UP: ‘तमंचे का इंतजार था…', साला बोला- इंतजाम हुआ तो डकैती डाली, चलती बस में रची गई थी साजिश, कानपुर लूटकांड
Kanpur Shyam Nagar Robbery Case: श्यामनगर में शिक्षक के घर हुई लूट की घटना को पुलिस ने डकैती में बदल दिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि शिक्षक का साला प्रशांत उर्फ मोनू ही इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड था, जिसने चलती बस में साथियों के साथ मिलकर साजिश रची थी। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि लूटे गए माल की आनुपातिक बरामदगी अभी बहुत कम हुई है।
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विस्तार
कानपुर में जीजा के घर डकैती डलवाने के मास्टर माइंड साले प्रशांत उर्फ मोनू के चेहरे पर जेल जाते वक्त कोई शिकन नहीं दिखी। पेशेवर अपराधी मोनू ने गुरुवार को हुई पुलिस की पूछताछ में बताया कि जीजा के घर डकैती डालने की साजिश, तो एक महीने पहले से ही थी लेकिन तमंचे का इंतजाम नहीं हो पा रहा था।
विजय उर्फ लाला ने जब तमंचा खरीदा तब सोमवार को डकैती को अंजाम दिया। वहीं, बुधवार तक लूट मान रही पुलिस ने वारदात में पांच लोगों के शामिल होने पर इसे डकैती बताया है। लूट में दर्ज मुकदमे को गुरुवार शाम डकैती में तरमीम कर दिया है। मोनू ने पुलिस को बताया कि उसे पता था कि जीजा शरदचंद्र के स्कूल जाने के बाद कमरे का दरवाजा तो खुला ही रहता है।
बच्ची से जानकारी पाकर पुलिस ने मोनू को संदेह में लिया
कभी-कभी मेनगेट भी बंद नहीं किया जाता। सोमवार को करीब 11:30 बजे उसने खुद ही कमल के साथ जाकर मेनगेट चेक किया, तो वह खुला था। बस, इसके बाद कमल, रफीक और शफीक गेट के रास्ते ही घर में घुसे। मेनगेट चेक करते हुए उसे सामने रहने वाली एक बच्ची ने देख लिया था। उसी बच्ची से जानकारी पाकर पुलिस ने मोनू को संदेह के घेरे में लिया था।
पत्नी व बेटे को बंधक बनाकर लूटपाट की थी
बता दें कि तीन अगस्त को सुबह 11:45 बजे मंगला विहार निवासी प्रशांत की रेकी पर ही बदमाशों ने श्यामनगर सी ब्लाॅक निवासी शिक्षक शरद चंद्र के घर पर उनकी पत्नी रचना व बेटे देवांश को बंधक बनाकर लूटपाट की थी। मोनू शरद के हरदोई निवासी सगे भाई डॉ. मयंक का सगा साला है, जबकि मोनू की बहन प्रज्ञा हरदोई में कानूनगो हैं। हैरत की बात है कि शरद ने जब वारदात की जानकारी मयंक को दी।
किसी को मोनू पर संदेह नहीं हो सका
तब प्रज्ञा ने ही मोनू को फोन कर कहा कि जल्दी दीदी के घर जाओ वहां बड़ी वारदात हो गई है। इसके बाद मोनू जीजा शरद के घर पहुंचा और उनसे बोला कि चोरों की इतनी हिम्मत की इस घर में चोरी करें। उस वक्त पुलिस भी वहां मौजूद थी, लेकिन किसी को मोनू पर संदेह नहीं हो सका। वारदात के खुलासे के बाद प्रज्ञा का कहना है कि अच्छा होता पुलिस मोनू का भी एनकाउंटर कर देती।
चलती बस में बनती रही डकैती की साजिश
गिरफ्तार मोनू ने पुलिस को बताया कि वारदात से चार दिन पहले ही उसके मोबाइल का बैलेंस खत्म हो गया इसलिए वह अपनी बस के ड्राइवर के फोन से साथी बदमाशों से बात करता था। उसकी प्राइवेट बस रामादेवी से मंधना के बीच चलती है। रामादेवी में विजय, कमल, रफीक और शफीक मिलते थे और मंधना तक जाते-आते डकैती की साजिश रची जाती थी।
पारिवारिक ड्रामा देख पुलिस ने फिर किसी को नहीं बुलाया
मोनू को पकड़कर जब पुलिस शिक्षक के सामने ले गई और उसने घटना स्वीकार की तो शरद हैरत में पड़ गए। वह फौरन पुलिस अधिकारियों से बोले कि एक बार डॉ. मयंक को बुला लें वही इसका फैसला करेंगे। जब डॉ. मयंक हरदोई से आए तो वह कहने लगे कि पत्नी यानि की मोनू की बहन प्रज्ञा को बुलवा लें फिर कोई फैसला करें। पुलिस ने जब पारिवारिक ड्रामा शुरू होते देखा तो फिर किसी को भी बुलाने से मना कर दिया।
