कानपुर: ‘चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी’, गर्भवती के लिए देवदूत बनीं महिला RPF सिपाही, सुरक्षित प्रसव कराया
Kanpur News: कानपुर सेंट्रल आरपीएफ पोस्ट पर तैनात महिला कांस्टेबलों पूजा गुप्ता और विनीता ने ऑपरेशन मातृशक्ति के तहत मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। ट्रेन संख्या 15708 के सामान्य कोच में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस पर दोनों महिला सिपाहियों ने डॉक्टरों से समन्वय कर सुरक्षति प्रसव कराया।
विस्तार
कानपुर में खाकी वर्दी में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली आरपीएफ की महिला सिपाही जरूरत पड़ने पर ममता और संवेदना की मिसाल भी बन रही हैं। ऑपरेशन मातृशक्ति के तहत कांस्टेबल पूजा गुप्ता और विनीता ने ट्रेन में प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती महिला की मदद कर उसे सुरक्षित प्रसव में सहयोग दिया। डॉक्टरों के साथ समन्वय बनाने से लेकर प्रसव के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने तक, दोनों ने तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।
दो अगस्त को ट्रेन नंबर 15708 के सामान्य कोच में सफर कर रही गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ऐसी आपात स्थिति में महिला सिपाही पूजा गुप्ता और विनीता ने बिना देर किए मोर्चा संभाल लिया। दोनों ने डॉक्टरों से संपर्क कर जरूरी चिकित्सकीय सहायता के लिए समन्वय किया और चादरों की ओट बनाकर प्रसव के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने में मदद की। विशेष प्रशिक्षण नहीं होने के बावजूद उन्होंने डॉक्टरों के सहयोग से प्रसव कराने में अहम भूमिका निभाई।
एक दर्जन से अधिक मामलों में बनीं मददगार
इसके बाद प्रसूता और नवजात की देखभाल में भी सहयोग किया। ऑपरेशन मातृशक्ति के तहत आरपीएफ की महिला सिपाहियां अब तक ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों पर एक दर्जन से अधिक मामलों में प्रसव के दौरान महिलाओं की मदद कर चुकी हैं। सफर के बीच अचानक आई इस मुश्किल घड़ी में उनकी तत्परता प्रसूताओं के लिए संबल बनी है। जरूरत के समय चिकित्सकीय सहायता जुटाने, सुरक्षा का भरोसा देने और प्रसूता की देखभाल में उनकी भूमिका अहम रही है।
एलसीटी के पद पर तैनात हैं विनीता
पूजा गुप्ता कानपुर सेंट्रल आरपीएफ पोस्ट पर कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं और नौबस्ता के संजय गांधी नगर की निवासी हैं। वहीं, विनीता एलसीटी के पद पर तैनात हैं। वह झांसी जिले के सिमरधा गांव की रहने वाली हैं। दोनों ने अपने कार्य से संदेश दिया कि वर्दी की पहचान केवल कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट में फंसे लोगों का सहारा बनना भी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।