सिकटिया का ‘शापित आंगन’: चार साल में मुखिया समेत पांच बेटों की मौत, सतीश महाना ने बढ़ाया मदद का हाथ, कही ये बात
Kanpur Sikatiya Village Family Tragedy: सिकटिया गांव में बीते चार वर्षों में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौतों ने कोहराम मचा दिया है। घर में अब केवल बुजुर्ग मां, मानसिक रूप से बीमार बेटा और दो बच्चियां बची हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार की मदद के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना आगे आए हैं।
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कानपुर में महाराजपुर थाना क्षेत्र के सिकटिया गांव में रहने वाले गुप्ता परिवार पर बीते चार वर्षों से मौत का साया मंडरा रहा है। 48 माह के भीतर घर के मुखिया किशन कुमार गुप्ता सहित पांच बेटों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है।
लगातार आ रही मौतों और कर्ज के बोझ से टूट चुका यह परिवार अब पूरी तरह बेसहारा हो गया है। घर में अब 70 वर्षीय बूढ़ी मां, बड़ा बेटा शंकर जो मानसिक रूप से अस्वस्थ और पैरों से कमजोर है, बेटी खुशबू और एक नाबालिग भतीजी ही बची हैं, जिसके माता-पिता पहले ही गुजर चुके हैं।
चंदा इकट्ठा कर दोनों का अंतिम संस्कार कराया
कमाने वाला कोई नहीं बचा। अंतिम दो मौतें एक सप्ताह के भीतर हुई हैं। आर्थिक तंगी इतनी थी कि ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर दोनों का अंतिम संस्कार कराया। परिवार भूख, बीमारी और कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। गांव में इसे शापित आंगन कहकर लोग दुख जता रहे हैं।
हर संभव मदद का भरोसा दिलाया
सिकटिया गांव के भाजपा नेता अवनेश तिवारी के अनुसार पीड़ित परिवार की खबर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना तक पहुंची। उन्होंने तेरहवीं संस्कार के लिए आर्थिक सहायता भेंट करते हुए परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। महाना ने कहा कि सरकार और पार्टी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है।