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UP: उरई में खाकी और रसूख पर कोर्ट का चाबुक, छेड़छाड़ के मामले में भाजपा नेता और तत्कालीन एसएचओ पर FIR दर्ज

Wed, 08 Jul 2026 11:10 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 08 Jul 2026 11:10 AM IST
सार

Orai Molestation Case: एट थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर भाजपा नेता कार्तिक त्रिपाठी, तत्कालीन एसएचओ पंकज पांडेय, उपनिरीक्षक अभिषेक पोरवाल व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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Court cracks whip on police and political clout in Orai FIR  against BJP leader and SHO in case of molestation
भाजपा नेता और तत्कालीन एसएचओ की फाइल फोटो - फोटो : amar ujala

विस्तार

उरई जिले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अभिषेक खरे के आदेश पर एट कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक, दो अज्ञात पुलिसकर्मियों, भाजपा नेता व उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ एट थाने में विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। महिला का आरोप है कि इन लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। 

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न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। एट कस्बा निवासी एक महिला ने कोर्ट में वाद दायर करते हुए बताया था कि 26 फरवरी 2026 की शाम करीब सात बजे भाजपा नेता कार्तिक त्रिपाठी और उसके तीन साथियों ने उसके साथ छेड़छाड़, अभद्रता और अश्लील हरकतें कीं। महिला का आरोप है कि आरोपी लाल रंग की ब्रेजा कार में उसे जबरन बैठाकर ले जाने का प्रयास कर रहे थे।

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आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की
विरोध और शोर मचाने पर आरोपियों ने कार से कुचलने की कोशिश की, लेकिन आसपास मौजूद लोगों के पहुंचने पर वे मौके से भाग निकले। महिला का कहना है कि उसने तत्काल 1090 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। 28 फरवरी को एट थाने में तहरीर देने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

वीडियो बनाने का प्रयास करने पर मारपीट की
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज पांडेय अपने सरकारी आवास पर मुख्य आरोपी को संरक्षण दे रहे थे। महिला का कहना है कि जब उसने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो तत्कालीन एसएचओ, उपनिरीक्षक अभिषेक पोरवाल और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की, मोबाइल छीन लिया, अभद्रता की और समझौते का दबाव बनाते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।

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सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का अनुरोध
महिला ने बताया कि उसने पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राज्य महिला आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई अधिकारियों को शिकायत भेजी। साथ ही सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कोर्ट के आदेश पर एफआईआर
इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। प्रथम दृष्टया मामला पाए जाने पर न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में एट थाने में भाजपा नेता कार्तिक त्रिपाठी, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पंकज पांडेय, उपनिरीक्षक अभिषेक पोरवाल, दो अज्ञात पुलिसकर्मियों और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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