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Kannauj News: पर्यटन विभाग ने की स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स की घोषणा
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कन्नौज। राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स 2026 की घोषणा की है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य प्रदेश के उन गांवों, ग्रामीण होमस्टे और फार्म स्टे को सम्मानित करना है जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर, सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदार पर्यटन प्रथाओं के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं। यह पहल ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस वर्ष स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स 2026 तीन प्रमुख श्रेणियों में दिए जाएंगे: बेस्ट पर्यटन गांव 2026, बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) और बेस्ट फार्म स्टे। प्रत्येक श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। यह पहल पूरी तरह से जन-केंद्रित है जिसका लक्ष्य गांवों, परिवारों, किसानों और ग्रामीण मेज़बानों को अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय खानपान, कृषि पद्धतियों और प्रकृति से जुड़े प्रामाणिक अनुभवों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर देना है। पर्यटन विभाग में पंजीकृत न होने वाले पात्र हितधारक भी इन पुरस्कारों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इत्रनगरी में एग्री-रूरल टूरिज्म का विकास
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि इत्र और इतिहास की नगरी कन्नौज तेजी से एग्री-रूरल टूरिज्म के मॉडल के रूप में उभर रही है। वर्तमान में कई ग्रामीण होमस्टे पर्यटन विभाग के साथ पंजीकृत हो चुके हैं। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक गांवों और फार्म स्टे संचालकों को इस इकोसिस्टम से जोड़ना है। राजा तिर्वा के महल आनंद भवन पैलेस को पहले ही ग्रामीण होम स्टे के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है, और अन्य ऐतिहासिक इमारतों को भी होम स्टे के रूप में विकसित करने की योजना है। इन पुरस्कारों से स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने वालों को पहचान मिलेगी।
ग्रामीण पर्यटन का बढ़ता महत्व
जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. मकबूल ने कहा कि आज का पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुभवात्मक पर्यटन का रूप ले चुका है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण जीवन से जोड़ना है, ताकि उनकी यात्रा केवल स्मारकों तक सीमित न रहकर संस्कृति, परंपरा और सादगी से जुड़ा एक सार्थक अनुभव बन सके। बेस्ट पर्यटन गांव श्रेणी में गांवों का मूल्यांकन उनकी विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति, सामुदायिक भागीदारी और पर्यटक सुविधाओं के आधार पर होगा। बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) में प्रामाणिक अनुभव और अतिथि सुविधा को महत्व दिया जाएगा, जबकि बेस्ट फार्म स्टे में कृषि आधारित अनुभव और प्रकृति से जुड़ाव प्रमुख मानदंड होंगे। आवेदन ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म के माध्यम से किए जा सकते हैं। इच्छुक लोग उत्तर प्रदेश पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन करके भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जनवरी है।
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इस वर्ष स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स 2026 तीन प्रमुख श्रेणियों में दिए जाएंगे: बेस्ट पर्यटन गांव 2026, बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) और बेस्ट फार्म स्टे। प्रत्येक श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। यह पहल पूरी तरह से जन-केंद्रित है जिसका लक्ष्य गांवों, परिवारों, किसानों और ग्रामीण मेज़बानों को अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय खानपान, कृषि पद्धतियों और प्रकृति से जुड़े प्रामाणिक अनुभवों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर देना है। पर्यटन विभाग में पंजीकृत न होने वाले पात्र हितधारक भी इन पुरस्कारों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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इत्रनगरी में एग्री-रूरल टूरिज्म का विकास
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि इत्र और इतिहास की नगरी कन्नौज तेजी से एग्री-रूरल टूरिज्म के मॉडल के रूप में उभर रही है। वर्तमान में कई ग्रामीण होमस्टे पर्यटन विभाग के साथ पंजीकृत हो चुके हैं। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक गांवों और फार्म स्टे संचालकों को इस इकोसिस्टम से जोड़ना है। राजा तिर्वा के महल आनंद भवन पैलेस को पहले ही ग्रामीण होम स्टे के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है, और अन्य ऐतिहासिक इमारतों को भी होम स्टे के रूप में विकसित करने की योजना है। इन पुरस्कारों से स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने वालों को पहचान मिलेगी।
ग्रामीण पर्यटन का बढ़ता महत्व
जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. मकबूल ने कहा कि आज का पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुभवात्मक पर्यटन का रूप ले चुका है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण जीवन से जोड़ना है, ताकि उनकी यात्रा केवल स्मारकों तक सीमित न रहकर संस्कृति, परंपरा और सादगी से जुड़ा एक सार्थक अनुभव बन सके। बेस्ट पर्यटन गांव श्रेणी में गांवों का मूल्यांकन उनकी विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति, सामुदायिक भागीदारी और पर्यटक सुविधाओं के आधार पर होगा। बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) में प्रामाणिक अनुभव और अतिथि सुविधा को महत्व दिया जाएगा, जबकि बेस्ट फार्म स्टे में कृषि आधारित अनुभव और प्रकृति से जुड़ाव प्रमुख मानदंड होंगे। आवेदन ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म के माध्यम से किए जा सकते हैं। इच्छुक लोग उत्तर प्रदेश पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन करके भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जनवरी है।