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UP: आयकर ने जब्त की 30 करोड़ की संपत्तियां…कुर्की की तैयारी, कानपुर के कई सरकारी अधिकारी-उद्यमी भी रडार पर

अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 24 Jan 2026 10:04 AM IST
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सार

Kanpur News: आयकर विभाग ने पिछले छह महीनों में  विभिन्न शहरों में 30 करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त की है। इसमें इटावा के जसवंतनगर में नोएडा के निलंबित ओएसडी रविंद्र यादव का 16 करोड़ का स्कूल भी शामिल है। सहारनपुर और झांसी में भी फर्जी नामों पर खरीदी गई संपत्तियां अटैच की गई हैं।

Income Tax department seizes properties worth 30 crore several government officials from Kanpur under scanner
आयकर विभाग टीम की गाड़ियां - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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देश के बड़े शहरों के साथ-साथ अब छोटे शहरों में भी बेनामी संपत्तियों का खुलासा होने लगा है। आयकर विभाग के बेनामी प्रकोष्ठ ने पिछले छह महीनों में 30 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। इनमें 16 करोड़ रुपये की एक संपत्ति इटावा के जसवंतनगर में जब्त की गई है। यह कार्रवाई विभाग की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। मेरठ, झांसी, सहारनपुर और नोएडा जैसे शहरों में भी इसी अवधि में महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।

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यहां जब्त की गई संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कानपुर में भी कई सरकारी अधिकारी और उद्यमी विभाग की जांच के दायरे में हैं। आयकर विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, बेनामी प्रकोष्ठ इकाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने काले धन के खिलाफ एक बड़ी मुहिम चलाई है। जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच विभाग ने आठ से अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बेनामी घोषित कर जब्त किया है। आयकर विभाग में बेनामी प्रकोष्ठ का गठन वर्ष 2016 में हुआ था।

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नोएडा के ओएसडी की पत्नी के नाम संपत्ति
उत्तर प्रदेश विजिलेंस ने वर्ष 2023 में नोएडा विकास प्राधिकरण में ओएसडी पद पर तैनात रहे रविंद्र यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की थी। 13 फरवरी 2023 को उन्हें निलंबित भी कर दिया गया था। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की जिसमें जसवंतनगर में एक पांच मंजिला स्कूल का खुलासा हुआ। इस स्कूल के निर्माण में काली कमाई का इस्तेमाल किया गया था। 8,200 वर्ग मीटर में बने इस होटलनुमा स्कूल की जमीन ओएसडी की पत्नी सुमन यादव के नाम पर थी।

दोस्तों से लगवाई रकम, स्रोत अज्ञात
स्कूल के निर्माण से पहले, आरएस एजुकेशन सोसाइटी नामक एक ट्रस्ट बनाया गया था जिसके बैंक खातों में 2015 से 2017 के बीच करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ था। जांच के दौरान यह पता चला कि ओएसडी के दोस्तों ने अपने सुगंध के कारोबार से अर्जित पूंजी इसमें लगाई थी लेकिन वह इस आय के स्रोत को स्पष्ट नहीं कर पाए। स्कूल को केवल 30 साल की लीज पर दिया गया था, जिसके बाद यह संपत्ति मूल मालिक के नाम पर होनी थी।

कर्मचारियों के नाम पर बांटी गई संपत्ति
सहारनपुर के चर्च ग्राउंड में 1.68 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया गया है। इस संपत्ति को चार भागों में बांटकर कर्मचारियों के नाम पर किया गया था। यह खुलासा एक बड़े कारोबारी के यहां आयकर छापे के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच से हुआ। जांच में पाई गई संपत्तियों के दस्तावेजों में नकद में जमीन खरीदने का उल्लेख था, जिसे अधिकारियों ने पकड़ा। इस मामले में भी आय के स्रोत का खुलासा नहीं हो सका था। कर्मचारियों ने अपने बयान में कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी।

एक दिन में करोड़ों का लेनदेन
झांसी में 1.24 करोड़ रुपये की एक संपत्ति जब्त की गई है। यह जमीन एससी-एसटी समुदाय के लोगों से खरीदी दिखाई गई थी और बाद में इसे दो अन्य लोगों को बेच दिया गया था। जिस व्यक्ति से जमीन खरीदी गई थी उसके खाते में पहले बड़ी रकम डाली गई और फिर उसी दिन निकाल ली गई। इसके अलावा कई पोस्ट-डेटेड चेक भी दिए गए थे जो कभी क्लियर नहीं हुए। इस तरह की वित्तीय अनियमितताओं के कारण कारोबारी आयकर विभाग के जाल में फंस गया और वह अपनी आय का स्रोत नहीं बता पाया।

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