सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Health fairs are marred by chaos, doctors absent, and water shortages.

Kannauj News: आरोग्य मेलों में अव्यवस्थाएं, डॉक्टर नदारद और पानी की किल्लत

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:04 PM IST
विज्ञापन
Health fairs are marred by chaos, doctors absent, and water shortages.
विज्ञापन
कन्नौज। तीन शहरी और 33 ग्रामीण पीएचसी पर रविवार को आरोग्य स्वास्थ्य मेले लगे। दावों के विपरीत, ये मेले खानापूरी तक सीमित रहे। डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन की अनुपस्थिति से मरीजों को बिना परामर्श और खून की जांच कराए ही लौटना पड़ा। कई पीएचसी पर पीने के पानी की व्यवस्था न होने से मरीज परेशान हुए।
Trending Videos

फोटो :10: गुरसहायगंज के मोहल्ला अफसरी में पीएचसी पर मरीजों को दवाई देते फार्मासिस्ट। संवाद
समय : 11 बजे सुबह
डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन छुट्टी पर
गुरसहायगंज के मोहल्ला अफसरी स्थित पीएचसी पर सुबह 11 बजे मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। तब बताया गया कि डॉ. अनुराग प्रताप सिंह और लैब टेक्नीशियन आरपी विमल अवकाश पर हैं। फार्मासिस्ट अजय कुमार ने मरीजों से बीमारियों की जानकारी ली और दवा उपलब्ध करा दी। मरीज पंकज कुमार ने बताया कि हादसे में कंधे में चोट लग गई थी, उसकी दवा लेने आए थे। बुजुर्ग रामबाबू राठौर आयुष्मान कार्ड के लिए आए थे। बच्चे कुंज, पीयूष, अनुष्का खांसी-जुकाम की दवाई लेने आई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


--------
फोटो :11: नादेमऊ पीएचसी में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
समय : 11.40 बजे
डॉक्टर-फार्मासिस्ट नदारद, मरीज भटक
हसेरन ब्लॉक क्षेत्र के नादेमऊ पीएचसी में आरोग्य मेले में डॉ. राजन गुप्ता और फार्मासिस्ट प्रदीप कटियार सुबह 11.40 बजे नदारद थे। स्टाफ नर्स गीता, लैब टेक्नीशियन अपर्णा, वार्ड आया निर्मला कुर्सी पर बैठी हुई थीं और मरीजों को दवा दे रही थी पर बिना परामर्श के मरीज लिए बिना ही वापस लौट गए। बुजुर्ग मरीज लाल सिंह ने बताया कि ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की जांच के लिए आए थे, लेकिन डॉक्टर के न मिलने पर बिना इलाज के ही वापस लौट गए। वहीं, आरती, मनीष और रागिनी ने कहा कि इतनी दूर से आने के बावजूद मेले में न डॉक्टर मिले और न ही फार्मासिस्ट। अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी गई दवाओं पर भी मरीजों ने भरोसा न होने की बात कही।

----------
फोटो :12: सिकंदरपुर पीएचसी पर बंद वॉटर कूलर। संवाद
समय : 12.20 बजे दोपहर
पीएचसी पर नहीं पीने के पानी की व्यवस्था
सिकंदरपुर स्थित पीएचसी पर डॉ. केके अग्निहोत्री और डॉ. श्रुति मिश्रा ने 30 मरीजों को दिया। इस दौरान खांसी-जुकाम, बुखार और चर्म रोग के मरीज आए थे। लैब टेक्नीशियन ने 26 मरीजों की खून की जांच की। मरीज सत्य देवी, मयंक, रमेश, अवनीश कुमार, सुधीर कुमार ने बताया कि पीएचसी पर मरीजों को परामर्श के साथ ही इलाज तो मिल जाता है, लेकिन पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। पीएचसी में लगा वॉटर कूलर शोपीस बना है।
--
फोटो :13: जलालाबाद पीएचसी के बाहर फैली गंदगी। संवाद
समय : तीन बजे दोपहर
पीएचसी के बाहर फैली गंदगी
जलालाबाद से दो किलोमीटर दूर सीएचसी बनी हुई है। ऐसे में ज्यादातर मरीज कस्बे में बनी पीएचसी पर इलाज कराने के लिए आते हैं। पीएचसी के बाहर गंदगी फैली रहती हैं, जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा पीएचसी में पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है और मरीजों को आसपास के घरों से पीने का पानी मांगना पड़ता है या फिर घर से पानी लेकर आना पड़ता है।
------------
वर्जन
आरोग्य स्वास्थ्य मेले में अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टर, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन की जांच की जाएगी और जांच में पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी, जिन पीएचसी पर अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं, उन्हें जल्द दूर कराया जाएगा।
-डॉ. स्वदेश गुप्ता, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed