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Chirakoot: तीन भाइयों को बोलेरो ने रौंदा; एक की मौत और दो की गंभीर, होली का सामान लेने जा रहे थे, ये है आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 25 Feb 2026 04:01 PM IST
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सार

Chitrakoot News: सदर कोतवाली क्षेत्र में बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई और उसके दो भाई घायल हो गए। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Chirakoot Three brothers crushed by Bolero one dead two injured they were on their way to buy Holi items
रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
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विस्तार

चित्रकूट जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के गढ़ीवा के ओढ़नी भाैठी के पास बुधवार को बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन भाई घायल हो गए। तीनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां एक को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, दो का इलाज चल रहा है। परिजनों ने समय से एंबुलेंस न पहुंचने का आरोप लगाया है। शहर के बस स्टैंड निवासी बिजेंद्र कुमार शिवहरे (35) ने बताया कि वह परिजनों के साथ करीब 10 साल पहले गढ़ीवा में मकान बना कर रहते हैं और वहीं पर किराना व चाय समोसा की दुकान खोले हैं।

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बुधवार को होली पर्व व दुकान का सामान लेने के लिए भाई मानेंद्र कुमार शिवहरे (28) व ध्रुव शिवहरे के साथ बाइक से कर्वी बाजार निकले कि सामने से आई बोलेरो ने बाइक में टक्कर मार दी। इससे तीनों भाई बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े और घायल हो गए। सूचना पर पीआरवी व कोतवाली पुलिस पहुंची और जिला अस्पताल लेकर आए। वहां भाई मानेंद्र शिवहरे को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

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घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
अन्य दोनों भाइयों का डॉक्टरों ने इलाज शुरु किया। सूचना पर अन्य परिजनों व ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बोलेरो चालक को पकड़ लिया है। बताया कि वह तीन भाई ध्रुव शिवहरे, देवेंद्र शिवहरे, तीन बहन किरन, सुधा, गायत्री शिवहरे और मां मोहनी शिवहरे हैं। कोतवाल श्याम प्रताप पटेल ने बताया कि सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को लेकर अस्पताल में भर्ती कराया है।




समय पर पहुंच जाती एंबुलेंस तो बच जाती जान
मृतक की मां मोहनी देवी रोते हुए कह रही थी कि अगर समय में एंबुलेंस पहुंच जाती तो शायद बेटे की जान बच जाती। परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस को फोन करने के बाद समय से नहीं पहुंची है। मां ने कहा कि क्या एंबुलेंस धक्का देकर चल रही थी। अगर समय से मरीजों तक नहीं पहुंच सकती तो क्या फायदा एंबुलेंस चलाने का। वहीं एंबुलेंस के अधिकारियों का कहना है कि फोन आने के तुरंत बाद एंबुलेंस पहुंच गई थी। एक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। एंबुलेंस से ही दो घायलों को जिला अस्पताल लाया गया है।

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