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UP: कानपुर के ओईएफ में बनेंगे ड्रोन, देश की होगी पहली निर्माणी, IIT कानपुर से किया गया समझौता, टीम भी गठित

Wed, 08 Jul 2026 02:53 PM IST
Himanshu Awasthi अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 08 Jul 2026 02:53 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर की आयुध उपस्कर निर्माणी देश की पहली ऐसी आयुध इकाई बनने जा रही है, जहां ड्रोन का निर्माण होगा। आईआईटी कानपुर के साथ तकनीक साझा कर ओईएफ शुरुआत में निगरानी और लॉजिस्टिक्स ड्रोन तैयार करेगी।

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Drones to be manufactured at Kanpur OEF it will be the countrys first such production facility
डॉ. अनिल रंगा , सीजीएम, ओईएफ - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर शहर की सबसे पुरानी और ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) की इकाई आयुध उपष्कर निर्माणी कानपुर (ओईएफ) देश की पहली आयुध इकाई बनने जा रही है जहां ड्रोन का निर्माण होगा। इसके लिए मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। ड्रोन निर्माण की तकनीक विकसित करने और शोध कार्य के लिए आईआईटी कानपुर के साथ समझौता किया गया है। निर्माणी स्तर पर भी इसके लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है।

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शुरुआत में निगरानी और लॉजिस्टिक्स ड्रोन तैयार किए जाएंगे। आयुध उपष्कर निर्माणी की स्थापना शहर में 1859 में हुई थी। अब तक निर्माणी में सेना और सशस्त्र बलों के लिए विभिन्न प्रकार के टेंट, जूते और कपड़े से तैयार होने वाले रक्षा उत्पादों का निर्माण किया जाता रहा है। अब निर्माणी प्रबंधन ने नए अवसरों की ओर कदम बढ़ाया है। दरअसल ड्रोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।

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532 करोड़ रुपये का उत्पादन किया गया
इसी को देखते हुए ओईएफ ने इसे अपनी नई योजना में शामिल किया है। ओईएफ का रक्षा उत्पादन भी तेजी से बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्माणी ने 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है जो देश की सातों आयुध कंपनियों में सबसे अधिक है। इस अवधि में 532 करोड़ रुपये का उत्पादन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 600 करोड़ रुपये का उत्पादन लक्ष्य तय किया गया है। इसमें से करीब 90 करोड़ रुपये का उत्पादन लक्ष्य पहले ही हासिल किया जा चुका है।

ओईएफ को मिले 18 पेटेंट, सेना के लिए स्वदेशी उत्पादों पर जोर
रक्षा नवाचार के क्षेत्र में भी ओईएफ कानपुर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। निर्माणी को 18 उत्पादों के लिए पेटेंट प्राप्त हुए हैं। इन उत्पादों को सेना की क्षमता, सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। पेटेंट प्राप्त उत्पादों में चागुल यूनिवर्सल, मैट्रेस एमके-II कवर, टैंक फैब्रिक कोलैप्सिबल कवर, औद्योगिक सुरक्षा जूता, एंटी-स्किड जूता, फील्ड मेडिकल किट, फील्ड मेडिकल बैग, बुलेट रेसिस्टेंट वेस्ट, मॉड्यूलर टैक्टिकल वेस्ट, रकसैक 70 लीटर, मॉड्यूलर रकसैक, असॉल्ट पैक, हाइड्रेशन सिस्टम, स्लीपिंग बैग, बेड रोल और मॉड्यूलर ग्लव्स जैसे उत्पाद शामिल हैं।

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टीसीएल प्रबंधन के निर्देशन और सहयोग से आयुध उपष्कर निर्माणी कानपुर में अब ड्रोन को बनाया जाएगा। इसकी प्रकिया शुरू कर दी गई है। आईआईटी कानपुर से तकनीक समझौता किया गया है। शुरूआत में निगरानी और लॉजिस्टिक्स ड्रोन बनाने की तैयारी है। ओईएफ देश की पहली इकाई होगी जहां पर ड्रोन बनेंगे। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए निर्माणी को 18 पेटेंट भी मिले हैं। ओईएफ कानपुर का यह प्रयास देश की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।  -डॉ. अनिल रंगा, मुख्य महाप्रबंधक, आयुध उपष्कर निर्माणी कानपुर

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