तीन मासूमों की मौत: चीखें 'दिल चीर गईं', लाचार पिता और बेबस मां, बोले- पल भर में सबकुछ खत्म हो गया, पढ़ें मामला
Hamirpur News: छानी खुर्द गांव में तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। पिता रमेश श्रीवास पहले से ही विकलांगता और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में बिजली-पानी के संकट के चलते लोग तालाब पर जाने को मजबूर थे, जिससे यह अनहोनी हुई।
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हमीरपुर जिले में छानी खुर्द गांव निवासी रमेश श्रीवास ने डेढ़-दो वर्ष पहले बीमारी के कारण अपना दाहिना हाथ गंवाने वाले रमेश ने हार नहीं मानी। वह एक हाथ से प्रेस का ठेला चलाकर परिवार का पेट पाल रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार को हुए हादसे में घर के तीनों चिराग बुझ गए।
निवर्तमान प्रधान प्रतिनिधि अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि रमेश के तीन ही बच्चे थे। बच्चों के शव घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घर के बाहर महिलाओं और रिश्तेदारों की भीड़ जुटी रही। सांत्वना देने पहुंचे लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
आज भी कच्चे मकान में रहता है परिवार
ग्रामीणों के अनुसार रमेश भूमिहीन है। उसके पास न खेती है और न ही कोई अन्य स्थायी आय का साधन। गांव और आसपास के क्षेत्रों में ठेला लगाकर कपड़ों में प्रेस करने का काम ही उसके परिवार की आजीविका का सहारा था। परिवार आज भी कच्चे मकान में रहता है।
परिवार के लिए बच्चे ही सबसे बड़ी उम्मीद थे
ग्रामीणों का कहना है कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल सका है। आर्थिक तंगी के बीच किसी तरह गुजर-बसर कर रहे परिवार के लिए बच्चे ही सबसे बड़ी उम्मीद थे। बृहस्पतिवार सुबह तक जिन बच्चों की आवाजें घर में गूंज रही थीं शाम को वही घर सन्नाटे में डूब गया।
बच्चों की मौत ने परिवार को सदमे में डाल दिया
रमेश के अनुसार पार्वती गर्भवती भी है। तीन बच्चों की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। शिवेंद्र और रुद्रांश गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे जबकि मांडवी अभी छोटी थी। मौदहा सीओ राजकुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई कर शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
बोतलें निकालते समय गहरे पानी में चले गए तीनों बच्चे
रमेश ने बताया कि बच्चों को नहलाने के बाद घर जाने के लिए कहा गया था। इसके बाद तीनों बच्चे तालाब किनारे स्थित नीम के पेड़ के पास खेलने लगे। तालाब से बच्चों को निकालने वाले सोनू और चतुरवा ने बताया कि बच्चे पानी में पड़ी बोतलें निकाल रहे थे।
एक ही स्थान पर डूबे मिले तीनों
इसी दौरान वे तालाब के गहरे हिस्से में पहुंच गए। कुछ देर तक दिखाई नहीं देने पर तलाश शुरू की गई। काफी खोजबीन के बाद तीनों बच्चे एक ही स्थान पर डूबे मिले। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में भी मातम छा गया। हर किसी की आंखें नम थीं।
बिजली-पानी संकट को लेकर उठे सवाल
ग्रामीण विमल शुक्ला ने बताया कि आंधी-तूफान में कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। आरोप है कि करीब एक सप्ताह बाद भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी जिससे पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीण प्रमोद साहू का कहना है कि लोग नहाने और कपड़े धोने के लिए तालाबों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
आपूर्ति तत्काल बहाल करने के निर्देश
सदर एसडीएम अभिषेक कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने और मामले की जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग को आपूर्ति तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही बिजली शुरू करवा दी जाएगी। पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता भी की जाएगी।
ये था पूरा मामला
बिवांर थाना क्षेत्र के छानी खुर्द गांव में गुरुवार को तीन सगे भाई-बहन की तालाब में डूबने से मौत हो गई। वहीं सदर कोतवाली और सिसोलर क्षेत्र में भी दो किशोरों की डूबने से जान चली गई। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। छानी खुर्द निवासी रमेश धोबी की पत्नी पार्वती गुरुवार सुबह बच्चों शिवेंद्र (10), रुद्रांश (8) और मांडवी (5) के साथ गांव के पास तीनमढ़ी अमृत सरोवर तालाब पर कपड़े धोने गई थीं।
गहरे पानी में चले गए और डूब गए
वहां पार्वती कपड़े धोने में व्यस्त थीं। इसी दाैरान तीनों बच्चे तालाब में नहाने के दाैरान गहरे पानी में चले गए और डूब गए। पार्वती के चिल्लाने पर ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकालकर सीएचसी छानी बुजुर्ग पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर बिवांर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद सीएमओ डॉ. अलका शुक्ला, सदर एसडीएम अभिषेक कुमार और मौदहा सीओ राजकुमार पांडेय भी सीएचसी पहुंचे और परिजन से घटना की जानकारी ली।
चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी
सदर एसडीएम ने बताया कि पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परिजन को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद के निर्देश दिए।