Banda Double Suicide: चाचा ने 3.40 लाख में भतीजों के नाम की रजिस्ट्री, चाची ने मांगा हक तो भाई-बहन ने दी जान
Banda News: बांदा के नरैनी में चाची द्वारा संपत्ति में हक और गुजारा भत्ता मांगने के विवाद के चलते भाई-बहन ने जहर खाकर जान दे दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विस्तार
बांदा जिले में नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर अतर्रा रोड निवासी प्रकाशचंद्र उर्फ मिठाई लाल गुप्ता ने बताया कि वह चार भाई हैं। सबसे बड़े गुलाबचंद्र, तेजचंद्र, प्रकाशचंद्र और सुभाषचंद्र। उनका अपना पैतृक मकान है। चारों भाइयों में वर्ष 2004 में बंटवारा हो चुका है। सभी अपने-अपने हिस्से में रहते हैं। प्रकाशचंद्र घर में ही जनरल स्टोर की दुकान किए हैं। वर्तमान में उनके दोनों बेटे दुकान संभाल रहे थे।
प्रकाशचंद्र ने बताया कि सबसे छोटे भाई सुभाषचंद्र व उसकी पत्नी सुधा गुप्ता की आपस में न बनने के कारण, उनके बीच रिश्ता नहीं रह गया है। इस पर उनके छोटे भाई सुभाषचंद्र ने अपने हिस्से का मकान और दुकान उनके दोनों बेटों आनंद प्रकाश उर्फ सोम गुप्ता व भाष्कर गुप्ता के नाम वर्ष 2010 में अपने हिस्से की लिखापढ़ी के साथ तीन लाख 40 हजार रुपये में बेचनामा करते हुए रजिस्ट्री कर दी थी।
गुजारा भत्ता और दुकान व मकान में हिस्सेदारी
इस पर सुभाषचंद्र की पत्नी सुधा ने अपनी हकदारी को बताते हुए पति सुभाषचंद्र और दोनों भतीजों आनंद प्रकाश व भाष्कर के खिलाफ नरैनी न्यायालय में पैतृक संपत्ति में हकदारी का वर्ष 2015 में वाद दायर किया था। इस मुकदमे का न्यायालय ने 19 जनवरी को सुधा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आदेश दिया था कि सुधा को गुजारा भत्ता और दुकान व मकान में हिस्सेदारी दी जाए।
दोनों के शव बागै नदी किनारे पड़े मिले थे
इसी फैसले को लेकर सुभाषचंद्र की पत्नी सुधा रविवार की रात उनके घर आई और दुकान और मकान में हिस्सेदारी का हक जताते हुए रुपये मांगने लगी। इस पर उसके दोनों बेटों और बेटी से उसका विवाद भी हुआ था। इसी के चलते अगले दिन सोमवार को उसकी बेटी और बेटा ने जहर खाकर जान दी है। दोनों के शव बागै नदी किनारे पड़े मिले थे। घटनास्थल से जहर के पाउच बरामद किए गए हैं।
न्यायालय ने सुनाया था यह फैसला
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर अतर्रा रोड निवासी प्रकाशचंद्र के मुताबिक नरैनी न्यायालय में सुधा के हक में फैसला सुनाते हुए कहा था कि सुधा को जेवर का एक लाख रुपये, दुकान का किराया तीन लाख रुपये व दो हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता, उसका पति और भतीजे अदा करें। इसी फैसले पर सुधा अपने दोनों भतीजों से हकदारी लेने पहुंची थी।
अपनी हिस्सेदारी मांगने लगी थी सुधा
उसने यह भी कहा था कि वह कई साल से अलग किराए के मकान में रह रही है। उसे गुजारा भत्ता चाहिए। सुधा मिर्जापुर की रहने वाली हैं। प्रकाशचंद्र के मुताबिक, सुधा वर्ष 2010 में जब दुकान और मकान की उनका छोटा भाई रजिस्ट्री कर रहा था, तब वह नहीं थीं। अपने मायके में रह रही थीं। जब उसके बेटों ने दुकान और मकान में 17 लाख रुपये लगाकर बनवा लिया था, तब वर्ष 2015 में सुधा नरैनी आई और अपनी हिस्सेदारी मांगने लगी थी।
सुभ्रता की जून माह में कानपुर में करनी थी शादी
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर निवासी प्रकाशचंद्र ने बताया कि उनकी चार बेटियां और दो बेटे हैं। बड़ी बेटियों ममता, समता और नमृता की शादी हो चुकी है। चौथी बेटी सुभ्रता और दोनों बेटे आनंद प्रकाश उर्फ सोम और भाष्कर गुप्ता अविवाहित थे। सोम दुकान संभालता था। वह एमएससी किए था। सुभ्रता भी बीएससी कर चुकी थी। सु्भ्रता की शादी उन्होंने कानपुर में तय कर दी थी। इसी साल के जून या नवंबर माह में सुभ्रता की शादी करनी थी। आनंद प्रकाश के लिए भी वह लड़की देख रहे थे लेकिन कहीं बात नहीं चल रही थी। छोटा पुत्र भाष्कर गुप्ता नरैनी के डिग्री कॉलेज से बीएससी फाइनल इयर का छात्र है।
चाची के अपने पति से सही नहीं थे संबंध
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर निवासी प्रकाशचंद्र के मुताबिक, सबसे छोटा भाई रामदास उर्फ सुभाषचंद्र वर्ष 2012 में एक सड़क हादसे में एक पैर से दिव्यांग भी हो गया था। वह कभी घर में रहता था, कभी नहीं रहता था। उसकी पत्नी सुधा से उसके संबंध भी अच्छे नहीं थे। सुधा वर्ष 2010 में अपने मायके मिर्जापुर चली गई थी।
ये था पूरा मामला
पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद में सगी चाची द्वारा दिए गए ताने से आहत होकर भाई-बहन ने जहर खाकर जान दे दी। घटना नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर अतर्रा रोड की है। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों को नरैनी सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं ताऊ को पांच सौ रुपये देने को लेकर भी कलह होने की बात सामने आई है।
जहर के पाउच और एक स्कूटी भी बरामद हुई
जानकारी के अनुसार, प्रकाशचंद्र उर्फ मिठाई लाल के पुत्र आनंद प्रकाश उर्फ सोम गुप्ता (30) और पुत्री चंचल उर्फ सुभ्रता गुप्ता (34) सोमवार की दोपहर घर से निकले थे। करीब चार किमी दूर बागै नदी किनारे उन्होंने जहर खा लिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से जहर के पाउच और एक स्कूटी भी बरामद हुई।
आनंद और चंचल से विवाद हो गया
मृतकों के पिता ने बताया कि उनके छोटे भाई रामदास उर्फ सुभाषचंद्र गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता से पैतृक मकान व दुकान को लेकर वर्ष 2015 से न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। 19 जनवरी को न्यायालय ने सुधा गुप्ता के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसमें दुकान का किराया, मकान में हिस्सा और मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया था। रविवार रात सुधा गुप्ता द्वारा अपना हिस्सा और दुकान का किराया मांगने पर आनंद और चंचल से उनका विवाद हो गया।
भाई-बहन ने आत्मघाती कदम उठा लिया
विवाद के दौरान सुधा ने ताना मारते हुए कहा कि यदि हिस्सा या रुपये नहीं दे सकते, तो जहर खाकर मर जाओ। इसी बात से क्षुब्ध होकर भाई-बहन ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पोस्टमार्टम हाउस में पिता ने बताया कि हादसे के एक दिन पहले उन्होंने भाई को 500 रुपये दिए थे। जिस बात को लेकर घर में कलह हुई थी, जिसके बाद ही भाई- बहन घर से निकल गए थे।