लाखों की डकैती और बरामदगी रत्ती भर
शिक्षक ने पांच लाख के गहने और डेढ़ लाख नकद ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस की बरामदगी न के बराबर रही। पुलिस के मुताबिक बदमाशों से चांदी की तीन बिछिया, दो कड़े और एक पायल के अलावा एक जोड़ी टॉप्स ही बरामद किए गए। नकद में सिर्फ 20 हजार रुपये मिले। मोनू का कहना था कि साथियों ने उसे भी यही बताया था कि नकली ज्वैलरी और सात हजार रुपये ही शिक्षक के घर से हाथ लगे हैं।
डकैती के दो और आरोपी गिरफ्तार, एक कैंसर पीड़ित
पुलिस ने गुरुवार को डकैती के शेष दो आरोपियों जूही निवासी हिस्ट्रीशीटर रफीक और रावतपुर के विजय उर्फ लाला को पीएसी मोड़ के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक रफीक मुंह के कैंसर से पीड़ित है। करीब 60 साल की उम्र में भी उसकी आपराधिक प्रवृत्ति खत्म नहीं हुई। रफीक हाल ही में जेल से छूटा है। पुलिस ने फिलहाल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
रामादेवी के पास स्थित एक स्कूल के नजदीक बाइक छोड़ दी थी
हालांकि, जिस अपाचे बाइक से वारदात की गई उसका कुछ अता-पता नहीं है। मामले का खुलासा करते हुए एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह का कहना है कि बदमाशों के मुताबिक उन्होंने रामादेवी के पास स्थित एक स्कूल के नजदीक बाइक छोड़ दी थी, लेकिन अभी मिली नहीं है। बाइक फतेहपुर से चोरी की गई थी। उसका पता किया जा रहा है। रफीक और मोनू की मुलाकात दो साल पहले कानपुर जेल में ही रफीक हुई थी। रफीक पर 12 तो मोनू पर 14 आपराधिक मामले दर्ज हैंं। विजय ऑटो चलाता है। शफीक ने ही देवांश के हाथ में चाकू मारा था।
ये है पूरा मामला
चकेरी के श्यामनगर-सी ब्लॉक में सोमवार को दिनदहाड़े शिक्षक के घर घुसे तीन बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर करीब 12 लाख की लूटपाट की। तमंचे और चाकू के बल पर चाबी लेकर पांच अलमारियों से गहने, नकदी समेट ले गए। बदमाशों ने घर में करीब 40 मिनट तक वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान पास-पड़ोस के लोगों को भनक तक नहीं लगी।
सीसीटीवी में तीन बदमाश कैद
करीब एक घंटे बाद जब नौकरानी पहुंची तो उसने किचन में बंद मां-बेटे को निकाला। पुलिस और फॉरेंसिक की टीम ने जांच की। डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि मोहल्ले के एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में बाइक सवार तीन बदमाश कैद हुए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
बदमाश ने कनपटी पर तमंचा लगा दिया
भल्ला टटियन निवासी शरदचंद्र त्रिपाठी श्यामनगर के एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं। सोमवार करीब 11:45 बजे शरद स्कूल में थे। घर में पत्नी रचना और बेटा देवांश (17) थे। रचना ने पुलिस को बताया कि वह किचन में खाना बना रही थीं। तभी पीछे से आए बदमाश ने इनकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया। बगल के कमरे से देवांश आया तो उसे भी दो बदमाशों ने चाकू की नोक पर बंधक बना लिया। तीनों बदमाशों के चेहरे रुमाल और गमछे से ढके हुए थे।
पांच अलमारियां खोलीं, जेवर और नकदी समेट ले गए
बेटे ने एक बदमाश से भिड़ने का प्रयास किया तो बदमाश ने बेटे पर चाकू से हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गया। इसके बाद बदमाशों ने रचना से अलमारियों की चाबी ली। दोनों को दूसरे कमरे में ले जाकर उनके सामने एक-एक कर सभी पांच अलमारियां खोलीं, जिसमें रखे जेवर और नकदी समेट ले गए।