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Farrukhabad: बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव की धूम, सांसद ने रवाना की भव्य शोभायात्रा, शांति और सद्भाव का गूंजा जयघोष
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Fri, 01 May 2026 02:41 PM IST
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सार
Farrukhabd News: संकिसा में बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने भव्य शोभायात्रा का उद्घाटन किया। श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध की झांकियों के साथ स्तूप की परिक्रमा की और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
फर्रुखाबाद जिल में बौद्ध तीर्थ संकिसा में चल रहे दो दिवसीय बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव कार्यक्रम में शुक्रवार को धम्मा लोको बुद्ध विहार में सुबह 7:45 बजे भगवान बुद्ध की तीन झांकियां के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। इसका जौनपुर के सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने फीता काटकर शुभारंभ किया। बाबू सिंह कुशवाहा ने पंचशील का झंडा दिखाकर शोभा यात्रा को बौद्ध स्तूप के लिए ढोल नगाड़ों के साथ रवाना किया।
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शोभायात्रा में जब तक सूरज चांद रहेगा, बौद्ध धर्म का नाम रहेगा, मानव मानव एक समान बौद्ध धर्म की यही पहचान आदि जय घोष करते हुए चल रहे थे। बौद्ध स्तूप पर पहुंचकर सभी ने स्तूप के तीन चक्कर लगाए तथा मोमबत्ती एवं अगरबत्ती लगाकर पूजा अर्चना की। डॉ. धम्मपाल महाथैरो ने सभी को बुद्ध वंदना एवं परित्राण पाठ तथा धम्म पाठ कराया। बताया कि यह अचल चैत्य स्तूप केवल संकिसा की पावन धरती पर ही है।
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बुद्ध पूर्णिमा शांति का प्रतीक है
दुनिया में 84,000 बौद्ध स्तूप संकिसा में है। यह पूजा 2006 से अनवरत चल रही है। बुद्ध पूर्णिमा को बुद्ध उपदेशों को याद करते हैं। ढाई हजार वर्ष पहले भगवान बुद्ध को पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। बुद्ध ने 80 वर्ष की आयु में कुशीनगर में उपदेश दिए थे। बुद्ध पूर्णिमा शांति का प्रतीक है। श्रीलंका में हाथी पर बुद्ध की अस्थियों को रखकर पूजा करते हैं।
