खेल रहे कक्षा नौ के छात्र का दीवार पर चढ़ने के प्रयास में पैर फिसल गया। दीवार के सहारे लगी लाठी छात्र के पेट में घुस गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। छात्र को शनिवार को कानपुर के निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
ग्राम निकवा निवासी विशाल (16) पुत्र शिशुपाल कस्बे के निजी विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र है। शुक्रवार शाम को गांव से बाहर विशाल दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान छुपने के लिए दीवार पर चढ़ने के प्रयास में अचानक उसका पैर फिसल गया। दीवार के सहारे नीचे खड़ी लाठी उसके पेट में घुस गई। हादसा होते ही बच्चों में भगदड़ मच गई। बच्चों ने लाठी को बाहर निकालने का प्रयास भी किया लेकिन वह सफल नहीं हुए। परिजन गंभीर हालत में विशाल को लेकर सीएचसी पहुंचे। वहां डाॅक्टर ने राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
डॉक्टरों ने चार घंटे तक इलाज किया लेकिन हालत नाजुक होने पर उसे कानपुर रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कालेज के डाॅक्टरों ने दो यूनिट ब्लड की मांग की लेकिन वहां व्यवस्था नहीं हुई। इसके बाद परिजनों ने कन्नौज तक दौड़ लगाई। इसके बाद भी छात्र के ग्रुप का ब्लड नहीं मिला है। कानपुर के हैलट अस्पताल में भी आधे घंटे तक भर्ती नहीं किया तो एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया है। चचेरे भाई ने अंकित ने बताया कि आईसीयू में भर्ती हैं। हालत नाजुक बनी हुई है।
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परिजन में किसी का भी ब्लड ग्रुप एबी पाॅजिटिव नहीं था
विशाल का ब्लड ग्रुप एबी पाॅजिटिव था। यह ग्रुप मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं था। परिजन में किसी का भी ब्लड ग्रुप एबी पाॅजिटिव नहीं था। तब चचेरे भाई अंकित को कन्नौज में जिला अस्पताल भेजा गया। तब वहां कहा गया दो यूनिट ब्लड दो और बदल में एबी पॉजिटिव मिल जाएगा लेकिन अंकित अकेले गया था। इस कारण वहां ब्लड नहीं ले सका। अंकित जब वहां से लौटा तब तक मेडिकल कॉलेज ने विशाल को रेफर कर दिया था।
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ग्राम निकवा निवासी विशाल (16) पुत्र शिशुपाल कस्बे के निजी विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र है। शुक्रवार शाम को गांव से बाहर विशाल दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान छुपने के लिए दीवार पर चढ़ने के प्रयास में अचानक उसका पैर फिसल गया। दीवार के सहारे नीचे खड़ी लाठी उसके पेट में घुस गई। हादसा होते ही बच्चों में भगदड़ मच गई। बच्चों ने लाठी को बाहर निकालने का प्रयास भी किया लेकिन वह सफल नहीं हुए। परिजन गंभीर हालत में विशाल को लेकर सीएचसी पहुंचे। वहां डाॅक्टर ने राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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डॉक्टरों ने चार घंटे तक इलाज किया लेकिन हालत नाजुक होने पर उसे कानपुर रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कालेज के डाॅक्टरों ने दो यूनिट ब्लड की मांग की लेकिन वहां व्यवस्था नहीं हुई। इसके बाद परिजनों ने कन्नौज तक दौड़ लगाई। इसके बाद भी छात्र के ग्रुप का ब्लड नहीं मिला है। कानपुर के हैलट अस्पताल में भी आधे घंटे तक भर्ती नहीं किया तो एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया है। चचेरे भाई ने अंकित ने बताया कि आईसीयू में भर्ती हैं। हालत नाजुक बनी हुई है।
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परिजन में किसी का भी ब्लड ग्रुप एबी पाॅजिटिव नहीं था
विशाल का ब्लड ग्रुप एबी पाॅजिटिव था। यह ग्रुप मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं था। परिजन में किसी का भी ब्लड ग्रुप एबी पाॅजिटिव नहीं था। तब चचेरे भाई अंकित को कन्नौज में जिला अस्पताल भेजा गया। तब वहां कहा गया दो यूनिट ब्लड दो और बदल में एबी पॉजिटिव मिल जाएगा लेकिन अंकित अकेले गया था। इस कारण वहां ब्लड नहीं ले सका। अंकित जब वहां से लौटा तब तक मेडिकल कॉलेज ने विशाल को रेफर कर दिया था।