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Kannauj News: आलू, हल्दी से बनी तहरी, दो किलो दूध 44 बच्चे में वितरित
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ठठिया। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए मध्याह्न भोजन दिया जा रहा है लेकिन सिस्टम की मनमानी के चलते व्यवस्था में खेल हो रहा है। बुधवार छात्रों को मौसमी सब्जी मिश्रित तहरी खिलाई जानी चाहिए लेकिन ग्राम बहादुर स्थित परिषदीय स्कूल में आलू, हल्दी से तहरी खिलाई गई। इसके अलावा 44 बच्चों के लिए सिर्फ दो किलो दूध ही मंगाया गया।
परिषदीय स्कूल में बुधवार को 44 बच्चे पढ़ने के लिए आए थे। स्कूल में बच्चों के लिए तहरी और गर्म दूध दिया जाना था। रसोइया तहरी की तैयारी कर रही थी, लेकिन तहरी के लिए मौसमी सब्जी नदारद थी। आलू, टमाटर डालकर तहरी बनाई गई। रसोइयों ने बताया कि बच्चों को गर्म दूध दिया जाना है, जिसके लिए सिर्फ दो किलो दूध ही मंगाया गया है। दो किलो दूध सभी बच्चों को बांटा जाएगा। वहीं रसोइयों ने स्कूल प्रबंधन पर भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि भोजन बनाने के साथ स्कूल में झाड़ू-पोछा और अन्य साफ-सफाई के कार्य भी करने के लिए कहा जाता है। आरोप है कि कार्यालय में भी सफाई कराई जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजना सीधे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और विद्यालय की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से विद्यालय का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, दूध की मात्रा और रसोइयों की शिकायतों की जांच कराने की मांग की है। बीईओ विपिन कुमार ने बताया कि स्कूल का औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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परिषदीय स्कूल में बुधवार को 44 बच्चे पढ़ने के लिए आए थे। स्कूल में बच्चों के लिए तहरी और गर्म दूध दिया जाना था। रसोइया तहरी की तैयारी कर रही थी, लेकिन तहरी के लिए मौसमी सब्जी नदारद थी। आलू, टमाटर डालकर तहरी बनाई गई। रसोइयों ने बताया कि बच्चों को गर्म दूध दिया जाना है, जिसके लिए सिर्फ दो किलो दूध ही मंगाया गया है। दो किलो दूध सभी बच्चों को बांटा जाएगा। वहीं रसोइयों ने स्कूल प्रबंधन पर भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया है।
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उन्होंने बताया कि भोजन बनाने के साथ स्कूल में झाड़ू-पोछा और अन्य साफ-सफाई के कार्य भी करने के लिए कहा जाता है। आरोप है कि कार्यालय में भी सफाई कराई जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजना सीधे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और विद्यालय की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से विद्यालय का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, दूध की मात्रा और रसोइयों की शिकायतों की जांच कराने की मांग की है। बीईओ विपिन कुमार ने बताया कि स्कूल का औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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