Kanpur: बहू-बेटे ने बुजुर्ग मां के दांत-पसलियां तोड़ी, पुलिस ने इंसाफ की जगह कमरे में जड़ा ताला, पढ़ें मामला
Kanpur News: बिठूर में बेटे और बहू ने बुजुर्ग मां की बेरहमी से पिटाई कर उनकी पसलियां तोड़ दीं। पुलिस की अनदेखी के बाद अब कमिश्नर के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई है और कोर्ट ने भरण-पोषण का आदेश दिया है।
विस्तार
कानपुर में नौ महीने का दर्द सहकर बेटे को जन्म दिया। इसके बाद अंगुली पकड़कर उसे चलना सिखाया, आज उसी बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर बुजुर्ग मां के चार दांत और पसलियां तोड़ दीं। जिस बेटे के दांत निकलने पर मां खुशी के सागर में समा गई होगी, उसी बेटे ने झोली में असहनीय पीड़ा भर दी।
बेटे ने तो पसलियां तोड़ीं, न्याय के लिए कई बार थाने के चक्कर काटने वाली मांं की उम्मीद तब टूट गई, जब पुलिस ने बहू-बेटे का साथ देकर उनके कमरे में ताला डलवा दिया। मामला बिठूर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की ताे हरकत में आई बिठूर थाना पुलिस ने आरोपी बेटे-बहू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं
बहलोलपुर मंधना गांव निवासी मीरा त्रिवेदी (67) पत्नी शिवप्रकाश ने पुलिस को बताया कि बेटा नवनीत और बहू उनको पीटते हैं। घर में रहने नहीं देते। बेटे और बहू ने उन्हें इतनी बुरी तरह से पीटा कि चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं। इस कारण हैलट के आईसीयू में उनका इलाज किया गया, तब उनकी जान बच सकी।
कमरे पर बेटे-बहू से ताला लगवा दिया
आरोप है कि बिठूर थाने पहुंचकर कई बार बेटे-बहू के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने उनके कमरे पर बेटे-बहू से ताला लगवा दिया। पीड़िता के अनुसार, उनके व पति के पास न तो पहनने के लिए कपड़े हैं और न ही सोने के लिए बिस्तर हैं। दोनों लोग मकान के ऊपरी कमरे में रहने लगे।
नीचे का कमरा खुलवाने की गुहार लगाई
बार-बार जीने चढ़ने और उतरने में परेशानी के चलते अब दंपती ने पुलिस कमिश्नर से नीचे का कमरा खुलवाने की गुहार लगाई है। बिठूर इंस्पेक्टर प्रेमनारायण विश्वकर्मा ने बताया कि सीपी के आदेश पर बेटे नवनीत और उसकी पत्नी पर जानबूझकर चोट पहुंचाने और मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
भरण पोषण के लिए हर माह देने होंगे तीन हजार रुपये
पीड़िता के अनुसार बेटे और बहू का रवैया न सुधरने पर उन्होंने कोर्ट उपजिलाधिकारी सदर में वरिष्ठ नागरिक उप्र भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम (2007) के तहत वाद दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने 17 जनवरी को बेटे को प्रति माह की सात तारीख को तीन हजार रुपये भरण पोषण के लिए जमा करने का आदेश दिया है।
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