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Kannauj News: किसानों का फूटा गुस्सा, नदारद रहे बिजली विभाग के अफसर
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कन्नौज। कृषि भवन सभागार में बुधवार को आयोजित मासिक किसान दिवस में उस समय हंगामा हो गया, जब किसानों ने बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या उठाई। भीषण गर्मी के इस मौसम में फसलों की सिंचाई ठप होने से नाराज किसानों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हैरान करने वाली बात यह रही कि किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए जिम्मेदार अधिकारी बैठक में मौजूद नहीं था।
उप कृषि निदेशक सभागार में सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों के सामने किसानों ने अपनी गंभीर समस्याओं को रखा, जिसमें बिजली संकट का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। बैठक में पहुंचे विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने सीडीओ को बताया कि इस समय ग्रामीण इलाकों में बिजली की कटौती की जा रही है। इसके साथ ही जो बिजली मिल भी रही है, उसमें लो-वोल्टेज की भारी समस्या है। लो-वोल्टेज की वजह से नलकूपों और खेतों में लगी मोटरें चालू नहीं हो पा रही हैं। इस वजह से फसलों की समय पर सिंचाई करना पूरी तरह ठप हो गया है। अगर बिजली आपूर्ति में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो फसलें सूख जाएंगी और किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
इसके अलावा किसानों ने मुंहपका और खुरपका टीकाकरण करने की मांग की। किसानों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बमुश्किल पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। लो-वोल्टेज के कारण नलकूप काम नहीं कर रहे हैं। इससे धान की नर्सरी और मक्का, उरद, मूंग, मूंगफली की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि लोकल फॉल्ट और जर्जर तारों के नाम पर अघोषित कटौती की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास के सामने किसानों ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता और एसडीओ की अनुपस्थिति पर विरोध दर्ज कराया।
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सीडीओ ने जारी किया नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ ने बिजली विभाग के अनुपस्थित अधिकारियों के प्रति सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने अनुपस्थित अफसरों का वेतन रोकने और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया कि तीन दिन के भीतर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई होगी।
उप कृषि निदेशक सभागार में सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों के सामने किसानों ने अपनी गंभीर समस्याओं को रखा, जिसमें बिजली संकट का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। बैठक में पहुंचे विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने सीडीओ को बताया कि इस समय ग्रामीण इलाकों में बिजली की कटौती की जा रही है। इसके साथ ही जो बिजली मिल भी रही है, उसमें लो-वोल्टेज की भारी समस्या है। लो-वोल्टेज की वजह से नलकूपों और खेतों में लगी मोटरें चालू नहीं हो पा रही हैं। इस वजह से फसलों की समय पर सिंचाई करना पूरी तरह ठप हो गया है। अगर बिजली आपूर्ति में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो फसलें सूख जाएंगी और किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
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इसके अलावा किसानों ने मुंहपका और खुरपका टीकाकरण करने की मांग की। किसानों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बमुश्किल पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। लो-वोल्टेज के कारण नलकूप काम नहीं कर रहे हैं। इससे धान की नर्सरी और मक्का, उरद, मूंग, मूंगफली की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि लोकल फॉल्ट और जर्जर तारों के नाम पर अघोषित कटौती की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास के सामने किसानों ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता और एसडीओ की अनुपस्थिति पर विरोध दर्ज कराया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ ने बिजली विभाग के अनुपस्थित अधिकारियों के प्रति सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने अनुपस्थित अफसरों का वेतन रोकने और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया कि तीन दिन के भीतर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई होगी।