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Kannauj News: गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 21 नाले होंगे टैप
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कन्नौज। पंचायती राज विभाग ने गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने की योजना बनाई है। इसके तहत जिले के 21 नालों को टैप किया जाएगा ताकि दूषित पानी गंगा में न गिरे। इस पर 25 लाख रुपये खर्च होंगे और काम को अप्रैल तक पूरा करना है। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत की जा रही है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के हवाई सर्वे में 21 नालों का पता चला जिन पर एसटीपी नहीं बना है। एनजीटी की रिपोर्ट पर डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पंचायती राज विभाग को जिम्मेदारी दी। जिले के सदर और गुगरापुर ब्लॉक से गुजरने वाली गंगा में नौ स्थानों पर ये नाले गिरते हैं। इनमें से सात नाले अभी टैप होने बाकी हैं। अन्य पहले ही बंद किए जा चुके हैं। नालों को बंद करने के लिए फिल्टर चैंबर और कृत्रिम वेटलैंड तकनीक का उपयोग होगा। ग्राम पंचायत अधिकारियों ने कार्य योजना बनाकर जिला पंचायत राज विभाग को सौंपी है। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने सभी नाले बंद करने की पुष्टि की।
गंगा जल की पवित्रता
महादेवी घाट जैसे धार्मिक स्थलों पर गंगा जल की गुणवत्ता चिंता का विषय रही है। सरकार इन घाटों पर जल उपचार के लिए इन-सीटू वाटर ट्रीटमेंट पर विचार कर रही है। अत्याधुनिक फिल्टरेशन प्लांट लगाने की भी योजना है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्नान और आचमन के लिए शुद्ध जल उपलब्ध कराना है। यह प्रयास गंगा की पवित्रता बनाए रखने में सहायक होगा।
पर्यटन और अर्थ गंगा ट्रेल
जिला प्रशासन और नमामि गंगे टीम ने अर्थ गंगा ट्रेल योजना के तहत कई स्थलों का निरीक्षण किया है। इनमें बाबा गौरी शंकर मंदिर और डॉल्फिन व्यू पॉइंट जैसे स्थान शामिल हैं। इस योजना का प्रमुख हिस्सा घाटों का सौंदर्यीकरण और जल स्वच्छता बनाए रखना है। यह पहल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देगी और गंगा के महत्व को उजागर करेगी।
वर्जन
गंगा में गिरने वाले सभी 21 नालों को टैप करने की कार्य योजना तैयार कर ली गई है। इसमें 25 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसके लिए डीपीआरओ को 15वें वित्त आयोग व वीबी-जीरामजी से खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं का आचमन के लिए शुद्ध जल मिलेगा।
-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी
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गंगा जल की पवित्रता
महादेवी घाट जैसे धार्मिक स्थलों पर गंगा जल की गुणवत्ता चिंता का विषय रही है। सरकार इन घाटों पर जल उपचार के लिए इन-सीटू वाटर ट्रीटमेंट पर विचार कर रही है। अत्याधुनिक फिल्टरेशन प्लांट लगाने की भी योजना है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्नान और आचमन के लिए शुद्ध जल उपलब्ध कराना है। यह प्रयास गंगा की पवित्रता बनाए रखने में सहायक होगा।
पर्यटन और अर्थ गंगा ट्रेल
जिला प्रशासन और नमामि गंगे टीम ने अर्थ गंगा ट्रेल योजना के तहत कई स्थलों का निरीक्षण किया है। इनमें बाबा गौरी शंकर मंदिर और डॉल्फिन व्यू पॉइंट जैसे स्थान शामिल हैं। इस योजना का प्रमुख हिस्सा घाटों का सौंदर्यीकरण और जल स्वच्छता बनाए रखना है। यह पहल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देगी और गंगा के महत्व को उजागर करेगी।
वर्जन
गंगा में गिरने वाले सभी 21 नालों को टैप करने की कार्य योजना तैयार कर ली गई है। इसमें 25 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसके लिए डीपीआरओ को 15वें वित्त आयोग व वीबी-जीरामजी से खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं का आचमन के लिए शुद्ध जल मिलेगा।
-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी
