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Banda: खान अधिकारी को पीटने के मामले में पूर्व विधायक समेत पांच बरी, एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनाया फैसला
Sat, 25 Jul 2026 07:17 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 25 Jul 2026 07:17 PM IST
सार
घटना के दौरान बृजेश प्रजापति तिंदवारी से भाजपा के टिकट पर विधायक थे। अभियोजन आरोप साबित नहीं कर सका।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आठ साल पहले तत्कालीन खान अधिकारी को बंधकर बनाकर पीटने और रंगदारी मांगने के मामले में पूर्व विधायक तिंदवारी बृजेश प्रजापति समेत पांच को न्यायालय ने बरी कर दिया। यह आदेश विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए प्रफुल्ल कुमार चौधरी ने दिया है। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
तत्कालीन जिला खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। कहा कि 9 अक्तूबर 2018 को विधायक के गनर और प्रतिनिधि ने उन्हें सर्किट हाउस बुलाया था। वहां बृजेश प्रजापति ने उनसे कहा कि उनकी विधानसभा में चलने वाले खनन पट्टों से 25 लाख रुपये प्रति माह हिस्सा तय कराएं। मना करने पर बृजेश प्रजापति और नीरज पटेल ने अपने पांच-छह साथियों के साथ मिलकर उन्हें व उनके कर्मचारी अरविंद कुमार पांडेय को कमरे में बंधक बना लिया। उन्हें लात-घूंसों से पीटा गया। दो व्यक्तियों के हाथ में राइफल भी थी। विधायक ने कहा कि बुलेट 150 रुपये में आती है, गोली से उड़वा दूंगा। उन्होंने परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के समय मौजूद सरकारी गनर मूकदर्शक बने रहे।
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तत्कालीन जिला खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। कहा कि 9 अक्तूबर 2018 को विधायक के गनर और प्रतिनिधि ने उन्हें सर्किट हाउस बुलाया था। वहां बृजेश प्रजापति ने उनसे कहा कि उनकी विधानसभा में चलने वाले खनन पट्टों से 25 लाख रुपये प्रति माह हिस्सा तय कराएं। मना करने पर बृजेश प्रजापति और नीरज पटेल ने अपने पांच-छह साथियों के साथ मिलकर उन्हें व उनके कर्मचारी अरविंद कुमार पांडेय को कमरे में बंधक बना लिया। उन्हें लात-घूंसों से पीटा गया। दो व्यक्तियों के हाथ में राइफल भी थी। विधायक ने कहा कि बुलेट 150 रुपये में आती है, गोली से उड़वा दूंगा। उन्होंने परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के समय मौजूद सरकारी गनर मूकदर्शक बने रहे।
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शैलेंद्र सिंह की तहरीर पर थाना कोतवाली नगर, बांदा में बृजेश कुमार प्रजापति और पांच-छह अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। विवेचना के बाद 11 अप्रैल 2022 को बृजेश कुमार प्रजापति, मनोज प्रजापति उर्फ नीतू, देवेन्द्र कुमार प्रजापति उर्फ पप्पू, कुलदीप पटेल उर्फ सीएम, लवलेश प्रजापति और हरिकरण सिंह के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने अपने मामले को साबित करने के लिए छह गवाहों को परीक्षित कराया। इनमें वादी शैलेंद्र सिंह और उनके कर्मचारी अरविंद कुमार पांडेय प्रमुख थे।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने शैलेंद्र सिंह से कई बार प्रतिपरीक्षा की। प्रतिपरीक्षा में शैलेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि उनके खिलाफ अवैध खनन और पारिवारिक विवादों को लेकर शिकायतें दर्ज हुई थीं। उन्होंने यह भी बताया कि अभियुक्तों के नाम उन्हें सर्किट हाउस के एक कर्मचारी ने बताए थे, जिसका नाम उन्हें याद नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने अभियुक्तों की पहचान परेड नहीं कराई थी।
शैलेंद्र सिंह ने अपने खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा प्रयागराज में दर्ज होने की बात भी स्वीकार की। गवाहों व अभिलेखीय साक्ष्य से आरोप साबित नहीं हो सके। इसके चलते न्यायालय ने पूर्व विधायक समेत पांच आरोपियों को बरी कर दिया। वहीं हरिकरण की सुनवाई के दौरान पहले ही मौत हो चुकी है।