Farrukhabad: स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम के मंच पर उतरा करंट, चार छात्र झुलसे, एक गंभीर
Farrukhabad News: स्वतंत्रता दिवस पर फतेहगढ़ स्थित स्व. ब्रह्मदत्त स्टेडियम में पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान ग्रिल में उतरे करंट की चपेट में आकर चार छात्र झुलस गए। इनमें एक छात्र आयुष पाल गंभीर रूप से झुलसकर बेहोश हो गया। उसे पहले लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज तिर्वा, कन्नौज रेफर कर दिया गया।
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फतेहगढ़ स्थित स्वर्गीय ब्रह्मदत्त स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित क्रॉस कंट्री दौड़ के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। मंच पर चढ़ते समय लोहे की ग्रिल में उतरे करंट की चपेट में आने से चार छात्र झुलस गए।
इनमें से एक छात्र गंभीर रूप से झुलसकर बेहोश हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर खड़ी एम्बुलेंस का चालक गायब मिलने पर आक्रोशित छात्रों ने पथराव कर तोड़फोड़ कर दी। गंभीर छात्र को पहले लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उसे तिर्वा (कन्नौज) मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
तमाशबीन बने रहे कर्मचारी
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह फतेहगढ़ स्टेडियम से क्रॉस कंट्री दौड़ का आयोजन किया गया था। कैंट एरिया स्थित फायरिंग रेंज से दौड़ पूरी कर छात्र स्टेडियम लौटे, जिसके बाद सुबह करीब 8:30 बजे पुरस्कार वितरण समारोह शुरू हुआ। मंच पर सजावट के लिए की गई बिजली व्यवस्था का एक कटा हुआ तार स्टेज की ग्रिल से छू रहा था, जिससे पूरी ग्रिल में हाई वोल्टेज करंट उतर आया।
जैसे ही विजेता छात्रों को मंच पर बुलाया गया, ग्रिल पकड़कर चढ़ने की कोशिश में बच्चे झटका खाकर गिरने लगे। इसी दौरान बढ़पुर ब्लॉक के रायपुर निवासी आयुष पाल पुत्र पूर्व प्रधान सत्येंद्र पाल ग्रिल में आ रहे करंट से चिपक कर छटपटाने लगा।
आरोप है कि मौके पर मौजूद स्टेडियम कर्मचारी मदद करने के बजाय तमाशबीन बने रहे। तभी आयुष के साथी मोहित पाल ने अपनी जान जोखिम में डालकर ग्रिल के ऊपर से छलांग लगाई और बिजली का तार हटाया। करंट छूटते ही आयुष बेसुध होकर नीचे गिर पड़ा।
एम्बुलेंस चालक गायब देख भड़के छात्र
बेहोश छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाने के लिए जब साथी छात्र बाहर खड़ी नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट एम्बुलेंस के पास पहुँचे, तो उसका चालक चाय पीने गया हुआ था और चाबी गायब थी। वहीं, इमरजेंसी ड्यूटी के लिए तैनात रहने वाली 108 एम्बुलेंस मौके से नदारद थी।
आपात स्थिति में एम्बुलेंस न चलने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पथराव कर एनएमएमयू एम्बुलेंस के शीशे तोड़ दिए। मौके पर पहुँची फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस ने किसी तरह छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
इसके बाद NMMU के डॉ. अभिनव अपनी निजी कार से गंभीर आयुष को लोहिया अस्पताल ले गए, जहाँ से हालत चिंताजनक होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज तिर्वा रेफर कर दिया। घटना को लेकर स्टेडियम व्यवस्थापक और बिजली ठेकेदार की घोर लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।