नशा, कलह और मौत: शराब पीकर पड़ा था पति, मौत से जुझ रहे थे पत्नी-बच्चे, फिर चढ़ गई मासूम की बलि, पढ़ें पूरी कहानी
Tragic Incident In Fatehpur: धौरहारा में पति की शराब की लत और कलह से तंग आकर महिला ने दो बच्चों संग जहर खा लिया। छह वर्षीय बेटे की मौत हो गई है, जबकि महिला और एक अन्य बच्चा अस्पताल में जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहे हैं।
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फतेहपुर जिले में नशे के लती पति से तंग आकर महिला ने खेत में दो बच्चों समेत जहर खा लिया और तीसरे बच्चे को जहर देने की कोशिश की, लेकिन वह माैके से भाग निकला। उसने परिजन व ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। परिजन ने महिला और दोनों बच्चों को सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने छह वर्षीय बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
वहीं, महिला और उसके एक वर्षीय पुत्र को कानपुर रेफर किया गया है। थाना क्षेत्र के गांव धौरहारा निवासी रज्जन निषाद शराब का लती है। घर में पत्नी राजकली (30), पुत्री शिवानी (10), पुत्र शिवा (8), छोटू उर्फ राज (6), सौरभ (1) हैं। रज्जन नशे में अक्सर पत्नी-बच्चों को गाली-गलौज व पिटाई करता है। दोनों के बीच मंगलवार को भी विवाद हुआ।
पहले बच्चों को जहर दिया और फिर खुद पी लिया
इसके बाद राजकली घर से छोटू व सौरभ को लेकर करीब 100 मीटर दूर खेत पहुंची। साथ में वह पानी की बोतल, गिलास व जहर ले गई थी। महिला ने पानी में घोलकर पहले बच्चों को जहर दिया और फिर खुद पी लिया। घटना के समय शिवानी घर में नहीं थी। घटनास्थल से कुछ दूरी पर यमुना नदी से शिवा नहाकर घर लौट रहा था।
ग्रामीणों ने आनन फानन सीएचसी पहुंचाया
राजकली ने शिवा को भी पास बुलाकर जहर पिलाने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां से भाग निकला और पड़ोसियों और परिजन को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने राजकली और बेटों को तड़पता देखकर सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने छोटू को मृत घोषित कर दिया।
दोनों गंभीर हालत में कानपुर रेफर
राजकली और सौरभ की हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया, जहां से दोनों को कानपुर हैलट रेफर किया। प्रभारी थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला घरेलू कलह से जुड़ा है। घटना की जांच की जा रही है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मायके पक्ष ने कराया था समझौते का प्रयास
रज्जन के नशे का लती होने की वजह से घर में आए दिन कलह रहती थी। कुछ समय पहले थानाक्षेत्र के ही मंसूरपुर गांव से राजकली के मायके पक्ष से परिजन प्रधान को लेकर घर पहुंचे थे। उस दौरान प्रधान ने रज्जन को समझाने का प्रयास किया था। साथ ही मायके पक्ष के लोग राजकली को अपने साथ ले गए थे।
पति-पत्नी के बीच विवाद समाप्त नहीं हुआ था
बच्चों के मोह के चलते वह कुछ दिन बाद ससुराल लौट आई थी। इसके बाद भी पति-पत्नी के बीच विवाद समाप्त नहीं हुआ था। ग्रामीण महिलाओं में चर्चा रही कि राजकली ने सोचा होगा कि उसके मारने के बाद मासूम बच्चों क्या होगा, इसी वजह से बच्चों के साथ जान देने का प्रयास किया।
घटना के दौरान नशे में पड़ा रहा रज्जन
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के वक्त रज्जन निषाद नशे में ही घर में पड़ा रहा जबकि पूरे गांव में घटना से खलबली मची हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार रज्जन पहले गोवा में नौकरी करता था। वहां एक पैर में कुछ तकलीफ होने के कारण नौकरी छोड़कर दो वर्ष पहले गांव लौट आया था। गांव में रहने के दौरान दिन-रात शराब पीने लगा था।