No Cash in ATM: एटीएम बने डिब्बा, ग्राहक हुए परेशान, आरबीआई लगा सकता है जुर्माना
इस बार भी त्योहारों पर ज्यादातर एटीएम खाली रहे। इसके चलते ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। आउटसोर्स कंपनियों ने निर्देश के बाद भी नकदी नहीं भरी। ऐसे में आरबीआई जुर्माना लगा सकता है।
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कानपुर में त्योहार पर सभी प्रमुख बैंकों के एटीएम पर गुरुवार को नो कैश का बोर्ड या दफ्ती लगी रही। इसके चलते लोगों को परेशान होना पड़ा। जिन बैंकों के एटीएम में कैश नहीं था, उनकी रिपोर्ट मांगी गई है। उन पर आरबीआई जुर्माना लगा सकती है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि आउटसोर्स कंपनियों को एटीएम में कैश भरने के निर्देश दिए गए थे।
बर्रा दो में रहने वाले आशीष कुमार ने बताया कि वे गोविंदनगर स्थित दो एटीएम बूथ में गए लेकिन कैश नहीं था। इसके बाद गुमटी नंबर स्थित एक सरकारी बैंक के पास लगे बूथ गए तो वहां से भी खाली लौटना पड़ा। इसके बाद जीटी रोड स्थित एक एटीएम में कैश मिल सका।
इसी तरह सिविल लाइंस, गुमटी नंबर पांच, माल रोड, बिरहाना रोड समेत कई जगहों पर लगे एटीएम में यही हाल था। पिछले साल आरबीआई ने निर्देश जारी किया था कि जिन बैंकों के एटीएम लगातार 10 घंटे बंद रहते हैं या कैश नहीं रहता है, तो इन पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज के राजेंद्र अवस्थी ने बताया कि दो राष्ट्रीयकृत बैंक के एटीएम का संचालन बैंक ही करता है। अन्य सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम में रुपये भरने की जिम्मेदारी आउटसोर्स कंपनियों को दी गई है।
बैंक प्रबंधन ने छह में पांच दिन बैंक में अवकाश को देखते हुए एटीएम में रुपये रखने के निर्देश दिए थे। वी बैंकर्स एसोसिएशन के महामंत्री आशीष मिश्रा का कहना है कि आउटसोर्स कंपनियां मनमानी करती हैं। इनके खिलाफ बैंक प्रबंधन को कार्रवाई करनी चाहिए।