UP: ‘खून से लथपथ और बिखरीं खुशियां'’, मां के आंचल में बची साफिया, ट्रॉले ने कुचल दीं छह जिंदगियां, बांदा हादसा
Banda Road Accident News: बिसंडा कस्बे में एक तेज रफ्तार ट्रॉले ने साइकिल सवार शिक्षक और ई-रिक्शा सवारों को कुचल दिया। हादसे में कुल छह लोगों की मौत हो गई। आक्रोशित लोगों ने नो-इंट्री लागू न होने पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। डीएम अमित आसेरी ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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विस्तार
बांदा जिले के बिसंडा कस्बे में बुधवार की शाम हुआ सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और वर्षों से अनसुनी की जा रही मांगों का भयावह परिणाम बनकर सामने आया। कस्बावासियों का कहना है कि यदि समय रहते भारी वाहनों की नो-इंट्री लागू कर दी जाती, तो शायद पांच लोगों की जान न जाती और कई परिवार उजड़ने से बच जाते।
घटना की शुरुआत तब हुई जब खुरहंड से ओवरलोड बालू लेकर जा रहे तेज रफ्तार ट्राला ने घूरी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रामेश्वर प्रसाद (61) को कुचल दिया। वह बीआरसी बिसंडा से अपने गांव लौट रहे थे। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भाग निकला। गुस्साए लोगों ने बाइक से ट्रक का पीछा शुरू किया, लेकिन भागते समय ट्रक ने नाथू तालाब के पास सामने से आ रहे ई-रिक्शा को रौंद दिया।
जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
इस दूसरी टक्कर में कोर्रही गांव निवासी मुबीन (40), ममता (48), राकेश (45) और शहबाज (12) की मौके पर मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल बौरी देवी और शिवकली, शबाना, सोहनलाल व साफिया को बांदा रेफर किया गया है। हादसे के बाद बिसंडा कस्बे में आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने बांदा रोड पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
नो-इंट्री लागू करने की मांग
करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवराज और एडीएम मायाशंकर ने लोगों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग मुआवजे के साथ-साथ कस्बे में तत्काल नो-इंट्री लागू करने की मांग पर अड़े रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे के भीतर से रोजाना ओवरलोड बालू ट्रक तेज रफ्तार से गुजरते हैं।
शासन-प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा
कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन देकर भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते आज पांच परिवारों के घरों में मातम पसरा है। कस्बे में चर्चा है कि यदि पहले ही भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी जाती, तो रामेश्वर प्रसाद आज जिंदा होते और ई-रिक्शा में सवार चार लोगों की भी जान न जाती।
तीन माह की मासूम को मां के आंचल ने बचाया
बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव निवासी पीरू की पत्नी शबाना, उसका पुत्र शहबाज और तीन माह की पुत्री साफिया तीनों बकरीद के त्योहार की खरीदारी करने के लिए बिसंडा आ रहे थे। गनीमत थी कि बेटी को शबाना अपनी गोद में लिए थी। हादसे के समय एक मां ने अपने बच्चे का कवर करते हुए अपने में छिपा लिया। जिससे मासूम साफिया बच गई। जबकि हादसे में उसका भाई शहबाज की मौत हो गई।
त्योहार से ठीक एक दिन पहले कोर्रही गांव में मातम
बिसंडा में हुए हादसे में दो मुस्लिम परिवारों के यहां मातम छा गया। बकरीद के त्योहार के ठीक एक दिन पहले हुए हादसे पूरा गांव गमगीन है। जबकि तीन अन्य भी मरने वाले कोर्रही गांव के ही है। उनके घर में भी मातम पसरा है। बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव निवासी मुबीन (40) सऊदी अरब में रहकर कमाता था। वह छह साल बाद दो महीना पहले अपने गांव आया था। यहां बकरीद की खरीदारी के लिए वह बिसंडा आ रहा था।
बकरीद की खरीदारी करने आ रही थी
तभी ओरन रोड के पास हादसा होने से उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक मुबीन के दो पुत्र हैं। इसी तरह से ई रिक्शा में एक दूसरा मुस्लिम परिवार भी बैठा था। कोर्रही निवासी शबाना (40) ने बताया कि उसके पति पीरू मुंबई में रहकर कमाते हैं। शबाना अपने पुत्र शहबाज (10) व तीन माह की बेटी साफिया के साथ बिसंडा में बकरीद की खरीदारी करने आ रही थी। लेकिन रास्ते में ट्राला की टक्कर से उसने अपने 10 वर्षीय बेटे को खो दिया।
उधर, मुबीन के घर में भी मातम पसरा है। सभी लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए हैं। शबाना के घर में भी कोई नहीं है। शबाना अपनी बच्ची के साथ बिसंडा पीएचसी में भर्ती रही है। उधर, कोर्रही निवासी मृतका ममता व ई रिक्शा चालक राकेश के घर भी मातम पसरा है। जबकि देर रात ई रिक्शा में सवार सोहनलाल की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत होने से हादसे में घायल उसकी पत्नी बौरी और बेटी शिवकली का रो-रोकर बुरा हाल है।
बिसंडा थाना क्षेत्र में बिसंडा-ओरन रोड पर एक ट्राला चालक ने साइकिल को टक्कर मार दी। जिससे साइकिल चालक की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के उपरांत ट्रक चालक भाग रहा था तब कुछ दूर जाकर ट्राला एक ई-रिक्शा को टक्कर मारकर पलट गया। जिसमें मौके पर तीन ई-रिक्शा पर सवार सवारियों की मौत हो गई है। इलाज के दौरान दो अन्य घायलों की भी मौत हो गई। चार लोग का इलाज सुचारु रूप से चल रहा है। अन्य आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। मौके पर पुलिस बल मौजूद है। -अमित आसेरी, जिलाधिकारी, बांदा
बिसंडा में हुए हादसे में घटना स्थल पर पहुंचकर ट्राला के कागजात चेक किए हैं। गाड़ी में रॉयल्टी थी और अंडरलोड थी। -राज रंजन, जिला खनिज अधिकारी, बांदा
ऐसा हुआ था हादसा
बिसंडा थाना क्षेत्र के बांदा रोड पर नहर पुल के पास बुधवार को मौरंग लादकर जौनपुर जा रहे चालक ने ओवरलोड ट्राॅला सेवानिवृत्त शिक्षक पर चढ़ा दिया। हादसे में शिक्षक के सिर के ऊपर से पहिया चढ़कर निकल गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा होते देख प्रत्यक्षदर्शियों ने बाइक से ट्रॉला चालक का पीछा किया। तेज रफ्तार में भाग रहा ट्रॉला दो किलोमीटर बाद ओरन रोड पर ई-रिक्शा से भिड़ गया।
छह लोगों ने तोड़ दिया दम
इससे ई-रिक्शा उछलकर खंती में गिरकर टूट गया। ट्रॉला भी अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ई-रिक्शा सवार चार यात्रियों की मौत हो गई। पांच गंभीर घायलों को बिसंडा पीएचसी से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक यात्री ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक मौके से भाग गया। हादसे से आक्रोशित लोगों ने बिसंडा-बांदा मार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जाम खुलवाया और शव को भिजवाया।