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दर्दनाक हादसा: यमुना के संगम में स्नान करते समय सिपाही की डूबकर मौत, इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार
Mon, 29 Jun 2026 12:02 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:02 AM IST
सार
सिपाही बांदा के चिल्ला थाने में तैनात था। कानपुर नगर के सरसौल रामपुर गांव के रहने वाले थे। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
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सिपाही अनुराग सिंह भदौरिया की फाइल फोटो व नदी में जाल डालकर शव खोजते ग्रामीण व पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चिल्ला थाने में तैनात कांस्टेबल की यमुना नदी में स्नान करते समय डूबकर मौत हो गई। बारी लगाए लोगों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। चिल्ला और ललौली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पांच घंटे तक नदी में तलाश अभियान चलाया गया। बाद में जाल डलवाने से सिपाही का शव उसमें फंसकर बाहर आया। पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल आई। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चिल्ला थानाक्षेत्र के चिल्ला थानाध्यक्ष आनंद साहू ने बताया कि थाने में तैनात सिपाही कानपुर नगर के महराजपुर थाना क्षेत्र के सरसौल रामपुर गांव निवासी अनुराग सिंह भदौरिया (27) रविवार को सुबह छह बजे थाने के साथी सिपाहियों को बताकर यमुना नदी में स्नान करने के लिए निकले थे। उन्होंने चिल्ला नदी का पुल पार कर फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र में चाय पकौड़ी की दुकान में बाइक खड़ी कर पहले नाश्ता किया उसके बाद वह पैदल दो किलोमीटर केन और यमुना के संगम स्थल पर नहाने के लिए पहुंचे।
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चिल्ला थानाक्षेत्र के चिल्ला थानाध्यक्ष आनंद साहू ने बताया कि थाने में तैनात सिपाही कानपुर नगर के महराजपुर थाना क्षेत्र के सरसौल रामपुर गांव निवासी अनुराग सिंह भदौरिया (27) रविवार को सुबह छह बजे थाने के साथी सिपाहियों को बताकर यमुना नदी में स्नान करने के लिए निकले थे। उन्होंने चिल्ला नदी का पुल पार कर फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र में चाय पकौड़ी की दुकान में बाइक खड़ी कर पहले नाश्ता किया उसके बाद वह पैदल दो किलोमीटर केन और यमुना के संगम स्थल पर नहाने के लिए पहुंचे।
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यहां बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान मौरंग में पैर फिसलने से वह गहराई में पहुंच गए और नदी में समा गए। सुबह 10 बजे तक वह थाने नहीं पहुंचे तो थाने के अन्य पुलिसकर्मियों ने खोजना शुरू किया। वह खोजते हुए नदी किनारे पहुंचे तो कपड़े उतरे देख। इस पर उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इस पर थानाध्यक्ष चिल्ला आनंद साहू मय फोर्स और ललौली थाना का फोर्स मौके पर पहुंच गया। वहां नाव से नदी में तलाश अभियान शुरू हुआ।
ग्रामीणों की मदद से जाल डालकर सिपाही को खोजते रहें, करीब पांच घंटे बाद शव जाल फंस गया। थानाध्यक्ष सिपाही को लेकर जिला अस्पताल आएं, यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अनुराग सिंह वर्ष 2019 में पुलिस में भर्ती हुए थे। 26 मई 2026 को वह कमासिन थाने से स्थानांतरित होकर चिल्ला थाने में आए थे। तब से वहीं ड्यूटी कर रहे थे। थानाध्यक्ष आनंद साहू ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। सिपाही के परिजन भी कानपुर से आ गए हैं।
इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार
कानपुर से आए पिता महेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि वह किसानी के साथ-साथ सरसौल गांव में इलेक्ट्रानिक की दुकान खोले हैं। अनुराग उनका इकलौता पुत्र था। एक बहन नेहा सिंह की शादी हो चुकी है। घर में अनुराग की मां कांति देवी और पत्नी सेजल सिंह हैं। एक चार माह का पुत्र शिवांश है। अनुराग की वर्ष 2024 में शादी हुई थी। सेजल के पिता बिंदकी के विक्रमपुर गांव निवासी रनबीर सिंह तोमर ने बताया कि वह चरखारी में हेड कांस्टेबल पद पर तैनात हैं। सेजल दो बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़ी है। जिला अस्पताल में अनुराग के पिता फफक के रो पड़े। साथी सिपाही भी अनुराग के शव के पास खड़े रोते रहे।
कानपुर से आए पिता महेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि वह किसानी के साथ-साथ सरसौल गांव में इलेक्ट्रानिक की दुकान खोले हैं। अनुराग उनका इकलौता पुत्र था। एक बहन नेहा सिंह की शादी हो चुकी है। घर में अनुराग की मां कांति देवी और पत्नी सेजल सिंह हैं। एक चार माह का पुत्र शिवांश है। अनुराग की वर्ष 2024 में शादी हुई थी। सेजल के पिता बिंदकी के विक्रमपुर गांव निवासी रनबीर सिंह तोमर ने बताया कि वह चरखारी में हेड कांस्टेबल पद पर तैनात हैं। सेजल दो बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़ी है। जिला अस्पताल में अनुराग के पिता फफक के रो पड़े। साथी सिपाही भी अनुराग के शव के पास खड़े रोते रहे।
तीन साथी थे छुट्टी पर, अकेले गए थे अनुराग
सिपाही अनुराग थाने में ही तैनात तीन अन्य साथियों के साथ हर दिन कसरत करने व स्नान करने के लिए जाते थे। कुछ दिनों से तीन अन्य सिपाही छुट्टी पर चले गए थे। इसके चलते वह अकेले गए थे। वहीं, मोबाइल कमरे पर छोड़ गए थे।
सिपाही अनुराग थाने में ही तैनात तीन अन्य साथियों के साथ हर दिन कसरत करने व स्नान करने के लिए जाते थे। कुछ दिनों से तीन अन्य सिपाही छुट्टी पर चले गए थे। इसके चलते वह अकेले गए थे। वहीं, मोबाइल कमरे पर छोड़ गए थे।