परिवार पर टूटा पुलिसिया कहर: समाधान दिवस में फरियादी को बना दिया मुल्जिम, आहत बेटी ने खाया जहर
Banda News: न्याय की आस लेकर कोतवाली पहुंचे परिवार पर पुलिस का कहर टूटा। अभद्रता के आरोप से हड़कंप मच गया। युवती के जहर खाने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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न्याय की उम्मीद लेकर समाधान दिवस में पहुंचे एक परिवार की शिकायत सुनने के बजाय पुलिस ने फरियादी पक्ष का ही शांतिभंग में चालान कर दिया। घटना से आहत बेटी ने देर शाम जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित ने पुलिस पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है।
शहर के मर्दननाका निवासी शफीक अपनी पत्नी शाहीन और बेटी तबस्सुम के साथ पारिवारिक जमीन विवाद की शिकायत लेकर 21 मई को पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे थे। एसपी ने मामले के निस्तारण के लिए उसे समाधान दिवस पर शहर कोतवाली बुलाने के निर्देश दिए थे ताकि राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही विवाद सुलझाया जा सके। शनिवार को कोतवाली से कॉल कर उसे समाधान दिवस में बुलाया गया। वहीं शफीक के बड़े भाई शेरखान को भी तलब किया गया था।
पुलिस के अभद्र व्यवहार से आहत तबस्सुम ने खाया जहर
पीड़ित का आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल ही रही थी कि अचानक कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने शफीक को फटकारते हुए हिरासत में लेकर शांतिभंग में चालान कर दिया। इसके बाद उसकी पत्नी और बेटी को घर भेज दिया गया। परिजनों के मुताबिक घर पहुंचने के बाद इस घटना और कथित अभद्र व्यवहार से आहत 22 वर्षीय तबस्सुम ने जहर खा लिया।
मानसिक रूप से टूट गई बेटी
हालत बिगड़ने पर देर रात उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुचलके पर छूटने के बाद शफीक भी सीधे अस्पताल पहुंचा और आरोप लगाया कि कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने उसके परिवार के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया है। इससे उसकी बेटी मानसिक रूप से टूट गई और उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
एसडीएम के आदेश पर हुई शांतिभंग की कार्रवाई
शहर कोतवाल बलराम सिंह ने आरोपों से इन्कार किया है। बताया कि मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद का है। उनके मुताबिक शफीक का भाई अपना हिस्सा पहले ही बेच चुका था और खरीदार की मौत के बाद उसकी पत्नी को धमकाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी विवाद में एसडीएम की मौजूदगी में समझौते का प्रयास कराया जा रहा था, लेकिन बात नहीं बनी। कोतवाल का कहना है कि एसडीएम के आदेश पर शांतिभंग की कार्रवाई की गई और किसी प्रकार की अभद्रता नहीं हुई। मामले की जांच जारी है।