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Kanpur: देर से जागी कमिश्नरी पुलिस... साइबर ठग बनेंगे गैंगस्टर, कुर्क होगी संपत्ति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Mon, 18 May 2026 10:20 AM IST
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Cyber Fraudsters to be Booked Under Gangster Act; Assets to be Attached
यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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साइबर अपराध को कमिश्नरी पुलिस अब सामान्य ठगी नहीं बल्कि संगठित आर्थिक अपराध मानने जा रही है। हालांकि, वाराणसी कमिश्नरी और औरैया जैसे छोटे जिले पहले से ही इसे संगठित अपराध मानते हुए आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करते रहे हैं। इस मुद्दे पर शहर की पुलिस देर से जागी है। कमिश्नरी लागू होने के पांच साल बाद पहली बार पुलिस साइबर ठगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई करेगी। इससे ठगी से अर्जित संपत्तियों की कुर्की का रास्ता साफ हो जाएगा।


अब तक साइबर ठगी के आरोपी जेल तो जाते थे लेकिन गैंगस्टर की कार्रवाई न होने से उनकी अवैध कमाई से बनी संपत्तियां जब्त नहीं हो पाती थीं। वहीं, दूसरे जिलों में पहले से ही साइबर ठगी के आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर उनकी संपत्ति कुर्क की जाती रही है। अब पहली बार शहर में भी साइबर ठगों पर भी गैंगस्टर एक्ट का शिकंजा कसा जाएगा।
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पुलिस ऐसे सभी गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही है। इसमें गैंग के सक्रिय सदस्य, उनके बैंक खाते, फर्जी कंपनियां, प्रॉपर्टी, निवेश और लग्जरी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। गैंग चार्ट बनने से गैंगस्टर एक्ट लगाकर उनकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की संभव हो सकेगी। कई ऐसे मामलों की फाइलें तैयार हो रही हैं जिनमें ठगी से अर्जित रकम से जमीन, मकान, वाहन और व्यवसाय खड़े किए गए हैं। गैंगस्टर एक्ट के जरिये कार्रवाई होने से सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

गैंग चार्ट से कुर्की तक ऐसे होगी कार्रवाई
पुलिस पहले करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन, अंतरराज्यीय नेटवर्क या संगठित तरीके से अपराध वाले मामलों की सूची तैयार करेगी। साइबर सेल, बैंकिंग यूनिट और सर्विलांस टीम संदिग्ध खातों, क्रिप्टो वॉलेट, यूपीआई ट्रांजैक्शन, फर्जी कंपनियों और बेनामी निवेश का डेटा जुटाएगी। जांच में सामने आए हर सदस्य की भूमिका तय कर गैंग चार्ट बनाया जाएगा फिर गैंगस्टर एक्ट लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद कुर्की की जा सकेगी।

 

क्यों जरूरी है यह कार्रवाई
अब तक साइबर ठग गिरफ्तारी के बाद जमानत पर बाहर आकर फिर नेटवर्क खड़ा कर लेते थे क्योंकि उनकी आर्थिक ताकत सुरक्षित रहती थी। पुलिस की इस कार्रवाई से इन्हें आर्थिक रूप से भी कमजोर किया जाएगा जिससे आगे ऐसे वारदातों को बढ़ावा न मिले।


साइबर ठगों के गैंग चार्ट बनाने की तैयारी चल रही है। अब तक घटनाओं में पकड़े गए आरोपियों की संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। गैंगस्टर की कार्रवाई होने से आरोपियों की अवैध संपत्ति को जब्त किया जाएगा। - रघुबीर लाल,पुलिस कमिश्नर

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