दहशत की चीखें: बोला- ‘मैं काली का पुजारी’, ईंट-सिलबट्टे से कुचला मां का सिर, बहन पर भी किया हमला, पढ़ें मामला
Farrukhabad Son Killed Mother News: खुड़ना वैध गांव में बुधवार सुबह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे पंकज राठौर ने घर का दरवाजा बंद कर ईंट और सिल-बट्टे से सिर कुचलकर अपनी मां की हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पहुंची बहन सुषमा पर भी उसने हमला कर दिया, जिसे बाद में ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर बचाया।
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फर्रुखाबाद जिले के गांव खुड़ना वैध में युवक ने बुधवार सुबह 6:30 बजे ईंट व सिल-बट्टे से सिर कुचलकर अपनी मां को मार डाला। बचाने पहुंची बहन पर भी उसने हमला कर दिया। गर्दन दबाकर उसे मारने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर बचाया, तो उन पर भी ईंट-पत्थर से हमला कर दिया।
लोगों ने उसे पकड़कर पीटा और रस्सी से बांधकर गली में डाल दिया। युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। खुड़ना वैध निवासी मुन्नी देवी (55) के पति रामदुलारे राठौर की दो वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उनके बेटा शिवम, पंकज राठौर (30) व बेटी सुषमा (20) है।
मानसिक रूप से हो गया था बीमार
शिवम पत्नी के साथ पानीपत में रहकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। पंकज गांव मंझना स्थित बाजार में जनरल स्टोर की दुकान रखे है। करीब पांच वर्ष पूर्व वह मानसिक रूप से बीमार हो गया था। शहर के डॉक्टर से इलाज होने पर वह सही हो गया था। 15 दिन से उसकी मानसिक स्थिति फिर बिगड़ गई।
चारपाई पर शांत बैठा था और मां बर्तन धुल रही थीं
उसका फिर से उन्हीं डॉक्टर से इलाज शुरू हुआ था। उसने मंगलवार शाम को अपने चचेरे भाई ईश्वर दयाल की पत्नी उमाकांती पर हमला कर दिया था। वह किसी तरह बच सकी थीं। बुधवार सुबह बहन सुषमा घर से कुछ दूरी पर अहाते में जानवरों को चारा डालने गई थी। तब घर में पंकज चारपाई पर शांत बैठा था और मां मुन्नी देवी बर्तन धुल रही थीं।
दरवाजा बंद कर ईंट से हमला कर दिया
इसके बाद घर का दरवाजा बंद कर पंकज ने मुन्नी देवी पर ईंट से हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर पड़ोसी बचाने पहुंचे, पर उसने दरवाजा नहीं खोला। सुषमा के पहुंचने पर उसने कहा कि वह काली देवी का पुजारी है। वह मां का इलाज कर रहा है। उसने दरवाजा खोलकर बहन सुषमा को भी अंदर कर लिया और फिर दरवाजा बंद कर दिया।
गर्दन दबाने से बेहोश हो गई बहन
पंकज ने ईंट व सिल-बट्टे से मां के सिर पर कई वार किए। इससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। इसके बाद वह सुषमा पर हमलावर हो गया। वह भी घायल हो गई। गर्दन दबाने से बेहोश हो गई। ग्रामीणों ने बेलचे से दरवाजे की कुंडी तोड़कर उसे बचा लिया। वह ग्रामीणों पर भी ईंट-पत्थर से हमला करने लगा।
एंबुलेंस बुलाकर सीएचसी भेज दिया
किसी तरह लोगों ने उसे दबोच लिया और रस्सी से बांधकर डाल दिया। पुलिस ने छानबीन की और डॉक्टर की टीम के साथ एंबुलेंस बुलाकर पंकज को सीएचसी भेज दिया। वहां उसे भर्ती कर लिया गया है। वहीं, फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने एकत्र किए। शमसाबाद सीएचसी अधीक्षक अलीम अंसारी ने बताया कि पंकज के सिर में चोट लगी है।
सिर में गंभीर चोट लगने की पुष्टि
जब से वह भर्ती हुआ है, उसने ऐसी कोई हरकत नहीं की, जिससे यह लगे कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पांच वर्ष पूर्व पंकज के मानसिक रूप से बीमार होने की भी जानकारी मिली है। दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। सिर में गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है। तथ्यों और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुकान पर भी किया था विवाद
मां व बहन पर हमला करने की जानकारी पर पूरा गांव पंकज के दरवाजे पर एकत्र हो गया। सभी उससे दरवाजा खोलने की बात कह रहे थे। पर वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था। कह रह था कि वह काली देवी का पुजारी है, उस पर काली देवी आ गई हैं। लोगों ने बताया कि चार-पांच दिन पूर्व पंकज का दुकान पर भी किसी ग्राहक से विवाद हो गया था। तब लोगों ने किसी तरह उसे शांत किया था।
अब भाई को कुछ न हो
इधर, गर्दन दबाने से बेहोश हुई सुषमा जब होश में आई तो उसे यह पता नहीं था कि उसकी मां की मौत हो चुकी है। जब पुलिस ने शव को सील कर वाहन में रखा तब उसे जानकारी हुई कि उसकी मां की मौत हो चुकी है। इसके बाद वह अपने भाई के बारे में पूछने लगी। वह कह रही थी कि उसकी मां तो चली गई, अब भाई को कुछ न हो। उसके बड़े भाई शिवम को घटना की सूचना दी गई।
सीजोफ्रीनिया से पीड़ित हो सकता है हत्यारोपी
बहन सुषमा का कहना है कि पंकज का इलाज शहर के नेकपुर स्थित न्यूरो मेडिसिन व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मंजीत गंगवार से चल रहा था। इस संदर्भ में डॉ. मंजीत गंगवार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इलाज से संबंधित पर्चा देखने के बाद ही कुछ कह सकेंगे कि पंकज को क्या बीमारी थी।
मरीजों को तरह-तरह की आवाजें सुनाई देती हैं
लेकिन जिस तरह से पंकज ने हरकत की है, उसके संदर्भ में पूछने पर डॉ. मंजीत गंगवार ने बताया कि यह लक्षण सीजोफ्रीनिया के हैं। मरीज अपने आसपास के लोगों को दुश्मन मानने लगता है। इससे वह हमलावर हो जाता है। इस तरह के मरीजों को तरह-तरह की आवाजें सुनाई देती हैं। उन्हें भ्रम की भी स्थिति पैदा होती है। इलाज से इस तरह के मरीज ठीक हो जाते हैं।