UP: पांच साल में 4.12 वर्ग किलोमीटर बढ़ी हरियाली, प्रदेश में कानपुर को मिला तीसरा स्थान, पढ़ें FSI की रिपोर्ट
Kanpur News: वर्ष 2019 में फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में जिले में 2.09 फीसदी वन क्षेत्र बढ़ा था। यह सर्वे वर्ष 2017 का था। वहीं वर्ष 2021 में किए गए सर्वे की रिपोर्ट वर्ष 2023 में तैयार हुई। इसमें जिले के वन क्षेत्र में 4.12 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है।
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कानपुर जिले के वन क्षेत्र में पांच वर्षों में 4.12 वर्ग किलोमीटर से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके चलते फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में प्रदेश में कानपुर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। झांसी पहले और इटावा दूसरे स्थान पर है। रिपोर्ट में वन क्षेत्र और वन से इतर पेड़ों को भी हरित क्षेत्र में शामिल किया गया है।
जिले में वर्ष 2021 तक 66 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र था जो 2023 में बढ़कर 70.12 वर्ग किलोमीटर हो गया है। जिले में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम के साथ ही हर साल पौधरोपण होता है। प्रत्येक वर्ष 40 लाख से अधिक पौधे लगाए जाते हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर पौधे सूख जाते हैं या फिर इन्हें जानवर निवाला बना लेते हैं।
वन क्षेत्र में 4.12 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि
वर्ष 2018 से 2024 की बात करें तो पूरे जिले में 2.36 करोड़ पौधे रोपे गए। वर्ष 2025 में 42 लाख से अधिक पौधे रोपे गए। कानपुर नगर का क्षेत्रफल 3155 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 2019 में फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में जिले में 2.09 फीसदी वन क्षेत्र बढ़ा था। यह सर्वे वर्ष 2017 का था। वहीं वर्ष 2021 में किए गए सर्वे की रिपोर्ट वर्ष 2023 में तैयार हुई। इसमें जिले के वन क्षेत्र में 4.12 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है।
जिले में का वन क्षेत्र
वर्ष मध्यम वन खुले वन झाड़ियां कुल
2021 07 वर्ग किमी 59 वर्ग किमी 00 वर्ग किमी 66 वर्ग किमी
2023 8.53 वर्ग किमी 61.59 वर्ग किमी 3.39 वर्ग किमी 70.12 वर्ग किमी
वन विभाग ने लगाए पौधे
वर्ष पौधे
2018-19 13,84352
2019-20 28,48486
2020-21 36,10217
2021-22 44,23680
2022-23 39,95340
2023-24 31,05600
2024-25 4287700
वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 43.76 लाख पौधे रोपित किए गए। इनमें वन विभाग ने 14.20 लाख पौधे रोपित किए।
प्रत्येक दो वर्ष में सर्वे रिपोर्ट आती है। वर्ष 2017 के बाद से सर्वे नहीं हो पाया था। उस समय वन क्षेत्र में बढ़ोतरी 2.09 फीसदी थी। वर्ष 2023 में जारी की गई रिपोर्ट में 4.12 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र की बढ़ोतरी पाई गई। जिले में किए गए पौधरोपण को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। -दिव्या, प्रभागीय निदेशक वन