Kanpur: पोस्टमार्टम हाउस में ड्यूटी से नदारद रहे डॉक्टर, फोन भी नहीं उठाया…ठंड के बीच 16 शवों का लगा अंबार
Kanpur News: कानपुर पोस्टमार्टम हाउस में शुक्रवार को उर्सला के दो डॉक्टरों के देरी से पहुंचने और फोन न उठाने के कारण 16 शवों का अंबार लग गया। भीषण ठंड में घंटों इंतजार कर रहे परिजनों की अधिकारियों से झड़प हुई, जिसके बाद सीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
विस्तार
कानपुर के पोस्टमार्टम हाउस में शुक्रवार को डॉक्टरों के ड्यूटी पर समय से न पहुंचने के कारण सुबह से शवों की संख्या बढ़ गई। दोपहर 1.30 बजे तक अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 16 शव पुलिसकर्मी लेकर पहुंचे। लेकिन उर्सला के डॉक्टर आशीष मिश्रा और डॉ मुन्नालाल के समय से ना पहुंचने के कारण लोगों को भीषण ठंड में ठिठुरना पड़ा। परिजन पोस्टमॉर्टम के इंतजाम में घंटों बैठे रहे। इधर-उधर दौड़ते रहे।
लेकिन, डॉक्टर ही नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के कारण कई बार लोगों की फार्मासिस्ट और पोस्टमार्टम प्रभारी नवनीत चौधरी से तीखी नोंकझोंक हुई। दोपहर दो बजे डॉक्टर मुन्नालाल के पहुंचने पर पोस्टमार्टम की शुरूआत हो सकी। इसी बीच किसी ने सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी को फोन पर शिकायत कर दी। सीएमओ ने भी फोन कर पोस्टमॉर्टम हाउस के प्रभारी से जानकारी ली।
डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी का फोन भी नहीं उठाया
वजह पूछी तो प्रभारी ने बताया कि महीने की एक से सात तारीख उर्सला के डॉक्टरों की ड्यूटी में हर बार लापरवाही करते है। चकेरी के मृतक प्रशांत के ताऊ जयकरन ने बताया कि सुबह से वह लोग इंतजार कर रहे हैं। कब पोस्टमार्टम होगा और कब वह लोग महोबा शव लेकर जाएंगे। इसी तरह सचेंडी निवासी बंदी रामपाल का शव गुरुवार दोपहर आ गया था, लेकिन पैनल की प्रक्रिया में दो दिन से बैठे हैं। डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी का फोन भी नहीं उठाया।
परिजनों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की बात कही
पीड़ित परिजन ठंड में ठिठुरते रहे। परिजन कार्यालय आकर फार्मासिस्ट से जानकारी करने लगे, जिस पर फार्मासिस्ट ने डॉक्टरों के न आने की जानकारी दी। परिजन गुस्सा गए और शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही। उन्होंने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी डॉ. नवनीत चौधरी से शिकायत की। उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन ड्यूटी पर न पहुंचने वाले दोनों डॉक्टरों ने फोन ही नहीं उठाया।
