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Kannauj News: हृदय रोगियों को मिलेगा प्राथमिक इलाज
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छिबरामऊ। छिबरामऊ में हृदय रोगियों को अब सौ शैया अस्पताल में ही प्राथमिक इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। हार्ट अटैक जैसे गंभीर मामलों में मरीजों की जान बचाने के उद्देश्य से अस्पताल में विशेष ''स्टेमी केयर रूम'' तैयार कर दिया गया है। इस कक्ष में हृदय रोगियों के लिए आवश्यक ईसीजी जांच की सुविधा के साथ-साथ प्राथमिक उपचार हेतु आवश्यक इंजेक्शन और दवाएं भी उपलब्ध करा दी गई हैं। गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर हायर सेंटर रेफर किया जाएगा, जिससे कीमती समय बच सके और उनकी जान बचाई जा सके।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. महेंद्र भान सिंह और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सुनील कुमार ने अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ शनिवार को बैठक की। इस बैठक में एसीएमओ डॉ. सिंह ने हृदय रोगियों और हार्ट अटैक से पीड़ित मरीजों के निदान में ईसीजी जांच के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्टेमी केयर रूम में किसी भी स्वास्थ्य कर्मी को तैनात किया जा सकता है और सभी को ईसीजी जांच करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा
एसीएमओ ने यह भी बताया कि प्रदेश भर में एक व्हॉट्सएप स्टेमी नेटवर्क सक्रिय किया गया है। इस नेटवर्क में प्रदेश के प्रतिष्ठित कार्डियोलॉजिस्ट, अस्पतालों के नोडल अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ को जोड़ा गया है। अस्पताल में आने वाले हृदय रोगियों की ईसीजी रिपोर्ट इस ग्रुप में साझा की जाएगी। इसके माध्यम से कार्डियोलॉजिस्ट की विशेषज्ञ सलाह के अनुसार मरीजों का इलाज आगे बढ़ाया जाएगा। यदि ईसीजी रिपोर्ट में मरीज की स्थिति गंभीर पाई जाती है, तो तत्काल खून पतला करने वाले इंजेक्शन देने की सलाह दी जाएगी।
सीएमएस डॉ. सुनील कुमार सिंह ने जानकारी दी कि शासन स्तर से हृदय संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इनमें खून पतला करने वाला महंगा इंजेक्शन टेनेक्टा प्लस भी शामिल है।
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अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. महेंद्र भान सिंह और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सुनील कुमार ने अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ शनिवार को बैठक की। इस बैठक में एसीएमओ डॉ. सिंह ने हृदय रोगियों और हार्ट अटैक से पीड़ित मरीजों के निदान में ईसीजी जांच के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्टेमी केयर रूम में किसी भी स्वास्थ्य कर्मी को तैनात किया जा सकता है और सभी को ईसीजी जांच करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा
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एसीएमओ ने यह भी बताया कि प्रदेश भर में एक व्हॉट्सएप स्टेमी नेटवर्क सक्रिय किया गया है। इस नेटवर्क में प्रदेश के प्रतिष्ठित कार्डियोलॉजिस्ट, अस्पतालों के नोडल अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ को जोड़ा गया है। अस्पताल में आने वाले हृदय रोगियों की ईसीजी रिपोर्ट इस ग्रुप में साझा की जाएगी। इसके माध्यम से कार्डियोलॉजिस्ट की विशेषज्ञ सलाह के अनुसार मरीजों का इलाज आगे बढ़ाया जाएगा। यदि ईसीजी रिपोर्ट में मरीज की स्थिति गंभीर पाई जाती है, तो तत्काल खून पतला करने वाले इंजेक्शन देने की सलाह दी जाएगी।
सीएमएस डॉ. सुनील कुमार सिंह ने जानकारी दी कि शासन स्तर से हृदय संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इनमें खून पतला करने वाला महंगा इंजेक्शन टेनेक्टा प्लस भी शामिल है।