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Hardoi: आउटसोर्सिंग कर्मियों की पत्रावली गायब, निलंबित ईओ सहित दो पर प्राथमिकी
Sun, 16 Aug 2026 08:27 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 16 Aug 2026 08:27 PM IST
सार
Hardoi News: उच्च न्यायालय में दाखिल किए जाने के लिए तलाश पर पत्रावली नहीं मिली। मामला नगर पालिका शाहाबाद का है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नगर पालिका परिषद से अब आउटसोर्सिंग कर्मियों से जुड़ी पत्रावली नहीं मिल रही है। पत्रावली के गायब होने की जानकारी से निकाय में सनसनी फैल गई। अधिशासी अधिकारी सर्वेश कुमार ने तत्कालीन निलंबित अधिशासी अधिकारी सहित दो के विरुद्ध कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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नरग पालिका परिषद शाहाबाद का विवादों से नाता जुड़ गया है। अब नगर पालिका कार्यालय से आउटसोर्सिंग कर्मियों की पत्रावली तलाश किए जाने पर नहीं मिली है। बताया कि गया कि आउटसोर्सिंग कर्मियों से जुड़ी पत्रावली को उच्च न्यायालय से पारित एक आदेश के क्रम में उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना है। उच्च न्यायालय में पत्रावली को प्रस्तुत किए जाने के लिए तलाशने पर गायब होने की जानकारी सामने आई। पत्रावली के गायब होने पर ईओ सर्वेश कुमार ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। इसमें तत्कालीन निलंबित ईओ केके सोनकर और अधिष्ठान लिपिक शानस बाबू के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा है कि नगर पालिका में आउटसोर्सिंग से तैनात कर्मचारियों से संबंधित दस्तावेजों वाली फाइल कार्यालय में रखी थी। अधिष्ठान लिपिक का कहना है कि फाइल तत्कालीन निलंबित ईओ केके सोनकर को दी गई थी, लेकिन लिपिक के पास पत्रावली की रिसीविंग नहीं है। पत्रावली न मिलने से उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं हो पा रहा है। वहीं तत्कालीन निलंबित ईओ केके सोनकर सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ की तरफ से दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कोतवाल अरविंद कुमार राय ने बताया है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पत्रावली किन परिस्थितियों में गायब हुई और कौन जिम्मेदार है।
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